Gold-Silver की कीमतों में गिरावट: जुलाई की शुरुआत में बाजार नरम, ग्राहकों और निवेशकों को बड़ी राहत
जुलाई की शुरुआत में सर्राफा बाजार का रुख बदला
देश में जुलाई 2026 की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए नरमी के साथ हुई है। लंबे समय से लगातार बढ़ती Gold-Silver की कीमतों के बाद 1 जुलाई को दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब घरेलू बाजार में शादी-ब्याह का सीजन और निवेश की गतिविधियां दोनों ही तेज रहती हैं।
पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी का रुख देखने को मिल रहा था, जिसके चलते सोना अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया था। लेकिन अब अचानक आई इस गिरावट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है और खरीदारों को राहत दी है।
Gold की कीमतों में तेज गिरावट
आज के कारोबार में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹900 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी ₹700 से ₹800 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है।
कल तक 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर लगभग ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। यह गिरावट निवेशकों और ज्वैलरी खरीदने वालों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर इंडेक्स की चाल का असर है। इसके अलावा कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी इस गिरावट का प्रमुख कारण रही है।
चांदी की कीमतों में भी नरमी
सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखी गई है। बाजार में चांदी की कीमत लगभग ₹2,000 प्रति किलो तक कम हुई है।
चांदी की कीमतों में यह गिरावट घरेलू उपयोग और औद्योगिक मांग दोनों पर असर डाल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
प्रमुख शहरों में सोने के भाव
देश के विभिन्न शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट इस प्रकार रहे:
- दिल्ली: ₹140280 / ₹128600 / ₹105250
- मुंबई: ₹140130 / ₹128450 / ₹105100
- कोलकाता: ₹140130 / ₹128450 / ₹105100
- चेन्नई: ₹145080 / ₹132990 / ₹111240
- पटना: ₹140180 / ₹128500 / ₹105150
- लखनऊ: ₹140280 / ₹128600 / ₹105250
- इंदौर: ₹140180 / ₹128500 / ₹105150
- जयपुर: ₹140280 / ₹128600 / ₹105250
- अहमदाबाद: ₹140180 / ₹128500 / ₹105150
- बेंगलुरु: ₹140130 / ₹128450 / ₹105100
लगभग सभी बड़े शहरों में कीमतों में समान गिरावट देखने को मिली है, हालांकि स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण थोड़ी भिन्नता बनी हुई है।
चांदी के शहरवार रेट
चांदी के दामों में भी पूरे देश में नरमी दर्ज की गई है:
- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता: ₹2,35,000 प्रति किलो
- चेन्नई: ₹2,44,900 प्रति किलो
- अन्य प्रमुख शहर: लगभग ₹2,35,000 प्रति किलो
चांदी के बाजार में भी स्थिरता की बजाय हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करता है।
बाजार में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में नरमी
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती
- निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली
- वैश्विक आर्थिक संकेतों में अस्थिरता
- कच्चे तेल और ब्याज दरों से जुड़े संकेत
इन सभी कारणों का संयुक्त प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश (safe haven) माना जाता है, इसलिए इसमें लंबी अवधि में फिर से तेजी देखी जा सकती है।
जो निवेशक लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय एक अच्छा अवसर माना जा रहा है। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
शादी-ब्याह के खरीदारों के लिए राहत
भारत में सोना-चांदी की मांग का बड़ा हिस्सा शादी और पारिवारिक आयोजनों से जुड़ा होता है। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो आने वाले महीनों में शादी की तैयारी कर रहे हैं।
ज्वैलरी बाजार में भी ग्राहकों की पूछताछ बढ़ने लगी है और कई लोग इस गिरावट का फायदा उठाकर खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं।
बाजार में आगे का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और डॉलर की स्थिति पर सोने-चांदी की कीमतें काफी हद तक निर्भर रहेंगी।
यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया
ग्राहकों में इस गिरावट को लेकर सकारात्मक माहौल है। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें थोड़ी राहत मिली है। ज्वैलर्स के अनुसार, सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है और लोग कीमतों की तुलना कर रहे हैं।
निष्कर्ष
जुलाई 2026 की शुरुआत सोना-चांदी बाजार के लिए राहत भरी रही है। कीमतों में आई गिरावट ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं निवेशकों के लिए भी यह एक रणनीतिक अवसर बनकर सामने आई है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है और आने वाले समय में कीमतों में फिर से बदलाव संभव है। ऐसे में निवेश और खरीदारी दोनों ही मामलों में सावधानी और बाजार की निगरानी जरूरी है।
