Gold-Silver Price Hike: इस हफ्ते सोना ₹6,471 और चांदी ₹17,000 से ज्यादा महंगी, बाजार में तेजी
सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल
Gold के दामों में बड़ा बदलाव
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, इस हफ्ते 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹6,471 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
- 24 कैरेट सोना: ₹1,39,873 से बढ़कर ₹1,46,344 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,28,124 से बढ़कर ₹1,34,051 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,04,905 से बढ़कर ₹1,09,758 प्रति 10 ग्राम
इस हफ्ते सोने का न्यूनतम स्तर 1 जुलाई की सुबह ₹1,39,434 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि उच्चतम स्तर 3 जुलाई की शाम ₹1,46,344 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है।
- सोना: करीब $4,170 प्रति औंस
- चांदी: करीब $62 प्रति औंस
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की आशंका कम हुई है, जबकि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया है।
तेजी की मुख्य वजह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तेजी के पीछे प्रमुख कारण हैं—
- डॉलर इंडेक्स में दबाव
- महंगाई कम होने की उम्मीद
- निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
निष्कर्ष
इस हफ्ते Gold-Silver दोनों की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है और बाजार में उत्साह का माहौल बना है। कीमती धातुओं में आई इस बढ़ोतरी ने उन निवेशकों को लाभ पहुंचाया है जिन्होंने पहले से इसमें निवेश कर रखा था। सोने और चांदी की कीमतों में यह तेजी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और महंगाई की भविष्य की संभावनाओं से जुड़ी मानी जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी स्थिर नहीं रह सकती और आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतक, ब्याज दरों में बदलाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारक सोने-चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें और सोच-समझकर निवेश निर्णय लें। फिलहाल मौजूदा तेजी ने बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बनाया है, लेकिन आगे की स्थिति पूरी तरह वैश्विक आर्थिक रुझानों पर निर्भर करेगी।
इसके साथ ही बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि त्योहारों के मौसम और घरेलू मांग बढ़ने पर भी सोने-चांदी की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। भारत में आभूषणों की मांग पारंपरिक रूप से शादी और त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिलता है। ऐसे में यदि वैश्विक संकेत स्थिर रहते हैं, तो घरेलू मांग के चलते कीमतों में और मजबूती बनी रह सकती है।
