सर्राफा बाजार अपडेट: Silver में ₹2,800 की जोरदार उछाल, Goldस्थिर;
नई दिल्ली:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव और कूटनीतिक हलचलों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार (सर्राफा बाजार) में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक ओर Silver की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया, वहीं सोने (सोना) के दाम लगभग स्थिर बने रहे। 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश के बाद जब बाजार दोबारा खुला तो निवेशकों और व्यापारियों में भारी हलचल देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक तनाव, खासकर बड़े देशों के बीच कूटनीतिक खींचतान और आर्थिक अस्थिरता के कारण कीमती धातुओं में निवेश की मांग बढ़ी है। इसी कारण सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश (safe haven) विकल्प के रूप में एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
Silver की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों में उत्साह
आज के कारोबारी सत्र में चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी, जो पिछले सत्र में ₹2,52,750 प्रति किलो पर बंद हुई थी, वह शुरुआती कारोबार में ही ₹2,867 की बढ़त के साथ ₹2,55,617 प्रति किलो तक पहुंच गई।
हालांकि, खुदरा बाजार में चांदी की कीमतों में इससे भी अधिक तेजी देखने को मिली। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, चांदी की कीमतें लगभग ₹15,000 की बढ़त के साथ ₹2,70,000 प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड करती नजर आईं। इस अप्रत्याशित तेजी ने निवेशकों और व्यापारियों दोनों को आश्चर्य में डाल दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग में वृद्धि, वैश्विक आपूर्ति में बाधाएं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण चांदी की कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है। चांदी केवल निवेश का साधन ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक उत्पादन में भी व्यापक रूप से उपयोग होती है, जिससे इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
सोने के भाव में सीमित उतार-चढ़ाव
दूसरी ओर, सोने (सोना) की कीमतों में आज अपेक्षाकृत स्थिरता देखी गई। शुरुआती कारोबार में MCX पर 5 जून डिलीवरी वाला सोना लगभग ₹250 से ₹400 तक गिरावट के साथ ₹1,54,404 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि, दिन के आगे बढ़ने के साथ सोने की कीमतों में हल्की रिकवरी भी देखी गई और खुदरा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,55,350 प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में फिलहाल बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना सीमित है और यह अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर ही आगे दिशा तय करेगा।
सोना हमेशा से ही एक सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं। हालांकि, फिलहाल बाजार में संतुलन की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण सोने के दाम स्थिर दिखाई दे रहे हैं।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा गया है। यह अंतर स्थानीय करों, ट्रांसपोर्ट लागत और क्षेत्रीय मांग पर निर्भर करता है।
- दिल्ली: 24 कैरेट – ₹1,55,500 | 22 कैरेट – ₹1,42,550 | 18 कैरेट – ₹1,16,660
- मुंबई: 24 कैरेट – ₹1,55,350 | 22 कैरेट – ₹1,42,400 | 18 कैरेट – ₹1,16,510
- इंदौर: 24 कैरेट – ₹1,55,400 | 22 कैरेट – ₹1,42,450 | 18 कैरेट – ₹1,16,560
- भोपाल: 24 कैरेट – ₹1,55,400 | 22 कैरेट – ₹1,42,450 | 18 कैरेट – ₹1,16,560
- चेन्नई: 24 कैरेट – ₹1,56,220 | 22 कैरेट – ₹1,43,200 | 18 कैरेट – ₹1,19,400
इन शहरों में कीमतों के अंतर का मुख्य कारण राज्य कर संरचना और स्थानीय सर्राफा बाजार की मांग मानी जाती है।
वैश्विक घटनाओं का असर: क्यों बदल रहे हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही घटनाएं मुख्य कारण हैं। अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बीच तनाव और उसके संभावित कूटनीतिक समाधान की खबरों ने वैश्विक निवेशकों को प्रभावित किया है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, मुद्रास्फीति (inflation) और केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी सर्राफा बाजार को प्रभावित करती हैं।
जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी कारण इन धातुओं की मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
औद्योगिक मांग भी बना रही है चांदी को मजबूत
चांदी की कीमतों में आई तेज वृद्धि का एक बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग भी है। चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल उपकरणों, सोलर एनर्जी, मेडिकल उपकरणों और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है।
हर साल सौर ऊर्जा उद्योग में चांदी की खपत बढ़ रही है, जिससे इसकी मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी वजह से चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक अस्थिरता और तेज उतार-चढ़ाव देखा जाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में सोने और चांदी दोनों ही निवेश के लिए आकर्षक विकल्प बने हुए हैं, लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है।
सोना अपेक्षाकृत स्थिर और सुरक्षित निवेश माना जा रहा है, जबकि चांदी अधिक रिटर्न के साथ-साथ अधिक जोखिम भी प्रदान करती है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक डेटा और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी।
गहने खरीदने वालों के लिए सलाह
सर्राफा विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि यदि वे गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें केवल कीमत पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि शुद्धता (hallmark), मेकिंग चार्ज और टैक्स की भी पूरी जानकारी लेनी चाहिए।
कई बार स्थानीय स्तर पर मेकिंग चार्ज में अंतर होने के कारण अंतिम कीमत में बड़ा फर्क आ जाता है। इसलिए खरीदारी से पहले कई दुकानों में तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष: अनिश्चितताओं के बीच मजबूत बना सर्राफा बाजार
कुल मिलाकर, आज के कारोबारी सत्र में सर्राफा बाजार (सर्राफा बाजार) में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां चांदी ने तेज उछाल के साथ बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा, वहीं सोना स्थिरता के साथ निवेशकों को संतुलन प्रदान करता नजर आया।
वैश्विक परिस्थितियों, आर्थिक अनिश्चितताओं और औद्योगिक मांग के कारण आने वाले समय में इस बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहकर और विशेषज्ञों की राय लेकर ही निवेश निर्णय लें।
