Gold-Silver Price Update: चांदी में तेजी, सोने में मजबूती, ग्लोबल संकेत और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सतर्क
कमोडिटी बाजार में Gold Silver की कीमतों ने शुक्रवार को फिर से बढ़त दर्ज की। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को चांदी के भाव में हुई यह उछाल पिछले दो सत्रों की गिरावट के बाद आया। इसके पीछे मुख्य वजह वैल्यू बाइंग (निचले स्तर पर खरीदारी) और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।
एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव 2,49,222 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले सत्र की तुलना में 5,898 रुपये या 2.42 प्रतिशत अधिक था। इससे पहले गुरुवार को चांदी का भाव 2,43,324 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, मंगलवार को चांदी का भाव अपने पिछले हाई 2,58,811 रुपये प्रति किलोग्राम से लगभग 15,487 रुपये यानी 6 प्रतिशत तक गिर चुका था। इस गिरावट के बाद शुक्रवार को हुई खरीदारी ने कीमतों में महत्वपूर्ण स्थिरता लौटाई।
इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, वैश्विक बाजारों में चांदी और सोने की मजबूत मांग निवेशकों को आकर्षित कर रही है। दूसरा, निवेशक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। तीसरा, कमोडिटी मार्केट में पिछले कुछ हफ्तों की मुनाफावसूली ने कुछ निवेशकों को निचले स्तर पर खरीदारी के लिए प्रेरित किया, जिससे कीमतों में तेजी आई।
Gold में भी मजबूत रुख
चांदी के साथ-साथ सोने में भी मजबूती दिखी। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,38,525 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जो पिछले सत्र की तुलना में 783 रुपये या 0.57 प्रतिशत अधिक था। सोने के भाव में यह बढ़त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण आई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 4,482.44 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र से 21.74 डॉलर यानी 0.49 प्रतिशत अधिक था। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में आने वाले महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़े, फेडरल रिज़र्व की नीतिगत गतिविधियां और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में चांदी का प्रदर्शन
वैश्विक स्तर पर भी चांदी का प्रदर्शन शानदार रहा। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 77.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची, जो पिछले दिन की तुलना में 2.82 डॉलर यानी 3.76 प्रतिशत अधिक थी। ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चेनानी के अनुसार, गुरुवार को प्रमुख कमोडिटी सूचकांकों में सालाना रिबैलेंसिंग के कारण चांदी में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इस दौरान अरबों डॉलर के वायदा अनुबंध बेचे गए थे।
तकनीकी दृष्टि से, चांदी ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने पिछले उच्चतम स्तर 82.6 डॉलर प्रति औंस का परीक्षण किया। इससे ‘डबल टॉप फॉर्मेशन’ बन गया, जो तकनीकी विश्लेषण में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। इस प्रक्रिया में निवेशकों ने 74 डॉलर के स्तर तक मुनाफावसूली की। यदि यह गिरावट जारी रहती है, तो अगले सपोर्ट लेवल 70 डॉलर और 68.50 डॉलर प्रति औंस पर हैं। वहीं, अगर चांदी अपने पिछले उच्च स्तर को पार कर पाती है, तो अगले टारगेट 84 डॉलर और 88.5 डॉलर प्रति औंस तय किए जा सकते हैं।
अमेरिका में नीतिगत उठापटक और उसका प्रभाव
कमोडिटी बाजार पर अमेरिका में हुई हाल की घटनाओं का भी असर पड़ा है। अमेरिकी सीनेट ने कांग्रेस की अनुमति के बिना वेनेजुएला के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पास किया। हालांकि, राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वेनेजुएला पर निगरानी जारी रह सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राष्ट्रपति की आपातकालीन शुल्क शक्तियों पर निवेशकों की नजरें बनी हुई हैं।
इस सबके बीच, अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्ति जैसे Gold- Silver की ओर रुख कर रहे हैं। यह भावना विशेष रूप से तब अधिक प्रबल होती है, जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अस्थिरता होती है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक मार्केट की अनिश्चितताओं पर नजर बनाए रखें। चांदी में 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बाजार में मजबूती बनी रहती है, तो आगे और तेजी की संभावना है। वहीं, सोने में भी 1,38,500 रुपये के स्तर पर मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, निवेशक इस समय सोने और चांदी में निवेश के लिए सक्रिय हैं क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिका में नीतिगत बदलाव दोनों ही कमोडिटी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। उनका मानना है कि निवेशकों के लिए यह समय “सावधानीपूर्वक और रणनीतिक निवेश” का है।
कमोडिटी मार्केट का समग्र विश्लेषण
कुल मिलाकर, शुक्रवार का सत्र कमोडिटी बाजार के लिए सकारात्मक रहा। पिछले दो सत्रों की गिरावट के बाद हुई निचले स्तर पर खरीदारी ने बाजार को स्थिर किया। सोने और चांदी दोनों ही कमोडिटी में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने तेजी को बढ़ावा दिया। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक और स्थानीय आर्थिक घटनाक्रम के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना हमेशा बनी रहती है।
वर्तमान में, निवेशकों के लिए चांदी और सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प बने हुए हैं। इसके साथ ही, तकनीकी और फंडामेंटल दोनों विश्लेषण यह संकेत दे रहे हैं कि यदि वैश्विक बाजार में स्थिरता आती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो चांदी और सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष:
हालिया सत्र में Gold- Silver ने मजबूती दिखाई है। चांदी के भाव में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी और सोने में 0.57 प्रतिशत की बढ़त निवेशकों के लिए राहत भरी रही। वैश्विक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में नीतिगत गतिविधियों ने दोनों की कीमतों को प्रभावित किया। तकनीकी विश्लेषण और बाजार के रुझान दर्शाते हैं कि यदि निवेशक सावधानीपूर्वक और रणनीतिक रूप से काम करें, तो यह समय सोना और चांदी में निवेश के लिए अनुकूल माना जा सकता है।
