Gold-Silver का भाव लगातार उच्च स्तर पर: सोना ₹1.38 लाख, चांदी ₹2.43 लाख प्रति किलो
नई दिल्ली: Gold-Silver के बाजार में तेजी का दौर 29 दिसंबर 2025 को लगातार पांचवें कारोबारी दिन भी जारी रहा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹205 बढ़कर ₹1,38,161 तक पहुँच गया। वहीं चांदी का भाव ₹15,376 बढ़कर ₹2,43,483 प्रति किलो हो गया। इस उछाल ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की रुचि और बढ़ा दी है।
सालभर में Gold-Silver की बढ़त
31 दिसंबर 2024 को सोने का भाव ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, जो अब तक लगभग ₹61,999 बढ़ चुका है। चांदी का भाव उसी समय ₹86,017 प्रति किलो था, जो अब तक ₹1,57,466 बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों से हुई है। डॉलर की कमजोरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों ने इस तेजी को गति दी है।
शहरों में अलग-अलग रेट क्यों
IBJA द्वारा घोषित रेट में 3% GST, ज्वेलरी मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होते। यही कारण है कि अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में अंतर दिखाई देता है।
- RBI और गोल्ड बॉन्ड: रिजर्व बैंक सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की दरें इसी रेट के आधार पर तय करता है।
- बैंकों का गोल्ड लोन: बैंक गोल्ड लोन की ब्याज दर भी इसी रेट पर निर्भर करती है।
इसलिए निवेशक और खरीदार अपने शहर के रेट और शुल्क को ध्यान में रखकर ही खरीदारी करते हैं।
Gold की तेजी के मुख्य कारण
Gold के दामों में लगातार बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- डॉलर की कमजोरी: डॉलर कमजोर होने से भारतीय मुद्रा में सोने की कीमतें बढ़ती हैं।
- भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर मोड़ा।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: कई देशों के केंद्रीय बैंक सोने की बड़ी मात्रा में खरीद कर रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव: शेयर बाजार की अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता ने सोने की मांग बढ़ा दी।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोने की कीमतों में यह तेजी अगले कुछ महीनों तक बनी रह सकती है।
Silver की बढ़त के कारण
Silver के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण औद्योगिक मांग और उत्पादन की सीमाएँ हैं:
- औद्योगिक उपयोग: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की बढ़ती जरूरत।
- स्टॉकिंग: अमेरिकी और अन्य देशों की कंपनियां चांदी का स्टॉक कर रही हैं।
- उत्पादन में कमी का डर: खानों से चांदी का उत्पादन सीमित होने की संभावना भी दाम बढ़ाने में मदद कर रही है।
इसका मतलब है कि चांदी की कीमत सिर्फ निवेश के लिए नहीं बल्कि उद्योगों में भी तेजी से बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए संभावनाएँ
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार:
- चांदी: अगले वर्ष ₹2.75 लाख प्रति किलो तक पहुँच सकती है। इस साल के अंत तक यह ₹2.10 लाख प्रति किलो पर रह सकती है।
- सोना: अगले साल सोने का भाव ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पार कर सकता है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि यह समय सोने और चांदी में लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए उपयुक्त है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरताओं के बीच सुरक्षित संपत्ति की मांग बढ़ रही है।
निवेश और खरीदारी के टिप्स
- लॉन्ग टर्म निवेश: सोने और चांदी को दीर्घकालिक निवेश के रूप में रखना फायदेमंद है।
- बाजार की निगरानी: रोजाना रेट और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर ध्यान दें।
- GST और मेकिंग चार्ज: खरीदारी से पहले GST और मेकिंग चार्ज का हिसाब रखें।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: गोल्ड और सिल्वर ई-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम रेट देखें।
- विभिन्न शहरों के रेट: अलग-अलग शहरों में रेट और शुल्क का अंतर होता है, इसलिए उसी अनुसार योजना बनाएं।
इन सावधानियों से निवेशक और खरीदार सुरक्षित और लाभकारी निवेश कर सकते हैं।
बाजार की भविष्यवाणी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले साल में सोना और चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
- वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव सोने की मांग बढ़ाएंगे।
- औद्योगिक उपयोग और उत्पादन की सीमाएँ चांदी की कीमतों को ऊँचा रखेंगी।
- निवेशक, ज्वेलर्स और उद्योगपति दोनों इस समय सोने और चांदी में निवेश के लिए अवसर देख सकते हैं।
इस तेजी के चलते सोना और चांदी सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं बल्कि औद्योगिक और ज्वेलरी उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण बनी रहेंगी।
निष्कर्ष
सोना और चांदी ने 29 दिसंबर 2025 को नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचकर निवेशकों और बाजार में बड़ी हलचल मचा दी। लगातार पांचवें दिन सोने का भाव ₹1.38 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.43 लाख प्रति किलो दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अगले साल भी जारी रह सकती है। निवेशक और खरीदार इस समय सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
सोने और चांदी की इस लगातार बढ़ती कीमत ने निवेशकों की उम्मीदें और नजरें बढ़ा दी हैं। आने वाले समय में यह दो कीमती धातुएँ निवेश और औद्योगिक उपयोग दोनों के लिए अहम बनी रहेंगी।

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