Gold-Silver की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, 28 अप्रैल को सोना फिर हुआ महंगा, चांदी में गिरावट
देश में सराफा बाजार एक बार फिर हलचल में है। 28 अप्रैल की सुबह जैसे ही बाजार खुले, Gold की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जबकि चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों दोनों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं।
सोने की कीमतें जहां एक बार फिर मजबूत होती दिख रही हैं, वहीं चांदी की चाल अस्थिर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बदलाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
28 अप्रैल को Gold के ताजा दाम में बढ़त
आज 28 अप्रैल को सुबह बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,53,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं मुंबई में इसका भाव 1,53,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में यह 1,41,040 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई में 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
यह बढ़त अचानक नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव और डॉलर की स्थिति का असर धीरे-धीरे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में Gold की कीमतें
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर देखने को मिलता है, लेकिन कुल मिलाकर सभी जगह कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।
दिल्ली
- 22 कैरेट: 1,41,040 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,850 रुपये
मुंबई
- 22 कैरेट: 1,40,890 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,700 रुपये
कोलकाता
- 22 कैरेट: 1,40,890 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,700 रुपये
चेन्नई
- 22 कैरेट: 1,42,310 रुपये
- 24 कैरेट: 1,55,250 रुपये
अहमदाबाद
- 22 कैरेट: 1,40,940 रुपये
- 24 कैरेट: 1,54,480 रुपये
भोपाल
- 22 कैरेट: 1,40,940 रुपये
- 24 कैरेट: 1,54,480 रुपये
जयपुर
- 22 कैरेट: 1,41,040 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,850 रुपये
लखनऊ
- 22 कैरेट: 1,41,040 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,850 रुपये
चंडीगढ़
- 22 कैरेट: 1,41,040 रुपये
- 24 कैरेट: 1,53,850 रुपये
इन आंकड़ों से साफ है कि देशभर में सोना ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। हाजिर सोना फिलहाल 4,693.04 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह तेजी कई कारणों से जुड़ी हुई है, जिनमें आर्थिक अनिश्चितता, वैश्विक तनाव, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (safe haven) की ओर बढ़ती रुचि शामिल है।
जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
चांदी के दाम में लगातार गिरावट
सोने के विपरीत चांदी की कीमतों में लगातार दबाव देखा जा रहा है। 28 अप्रैल की सुबह चांदी का भाव गिरकर 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
हालांकि इससे एक दिन पहले यानी 27 अप्रैल को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगभग 3,500 रुपये की तेजी देखी गई थी और यह 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी।
इस उतार-चढ़ाव से यह साफ है कि चांदी का बाजार फिलहाल काफी अस्थिर है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल
वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। हाजिर चांदी की कीमत फिलहाल 75.91 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
चांदी की कीमतें आमतौर पर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर अधिक निर्भर करती हैं। इसलिए इसमें सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
सोना क्यों हो रहा है महंगा?
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
जब दुनिया में आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर बढ़ते हैं।
2. डॉलर की स्थिति
डॉलर की मजबूती या कमजोरी सीधे सोने की कीमतों को प्रभावित करती है।
3. केंद्रीय बैंकों की नीतियां
कई देशों के केंद्रीय बैंक सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग में वृद्धि हो रही है।
4. निवेश की बढ़ती मांग
ETF और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए सोने में निवेश बढ़ रहा है।
चांदी में गिरावट के कारण
चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे भी कुछ प्रमुख कारण हैं:
1. औद्योगिक मांग में कमी
चांदी का बड़ा हिस्सा उद्योगों में इस्तेमाल होता है। मांग घटने से कीमतें प्रभावित होती हैं।
2. निवेशकों की अनिश्चितता
निवेशक फिलहाल चांदी में जोखिम लेने से बच रहे हैं।
3. वैश्विक आर्थिक दबाव
वैश्विक मंदी की आशंका से औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोना और चांदी दोनों ही निवेश के लोकप्रिय साधन माने जाते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में दोनों में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहा है।
सोना
- मजबूत रुख
- सुरक्षित निवेश का विकल्प
- लंबी अवधि के लिए बेहतर
चांदी
- अस्थिर बाजार
- औद्योगिक मांग पर निर्भर
- शॉर्ट टर्म में जोखिम अधिक
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को फिलहाल बाजार पर नजर रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
त्योहारी सीजन और मांग का असर
भारत में सोने की मांग पर त्योहारी और शादी-ब्याह का सीजन भी बड़ा प्रभाव डालता है। जब मांग बढ़ती है, तो कीमतों में भी तेजी देखने को मिलती है।
अप्रैल और आने वाले महीनों में शादियों का सीजन होने के कारण घरेलू मांग में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
सराफा बाजार की मौजूदा स्थिति
देश के सराफा बाजारों में फिलहाल ग्राहकों की खरीदारी में थोड़ी सावधानी देखी जा रही है। ऊंचे दामों के कारण लोग निवेश और खरीदारी को लेकर सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।
ज्वैलर्स का कहना है कि कीमतों में तेजी के कारण मांग थोड़ी प्रभावित हुई है, लेकिन लंबे समय में सोने की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
28 अप्रैल का दिन सोने और चांदी के बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। जहां सोना एक बार फिर मजबूत होता दिख रहा है और नई ऊंचाइयों के करीब पहुंच रहा है, वहीं चांदी लगातार दबाव में है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियां, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं आने वाले दिनों में इन कीमतों को और प्रभावित कर सकती हैं।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और रणनीतिक निर्णय लेने का है, क्योंकि सोना-चांदी दोनों ही बाजार में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
