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Gold-Silver के दामों में गिरावट: 17 जून को घरेलू बाजार में नरमी, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

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Published On: 17 June 2026
Gold and Silver Prices Drop in India on June 17 After Recent Rally

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Gold-Silver के दामों में गिरावट: 17 जून को घरेलू बाजार में नरमी, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

भारतीय सर्राफा बाजार में आज कमजोरी का रुख

नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में 17 जून को Gold-Silver की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। पिछले कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज होने के बाद आज बाजार में नरमी का माहौल रहा। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के अनुसार दोनों कीमती धातुओं के भावों में गिरावट दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

22 कैरेट Gold फिसलकर 1.38 लाख रुपये के आसपास

IBJA के ताजा रेट्स के अनुसार 22 कैरेट सोने की कीमत आज घटकर लगभग ₹1,38,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गई है। एक दिन पहले तक इसमें तेजी का रुझान देखा गया था, लेकिन आज इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई।

23 कैरेट सोने की कीमत ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम के पार बनी हुई है, जबकि 24 कैरेट सोना भी विभिन्न शहरों में अलग-अलग दरों पर कारोबार कर रहा है। दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे बड़े बाजारों में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,51,510 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,51,360 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा।

प्रमुख शहरों में सोने के भावों की स्थिति

देश के प्रमुख महानगरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला है। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोना करीब ₹1,38,890 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद में यह कीमत लगभग ₹1,38,740 से ₹1,38,790 के बीच दर्ज की गई।

चेन्नई में सोने के भाव अन्य शहरों की तुलना में अधिक रहे। वहां 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,40,590 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना करीब ₹1,53,370 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और मांग-आपूर्ति के आधार पर शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव लगभग 4,344.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है।

चांदी में भी नरमी, निवेशकों की चिंता बढ़ी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू बाजार में चांदी का भाव घटकर लगभग ₹2,64,900 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव करीब 70.43 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है। औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण चांदी की कीमतों में भी अस्थिरता देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतें केवल निवेश ही नहीं बल्कि औद्योगिक उपयोग पर भी काफी निर्भर करती हैं, इसलिए इसमें अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान गिरावट को लंबे समय का ट्रेंड नहीं माना जा सकता। यह एक अस्थायी करेक्शन हो सकता है, जो पिछले दिनों की तेजी के बाद मुनाफावसूली का परिणाम है।

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और बाजार की दिशा को समझकर ही निवेश करें। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों की स्थिति सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

ग्रामीण और शहरी मांग का असर

भारत में सोने की मांग पर ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों का असर पड़ता है। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों के दौरान मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।

वर्तमान समय में बाजार सामान्य मांग के चरण में है, जिसके कारण कीमतों में स्थिरता और हल्की गिरावट देखी जा रही है।

वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के समय सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश के रूप में जाना जाता रहा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, जैसे कि डॉलर में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव या ब्याज दरों में बदलाव, तब निवेशक पूंजी की सुरक्षा के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि कीमतों में हल्की गिरावट आने के बावजूद सोने की मांग में लगातार स्थिरता बनी रहती है। भारत जैसे देश में तो पारंपरिक रूप से भी सोने को संपत्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, जिससे इसकी दीर्घकालिक मांग और मजबूत हो जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा है। कभी-कभी मुनाफावसूली के कारण कीमतों में गिरावट आती है, लेकिन दीर्घकाल में सोना अपनी मजबूती बनाए रखता है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के आधार पर इसमें समय-समय पर बदलाव देखने को मिलते हैं। इसलिए निवेशकों को घबराने के बजाय दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सोना हमेशा मूल्य संरक्षण का विश्वसनीय साधन माना गया है।

निष्कर्ष

17 जून को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन इसका असर निवेशकों की रणनीति पर साफ देखा जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आने वाले दिनों में बाजार में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्कता के साथ बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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