Gold Silver Price Today 6 May 2026: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोने-चांदी में तेज उतार-चढ़ाव,
06 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही बाजारों में Gold और Silver की कीमतों में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी के संकेत मिलने के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माने जाने वाले सोने की ओर निवेशकों का रुझान फिर से बढ़ा है।
अमेरिकी नीतियों, वैश्विक व्यापारिक तनाव और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखा जा रहा है, जहां सोने के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं।
इस रिपोर्ट में सोने-चांदी के ताजा रेट, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, भारत के प्रमुख शहरों के दाम और निवेशकों के लिए इसके मायने विस्तार से समझाए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold -Silver का हाल
वैश्विक बाजार में 6 मई को Gold और Silver दोनों में तेजी दर्ज की गई है। स्पॉट गोल्ड में करीब 2% की बढ़ोतरी हुई है और यह लगभग 4,630 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
वहीं चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली है। स्पॉट सिल्वर करीब 3% की बढ़त के साथ लगभग 75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।
यह बढ़त यह संकेत देती है कि वैश्विक निवेशक अभी भी आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं से घबराए हुए हैं और सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं।
सोने में निवेश क्यों बढ़ रहा है
सोना हमेशा से वैश्विक संकट के समय एक सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। जब भी युद्ध या तनाव की स्थिति होती है, शेयर बाजार में गिरावट आती है, महंगाई बढ़ती है या मुद्रा बाजार अस्थिर होता है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं।
इस समय भी ठीक वैसा ही माहौल देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव, तेल आपूर्ति की चिंता और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को गोल्ड की ओर आकर्षित किया है।
भारत में Gold और Silver के ताजा रेट
भारत में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर और स्थानीय टैक्स संरचना पर निर्भर करती हैं।
06 मई 2026 को भारत में सोने और चांदी के दाम इस प्रकार रहे:
24 कैरेट सोना: ₹1,51,031 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹1,38,700 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: ₹1,13,480 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹2,65,000 प्रति किलोग्राम
इन कीमतों से साफ है कि सोना और चांदी दोनों ही उच्च स्तर पर बने हुए हैं।
प्रमुख शहरों में सोने के रेट
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,51,440 प्रति 10 ग्राम रहा। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में यह लगभग ₹1,51,310 प्रति 10 ग्राम पर रहा। चेन्नई में रेट थोड़ा कम होकर ₹1,50,760 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अहमदाबाद और वडोदरा में यह ₹1,51,340 प्रति 10 ग्राम रहा।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के बड़े शहरों में सोने की कीमतें लगभग समान स्तर पर हैं, जबकि मामूली अंतर टैक्स और स्थानीय लागत के कारण देखने को मिलता है।
आज सोना सस्ता और चांदी महंगी क्यों हुई
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, कल शाम सोना ₹1,52,500 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि आज यह घटकर ₹1,51,310 पर खुला।
वहीं चांदी में तेजी देखने को मिली। कल यह ₹2.51 लाख प्रति किलोग्राम थी, जो आज बढ़कर ₹2.65 लाख प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
इसका मतलब है कि सोने में हल्की गिरावट और चांदी में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारण
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती हैं।
पहला कारण भू-राजनीतिक तनाव है। मिडिल ईस्ट और अन्य क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हैं।
दूसरा कारण डॉलर की मजबूती है। डॉलर मजबूत होने पर सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है क्योंकि सोना डॉलर में ट्रेड होता है।
तीसरा कारण ब्याज दरें हैं। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग सोने के बजाय बैंकिंग निवेश को प्राथमिकता देते हैं।
चौथा कारण महंगाई है। महंगाई बढ़ने पर लोग अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं।
पांचवां कारण मांग और आपूर्ति है। भारत में शादी और त्योहारों के समय सोने की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में सोना एक मजबूत निवेश विकल्प बना हुआ है।
गोल्ड ETF में निवेश बढ़ रहा है, फिजिकल गोल्ड की मांग स्थिर बनी हुई है और डिजिटल गोल्ड में भी रुचि लगातार बढ़ रही है।
निवेशक इसे एक सुरक्षित और लॉन्ग टर्म एसेट के रूप में देख रहे हैं।
क्या सोना और महंगा हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव बना रहता है तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
संभावित तेजी के कारणों में वैश्विक तनाव, डॉलर में कमजोरी और आर्थिक मंदी की आशंका शामिल हैं।
वहीं अगर वैश्विक स्थिति स्थिर होती है या ब्याज दरें बढ़ती हैं तो कीमतों में थोड़ी नरमी भी आ सकती है।
चांदी में तेजी क्यों
चांदी केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि एक औद्योगिक धातु भी है। इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और कई उद्योगों में होता है।
औद्योगिक मांग बढ़ने पर चांदी की कीमत तेजी से ऊपर जाती है। यही कारण है कि हाल के दिनों में चांदी में मजबूत उछाल देखा गया है।
निष्कर्ष
06 मई 2026 को सोने और चांदी के बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने सोने और चांदी को फिर से चर्चा में ला दिया है।
सोने में हल्की गिरावट और चांदी में तेज उछाल दर्ज किया गया है। भारतीय बाजार में कीमतें अभी भी ऐतिहासिक स्तर के आसपास बनी हुई हैं।
आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की स्थिति और आर्थिक नीतियां यह तय करेंगी कि सोना और चांदी किस दिशा में आगे बढ़ते हैं। फिलहाल, निवेशकों के लिए सोना एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है और इसकी मांग मजबूत रहने की संभावना है।
