—Advertisement—

,

Gold-Silver Rates गिरावट: चांदी 1.91 लाख रुपये सस्ती, सोना 44 हजार रुपये नीचे

Author Picture
Published On: 6 February 2026
Gold-Silver Rates Fall: Silver Down by ₹1.91 Lakh, Gold Drops ₹44,000
— Gold-Silver Rates Fall: Silver Down by ₹1.91 Lakh, Gold Drops ₹44,000

—Advertisement—

Gold-Silver के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver की कीमतें हाल ही में रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ गई हैं। इस गिरावट का कारण मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक बाजार में आई उतार-चढ़ाव और निवेशकों की मुनाफावसूली बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी लंबे समय तक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर रहने के बाद अब अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं।

आजतक बिजनेस डेस्क के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को सोना और चांदी दोनों ही लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। मल्टी कमोडिटी मार्केट में चांदी और सोने के दाम भरभराकर टूटे। सुबह के समय चांदी 5,000 रुपये गिरकर 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोने में 1,000 रुपये की गिरावट आई और यह 1.50 लाख रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा था।

रिकॉर्ड हाई से गिरावट

29 जनवरी 2026 को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर था, जो इसके लिए रिकॉर्ड हाई था। शुक्रवार तक चांदी का भाव 2.29 लाख रुपये पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि चांदी में लगभग 1.91 लाख रुपये की गिरावट आई है।

सोने की स्थिति भी कुछ कम नहीं है। 29 जनवरी को सोने का भाव 1.93 लाख रुपये था, जो शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गया। इसका मतलब है कि सोने की कीमत में लगभग 44 हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।

इस भारी गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। निवेशक सोच रहे हैं कि क्या सोना और चांदी फिर कभी अपने रिकॉर्ड हाई पर लौट पाएंगे।

Gold-Silver ईटीएफ में भी नुकसान

सिर्फ भौतिक सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी शुक्रवार को भारी गिरावट आई।

  • कोटक सिल्वर ETF सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जिसमें 10% तक की गिरावट आई।
  • HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF लगभग 9% नीचे आए।
  • बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, लगभग 6%।
  • गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% नीचे और जेरोधा गोल्ड ETF 5% गिरा।

इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली और अमेरिकी डॉलर में मजबूती को बताया जा रहा है।

Read Also : Gold -Silver महंगी होने पर भी स्मार्टफोन और AC की कीमतें क्यों नहीं बढ़ती

गिरावट के पीछे के कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता कई कारणों से आई है:

  1. फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीद – केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक की कड़ी नीतियों की संभावना निवेशकों को सतर्क कर रही है।
  2. मजबूत अमेरिकी डॉलर – डॉलर की मजबूती ने सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाला है।
  3. मार्जिन में बढ़ोतरी – सीएमई द्वारा सोने और चांदी के कारोबार पर मार्जिन बढ़ाने से कीमतों में गिरावट आई।
  4. मुनाफावसूली – रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए तेजी से बिकवाली की।

इन कारणों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गिरावट

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली।

  • सोने की कीमत 4% गिरकर 4,887 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
  • चांदी में 9% की गिरावट हुई और इसका भाव 78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

वैश्विक बाजार में निवेशकों की बेचैनी और टेक सेक्टर में बिकवाली ने इस गिरावट को और तेज किया।

क्या सोना और चांदी वापस रिकॉर्ड हाई पर पहुंचेंगे?

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी में उछाल आ सकता है।

  • Goldman Sachs का अनुमान है कि सोना 2026 में 4,900 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
  • चांदी के मामले में विशेषज्ञ मानते हैं कि उद्योग में मांग और वैश्विक अनिश्चितता के कारण यह फिर से रिकॉर्ड हाई के करीब या उससे ऊपर जा सकती है।
  • Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग का संतुलन जरूरी है।

यदि जियो-पॉलिटिकल तनाव, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी लगातार बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं।

निवेशकों के लिए सुझाव

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना और चांदी में निवेश करने से पहले हमेशा वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए। बाजार में अस्थिरता और उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष

Gold-Silver की कीमतों में हालिया गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और मांग-सप्लाई के संतुलन के कारण भविष्य में कीमतों में उछाल आ सकता है।

वर्तमान समय में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और मुनाफावसूली के दौर में विवेकपूर्ण निर्णय लेना आवश्यक है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp