Indore में सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल, बाजार में भारी हलचल
Indore के सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण कीमती धातुओं के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
सोना 8000 रुपये महंगा, रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा
इंदौर बाजार में आरटीजीएस रेट पर सोना 8000 रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 1,59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी निवेशकों और सराफा व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से सोने में लगातार मजबूती देखी जा रही थी, लेकिन इस बार की तेजी ने बाजार को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों को मजबूत समर्थन मिला है।
चांदी में भी जोरदार उछाल, 9000 रुपये की बढ़त
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज बढ़त दर्ज की गई है। इंदौर में चांदी की कीमत 9000 रुपये बढ़कर 2,78,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के कारण देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में अस्थिरता अधिक रहती है, इसलिए इसमें तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर घरेलू कीमतों पर
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कॉमेक्स पर सोना 4701.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी 87.04 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पार पहुंच गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाना और वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाया दबाव
भारतीय रुपये में लगातार कमजोरी भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण है। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
इंदौर सराफा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि जब तक रुपये में स्थिरता नहीं आती, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
आयात शुल्क में बढ़ोतरी का असर
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में सोने और चांदी के आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बाद कुल टैक्स बोझ (जीएसटी सहित) लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और आयात को नियंत्रित करना बताया जा रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घरेलू कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
तस्करी बढ़ने की आशंका
सराफा कारोबारियों ने आशंका जताई है कि आयात शुल्क बढ़ने से सोने की तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। उनका कहना है कि जब पहले आयात शुल्क कम किया गया था, तब अवैध कारोबार में कमी आई थी।
मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश शास्त्री के अनुसार, वर्तमान टैक्स ढांचा बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे कानूनी व्यापार को बढ़ावा मिले और अवैध गतिविधियों पर रोक लगे।
ज्वैलरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की मांग
सराफा एसोसिएशन ने सरकार से भारतीय ज्वैलरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की मांग की है। उनका कहना है कि भारत में कुशल कारीगर और मजबूत डिजाइनिंग क्षमता मौजूद है, जिसे बढ़ावा देकर निर्यात को बढ़ाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार निर्यात नीति को मजबूत करे तो भारत वैश्विक ज्वैलरी बाजार में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
बाजार में वोलैटिलिटी जारी रहने की संभावना
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वैश्विक घटनाएं, डॉलर की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें इस पर बड़ा असर डालेंगी।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे मौजूदा स्थिति में सावधानी के साथ निवेश करें और बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखें।
निष्कर्ष
इंदौर सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई यह तेज उछाल घरेलू और वैश्विक दोनों परिस्थितियों का परिणाम है। एक ओर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने बाजार को प्रभावित किया है।
आने वाले समय में बाजार की स्थिरता वैश्विक हालात और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशक और व्यापारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
