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1635 वर्ष प्राचीन तीर्थ Karitoran में पंचकल्याणक महोत्सव, मुनि श्री का मंगल उद्बोधन

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Published On: 30 January 2026
Karitoran
— 11 फुट खड्गासन और संगमरमर की 24 शिखर प्रतिमाओं के साथ शुभारंभ

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Karitoran में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव: 11 फुट खड्गासन और 700 प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा तय

उत्तर प्रदेश के जिला ललितपुर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र Karitoran में आगामी मार्च माह में होने जा रहे भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इसी क्रम में 25 जनवरी को क्षेत्र में श्री मज्जिनेन्द्र सहसकूट 11 फुट उत्तुंग खड्गासन चौबीसी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव की वेदिका का विधिवत शिलान्यास किया गया। यह आयोजन युग सर्वोत्कृष्ट समाधि साधक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनि राज के पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा मुनि श्री 108 समत्व सागर जी एवं मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में संपन्न हुआ।

वेदिका शिलान्यास के साथ महोत्सव की औपचारिक शुरुआत

25 जनवरी को आयोजित इस पावन कार्यक्रम में रजनेश कुमार जी एवं अवशेष कुमार जी द्वारा वेदिका का शिलान्यास किया गया। प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेश कुमार जी (डीमापुर) के निर्देशन में तथा विधानाचार्य ऋषभ कुमार जी (बड़ागांव) के सानिध्य में शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ समस्त धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। कार्यक्रम का संचालन बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया पुण्यांश ने किया। वहीं मुनि श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नाभि मरु देवी परिवार एवं पंडित महेश कुमार जी डीमापुर को प्राप्त हुआ।

मुनि श्री का प्रेरक उद्बोधन

सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंचकल्याणक में प्रमुख पात्र बनने का महत्व शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, यह केवल अनुभव से ही जाना जा सकता है। जैसे मिठास को समझाने के लिए शब्द काफी नहीं होते, बल्कि उसे चखना पड़ता है, वैसे ही पंचकल्याणक का पुण्य और भाव पात्र बनकर ही अनुभूत किया जा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस महोत्सव को आत्मिक शुद्धि और जीवन परिवर्तन का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

प्रमुख पात्रों का चयन

इस अवसर पर पंचकल्याणक महोत्सव के लिए प्रमुख पात्रों की घोषणा भी की गई।

  • सौधर्म इन्द्र : सिं. मुकेश कुमार – मीना जैन (दमोह)

  • कुबेर : सवाई सेठ डॉ. विजय कुमार – सुधा जी (कारीटोरन)

  • महा यज्ञ नायक : डॉ. श्रेयांश जी – सुमन जी (ककरवाहा)

  • चक्रवर्ती : डॉ. अंकुर जी – पायल जी (मुंबई/कारीटोरन)

  • राजा श्रेयांश : पं. माधव जी शास्त्री – रश्मि जी (शाहगढ़)

साथ ही यह भी स्मरण कराया गया कि पंडित महेश कुमार जी डीमापुर एवं सुखवती देवी जी को माता-पिता बनने का सौभाग्य पूर्व में ही प्राप्त हो चुका है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति

कार्यक्रम में क्षेत्रीय एवं आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. विजय कुमार कारीटोरन, डॉ. श्रेयांश कुमार ककरवाहा, शिखरचंद जी भेलसी, आनंदीलाल लुहर्रा, पदम सेठ शाहगढ़ (सीएमओ), पं. माधव शास्त्री, राजाराम समर्रा, एडवोकेट मुन्नालाल अभिलाषा, अनिल आंचल, अजित कुमार खजुरिया, प्रेमचंद ककरवाहा, इंद्र कुमार ककरवाहा, सेठ विजय शाहगढ़, मनोज, अक्षय, अलया (ललितपुर), राजेश रागी बक्सवाहा, राजेश फणींद बड़ागांव सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजजन मौजूद रहे।

1635 वर्ष प्राचीन अतिशय तीर्थ Karitoran

Karitoran क्षेत्र को बुंदेलखंड का सबसे प्राचीन जीवंत जैन तीर्थ माना जाता है। लगभग 1635 वर्ष प्राचीन इस अतिशय क्षेत्र की पहचान चमत्कारिक घटनाओं, प्राचीन प्रतिमाओं और गहरी आस्था से जुड़ी हुई है। यहां विराजमान प्राचीन जिन प्रतिमाएं आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में शांति, ऊर्जा और भक्ति का संचार करती हैं।

700 प्रतिमाओं की होगी प्राण प्रतिष्ठा

आयोजकों के अनुसार पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान लगभग 700 प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसमें 11 फुट खड्गासन की 26 भव्य प्रतिमाएं, उपरत्नों की 31 प्रतिमाएं, संगमरमर की 24 उत्तुंग शिखर प्रतिमाएं शामिल हैं। यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

108 उत्तुंग सहसकूट जिनालय बना आकर्षण का केंद्र

Karitoran में निर्मित 108 उत्तुंग सहसकूट जिनालय अपनी भव्यता और ऊंचाई के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो रहा है। इतना विशाल और ऊंचा शिखर अन्यत्र दुर्लभ माना जाता है। तीन से चार किलोमीटर दूर से ही इस नवनिर्मित जिनालय का शिखर दिखाई देने लगता है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। नवीन जिनालय में विराजमान 11 फुट ऊंची खड्गासन प्रतिमाएं दर्शकों को सहज ही मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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