नर्मदा घाट पर गूंजा गुरु सम्मान का भाव, गुड मॉर्निंग क्लब ने शिक्षकों को किया सम्मानित
शिक्षक दिवस पर मा रेवा योग सेवा संगठन ने आयोजित किया सम्मान समारोह, शिक्षकों के योगदान को किया नमन
स्वराज वाणी संवाददाता | जिला ब्यूरो चीफ गौतम साल्वे
Mandleshwar । शिक्षक दिवस के अवसर पर मा रेवा योग सेवा संगठन (गुड मॉर्निंग क्लब) द्वारा नर्मदा घाट पर विशेष शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने नगर के शिक्षकों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान की भावना व्यक्त की। नर्मदा के पावन तट पर आयोजित समारोह में गुरुजनों के प्रति सम्मान, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला।
समारोह के दौरान शिक्षकों को पुष्पमाला एवं सम्मान के माध्यम से अभिनंदित किया गया। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने कहा कि शिक्षक समाज की ऐसी महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की सीख देकर उनके भविष्य को दिशा प्रदान करते हैं।
शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि गुड मॉर्निंग क्लब से जुड़े कई सदस्य स्वयं शिक्षक हैं। ये शिक्षक प्रतिदिन विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करता है। उसके मार्गदर्शन से विद्यार्थी न केवल अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है, बल्कि आगे चलकर समाज और देश के विकास में भी योगदान देता है।
अग्रवाल ने कहा कि जिन शिक्षकों ने अपने शिक्षक धर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में अपना जीवन समर्पित किया है, उनका सम्मान करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
शिक्षकों के प्रति व्यक्त किया सम्मान और आभार
नर्मदा घाट पर आयोजित समारोह में नगर के अनेक शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपाध्याय सर, लखनलाल, श्याम डोंगरे, पवार सर, जीवन कुशवाहा, अजीत चौहान, रामबक्स यादव, मनीष डोंगरे, मनीष तिवारी, संजय पटेल, ओमप्रकाश अग्रवाल, महेश पाटीदार, विष्णु पाटीदार, श्रीराम सिंह पीपलदे, दीपक चौबे, धर्मेंद्र चौहान, नंदकिशोर डोंगरे एवं राजेंद्र वर्मा सहित अन्य शिक्षकों का अभिनंदन किया गया।
सम्मान के दौरान संगठन के सदस्यों ने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। शिक्षकों ने भी आयोजन के लिए संगठन के सदस्यों का धन्यवाद किया।
शिक्षा के साथ संस्कार देना भी शिक्षक की जिम्मेदारी
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल विद्यार्थियों को किताबों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह उन्हें अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाता है।
वर्तमान समय में जब विद्यार्थियों के सामने अनेक चुनौतियां हैं, ऐसे में शिक्षक उनका मार्गदर्शन कर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नर्मदा तट पर दिखा आत्मीय वातावरण
नर्मदा घाट पर आयोजित सम्मान समारोह में आत्मीय एवं सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। संगठन के सदस्यों ने शिक्षकों का स्वागत किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
पावन नर्मदा तट पर गुरुजनों के सम्मान का यह आयोजन उपस्थित लोगों के लिए भी प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक दिन शिक्षकों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन गुरुजनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में निरंतर योगदान देते हैं।
सम्मान समारोह के बाद नाश्ते की व्यवस्था
शिक्षक सम्मान समारोह के पश्चात गुड मॉर्निंग क्लब की ओर से उपस्थित शिक्षकों एवं सदस्यों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की गई। सभी ने आपसी सौहार्द और आत्मीयता के साथ इस आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
गुरुजनों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी
क्लब अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। वे केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के मूल्यों और जिम्मेदारियों से भी परिचित कराते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे गुरुजनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षक सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने से आने वाली पीढ़ियों में भी गुरुजनों के प्रति सम्मान और संस्कार की भावना मजबूत होगी।
राधेश्याम जोशी ने माना आभार
कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से राधेश्याम जोशी सर ने सभी उपस्थित शिक्षकों, संगठन के सदस्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से शिक्षक सम्मान समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नर्मदा घाट पर आयोजित यह समारोह गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सामाजिक सरोकार का सुंदर उदाहरण बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता हैं और उनके योगदान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
