Gold -Silver के दामों में भारी उतार-चढ़ाव: सोना 1.54 लाख के पार,
Gold और Silver की कीमतों में आज एक बार फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजरें पूरी तरह से बुलियन मार्केट पर टिक गई हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे बदलावों का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है। इसी वजह से सोने और चांदी दोनों में मजबूत तेजी दर्ज की गई है। घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें बढ़कर नए स्तरों के करीब पहुंच गई हैं, जबकि चांदी ने भी निवेशकों को आकर्षित करते हुए जोरदार उछाल दिखाया है।
एमसीएक्स पर सोना बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है और सुरक्षित निवेश (safe haven) की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं चांदी की कीमतों में भी औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों के कारण मजबूती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुएं हरे निशान पर कारोबार कर रही हैं, जिससे घरेलू बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता के साथ फैसले लेने का है।
Gold की कीमत में जोरदार तेजी
आज गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सोना हरे निशान पर ट्रेड करता नजर आया।
एमसीएक्स पर सोने का भाव लगभग 0.56 प्रतिशत या 861 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,809 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यह उछाल निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है कि बाजार में सुरक्षित निवेश (safe haven) की मांग बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
Silver में भी तेज उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आज जोरदार तेजी देखी गई। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में चांदी 1.19 प्रतिशत या 2,993 रुपये की बढ़त के साथ 2,54,735 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी।
चांदी की कीमतों में यह तेजी औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार संकेतों के चलते देखी जा रही है। निवेशकों का रुझान भी चांदी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
वैश्विक बाजार में सोने का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतें मजबूती के साथ ट्रेड कर रही हैं। कॉमेक्स पर सोने का भाव 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,849.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
वहीं, गोल्ड स्पॉट प्राइस में भी तेजी दर्ज की गई और यह 4,826.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर चल रहे राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने की मांग लगातार बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की तेजी
चांदी ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत प्रदर्शन किया है। कॉमेक्स पर चांदी 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
वहीं, सिल्वर स्पॉट में भी तेजी देखी गई और यह 80.44 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों ही कारणों से चांदी की मांग बढ़ रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
सोने-चांदी के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल WTI 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 91.74 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।
वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल भी 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 95.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
तेल की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण देखी जा रही है।
बाजार में तेजी के पीछे कारण
Gold और Silver की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण माने जा रहे हैं:
- मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
- डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव
- कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता
इन सभी कारणों ने मिलकर कीमती धातुओं को मजबूती दी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। हालांकि, कीमतों में तेजी के साथ जोखिम भी बढ़ जाता है, इसलिए निवेश से पहले सावधानी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक तनाव जारी रहता है तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
आज के कारोबारी सत्र में सोना और चांदी दोनों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। सोना जहां 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है, वहीं चांदी में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई है।
वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कीमती धातुओं में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार और अधिक अस्थिर रह सकता है।
