देशभर में Gold और Silver की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे बदलाव, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की गतिविधियों का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर दिखाई दे रहा है। मंगलवार 2 जून 2026 को भी सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में भी नरमी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो दिनों के दौरान 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम लगभग 810 रुपये तक सस्ता हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत में करीब 760 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन लोगों को राहत मिली है जो शादी-विवाह, निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
MCX पर Gold की चमक हुई फीकी
मंगलवार को बाजार खुलने के साथ ही एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में दबाव देखा गया। वैश्विक बाजार में निवेशकों के सतर्क रुख और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल सोना सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
हाल के दिनों में सोना अपने उच्च स्तरों से नीचे आया है, जिससे घरेलू बाजार में खरीदारी की रुचि बढ़ी है। निवेशकों का मानना है कि कीमतों में आई यह नरमी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर साबित हो सकती है।
चांदी में भी आई गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी नरमी देखने को मिली। दिल्ली समेत कई प्रमुख बाजारों में चांदी के दाम प्रति किलोग्राम लगभग 100 रुपये तक कम हुए। एमसीएक्स पर भी चांदी के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई और कीमतें 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी रहीं।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है। औद्योगिक मांग और निवेशकों की खरीदारी के कारण चांदी में अचानक तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है।
अमेरिका-ईरान घटनाक्रम का असर
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों का असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। निवेशक किसी भी नई राजनीतिक या कूटनीतिक खबर पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बातचीत की संभावनाओं ने बाजार में अनिश्चितता पैदा की है।
जब वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। वहीं तनाव कम होने की उम्मीद बनने पर सोने में मुनाफावसूली देखने को मिलती है। इसी कारण कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
2 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) | 18 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,56,360 | ₹1,43,340 | ₹1,17,310 |
| मुंबई | ₹1,56,210 | ₹1,43,190 | ₹1,17,160 |
| कोलकाता | ₹1,56,210 | ₹1,43,190 | ₹1,17,160 |
| चेन्नई | ₹1,58,170 | ₹1,44,990 | ₹1,21,790 |
| बेंगलुरु | ₹1,56,210 | ₹1,43,190 | ₹1,17,160 |
| हैदराबाद | ₹1,56,210 | ₹1,43,190 | ₹1,17,160 |
| लखनऊ | ₹1,56,360 | ₹1,43,340 | ₹1,17,310 |
| पटना | ₹1,56,260 | ₹1,43,240 | ₹1,17,210 |
| जयपुर | ₹1,56,360 | ₹1,43,340 | ₹1,17,310 |
| अहमदाबाद | ₹1,56,260 | ₹1,43,240 | ₹1,17,210 |
इन कीमतों में स्थानीय कर, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते, इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
IBJA ने जारी किए ताजा रेट
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,43,167 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 23 कैरेट सोना लगभग 1,55,670 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। चांदी की कीमत 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार बनी हुई है।
IBJA द्वारा जारी दरें पूरे देश के लिए एक मानक संकेतक मानी जाती हैं और बाजार की दिशा समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
क्यों बदलती रहती हैं सोने-चांदी की कीमतें?
सोने और चांदी की कीमतें कई कारणों से प्रभावित होती हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग और आपूर्ति
- डॉलर की मजबूती या कमजोरी
- केंद्रीय बैंकों की नीतियां
- ब्याज दरों में बदलाव
- वैश्विक राजनीतिक तनाव
- कच्चे तेल की कीमतें
- निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली
इन सभी कारकों का असर प्रतिदिन सर्राफा बाजार पर दिखाई देता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में आई हालिया गिरावट निवेशकों के लिए अवसर हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है तो वह चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार कर सकता है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना जरूरी है।
चांदी के मामले में भी विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें सोने की तुलना में अधिक अस्थिरता देखी जाती है। औद्योगिक मांग बढ़ने पर चांदी में तेजी से उछाल आ सकता है, जबकि कमजोर मांग के समय इसमें गिरावट भी तेज हो सकती है।
शादी और त्योहारों की खरीदारी पर असर
भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी-विवाह और त्योहारों के दौरान सोने की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट ग्राहकों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
ज्वेलर्स का मानना है कि यदि कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक संकेतकों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय तनाव बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार पर नजर बनाए रखें और खरीदारी से पहले ताजा कीमतों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
निष्कर्ष
2 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम पिछले दो दिनों में उल्लेखनीय रूप से घटे हैं, जबकि चांदी में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां फिलहाल इन दोनों कीमती धातुओं की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समय बाजार को समझकर सोच-समझकर निर्णय लेने का है।
