Gold-Silver के दामों में उतार-चढ़ाव: दिल्ली सराफा बाजार में नरमी, MCX पर तेजी
सोने-चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख
Gold-Silver Rate : 25 अप्रैल 2026 को देश के सराफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी के दामों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। जहां दिल्ली के सराफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई, वहीं MCX पर दोनों धातुओं में तेजी का रुख रहा।
यह उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों के कारण देखा जा रहा है।
सराफा बाजार में नरमी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹1,55,900 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
इसी तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली और यह लगभग ₹2,47,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें कुछ हजार रुपये की कमी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना है।
MCX पर दिखी मजबूती
इसके विपरीत मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के दामों में तेजी देखी गई। जून डिलीवरी वाले सोने में लगभग ₹922 प्रति 10 ग्राम की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹1,52,683 के स्तर तक पहुंच गया।
वहीं चांदी में भी मजबूत उछाल देखने को मिला। मई डिलीवरी वाली चांदी में ₹3,000 से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह ₹2,44,877 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
यह तेजी बाजार में बढ़ती मांग और निवेशकों की सक्रियता को दर्शाती है।
चांदी में मामूली बढ़त
गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को चांदी की कीमत में मामूली तेजी दर्ज की गई। इसमें लगभग ₹100 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद चांदी का भाव ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
हालांकि सोने की कीमतों में इस दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया और यह लगभग स्थिर बनी रही।
IBJA के अनुसार सोने के भाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, बाजार बंद होने के समय 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,51,480 प्रति 10 ग्राम (बिना GST और मेकिंग चार्ज) रही।
वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,47,840 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यह आंकड़े देशभर के औसत बाजार रुझानों को दर्शाते हैं।
वैश्विक कारणों का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों से भी प्रभावित हो रहा है।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता भी इसका एक प्रमुख कारण है।
भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता, निवेशकों को सतर्क कर रही है।
विशेषज्ञों की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, सोने की कीमतें फिलहाल दबाव में हैं और यह हाल के दो सप्ताह के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत डॉलर और स्थिर ब्याज दरों के कारण सोने जैसे बिना रिटर्न वाले निवेश विकल्पों की मांग सीमित हो गई है।
उनके मुताबिक, जब तक वैश्विक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता और नहीं बढ़ती, तब तक सोने में बड़ी तेजी की संभावना कम है।
निवेशकों के लिए संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सोने और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को बाजार के रुझानों पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
25 अप्रैल 2026 को सोना-चांदी के बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां दिल्ली सराफा बाजार में नरमी रही, वहीं MCX पर तेजी दर्ज की गई।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं के दाम फिलहाल अस्थिर बने हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इनकी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
