Gold-Silver Rate Update: सोना-चांदी की गिरावट पर ब्रेक,
बीते कई कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव में चल रहे Gold-Silver के दामों में आखिरकार गिरावट का सिलसिला थम गया है। मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। खास बात यह रही कि चांदी के वायदा भाव में एक ही झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जबकि सोना भी 5,000 रुपये से अधिक महंगा होकर खुला।
लगातार पांच कारोबारी दिनों तक गिरावट झेलने के बाद आई इस तेजी ने निवेशकों और बाजार सहभागियों को राहत दी है। हालांकि, तेजी के बावजूद सोना और चांदी दोनों ही अभी अपने ऑल टाइम हाई लेवल से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं।
बीते दिनों क्रैश का दबाव, अब बदला रुख
पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी जा रही थी। खासकर चांदी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इसके भाव रिकॉर्ड स्तर से करीब दो लाख रुपये तक टूट गए थे।
लेकिन मंगलवार को बाजार खुलते ही तस्वीर बदलती नजर आई। MCX पर फ्यूचर्स ट्रेडिंग की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुओं में तूफानी तेजी दर्ज की गई, जिसने यह संकेत दिया कि निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है।
Silver की कीमतों में जबरदस्त उछाल
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में जोरदार तेजी देखने को मिली।
- सोमवार को MCX पर चांदी का बंद भाव: ₹2,36,261 प्रति किलोग्राम
- मंगलवार को ओपनिंग के साथ भाव पहुंचा: ₹2,57,480 प्रति किलोग्राम
इस तरह चांदी की कीमत में एक ही झटके में ₹21,000 से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया। यह तेजी उन निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्होंने हालिया गिरावट में भारी नुकसान झेला था।
ऑल टाइम हाई से अब भी काफी सस्ती चांदी
मंगलवार को आई इस तूफानी तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी नीचे कारोबार कर रही है।
गौरतलब है कि 29 जनवरी को MCX पर चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार ₹4 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था। उस दिन चांदी का उच्चतम स्तर ₹4,30,048 प्रति किलो रहा था।
वर्तमान भाव की तुलना करें तो चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹1,62,568 सस्ती मिल रही है। यही वजह है कि बाजार में यह चर्चा तेज है कि क्या यह निवेश के लिए सही मौका हो सकता है।
Gold की कीमतों में भी आई मजबूती
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मंगलवार को दमदार तेजी देखने को मिली।
- सोमवार को MCX Gold का बंद भाव: ₹1,43,991 प्रति 10 ग्राम
- मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भाव पहुंचा: ₹1,49,485 प्रति 10 ग्राम
इस तरह 24 कैरेट सोना ₹5,494 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। लगातार गिरावट के बाद सोने में आई इस तेजी ने ज्वेलर्स और निवेशकों दोनों को राहत दी है।
गोल्ड भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे
सोने के भाव में तेजी के बावजूद यह अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी नीचे बना हुआ है।
MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स ने 29 जनवरी को ही अपना ऑल टाइम हाई छुआ था। उस दिन सोने का उच्चतम स्तर ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।
मंगलवार की तेजी के बाद भी सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹43,611 सस्ता कारोबार कर रहा है। यानी, मौजूदा स्तरों पर सोना अभी भी काफी डिस्काउंट पर उपलब्ध माना जा रहा है।
क्यों आई अचानक यह तेजी?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी में आई इस तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- निचले स्तरों पर खरीदारी: भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते दामों पर खरीदारी की।
- शॉर्ट कवरिंग: फ्यूचर्स मार्केट में शॉर्ट पोजिशन लेने वालों ने मुनाफा बुक किया।
- ग्लोबल संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में स्थिरता के संकेत मिले।
- डॉलर में नरमी: डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी से भी गोल्ड-सिल्वर को सपोर्ट मिला।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
हालिया तेजी के बाद बाजार में यह सवाल उठने लगा है कि क्या गिरावट पूरी तरह थम गई है या यह सिर्फ एक तकनीकी उछाल है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे का रुख वैश्विक आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगा।
हालांकि, रिकॉर्ड हाई से भारी गिरावट के बाद मौजूदा स्तरों पर सोना और चांदी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकते हैं। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
लगातार गिरावट के बाद मंगलवार को Gold-Silver की कीमतों में आई जोरदार तेजी ने बाजार में नई उम्मीद जगाई है। चांदी का ₹21,000 और सोने का ₹5,000 का उछाल साफ दिखाता है कि निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मौजूद है।
हालांकि, दोनों कीमती धातुएं अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे हैं, जिससे निवेश के मौके बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह तेजी टिकाऊ साबित होती है या बाजार फिर से दबाव में आता है
