‘Ghar-Ghar Yagya Campaign’: भील बस्ती में 174वें यज्ञ का आयोजन, दर्जनों ने लिया नशा व मांसाहार मुक्ति का संकल्प“
भीनमाल (मुकेश सोलंकी) स्थानीय सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा चलाए जा रहे ‘Ghar-Ghar Yagya Campaign’ के तहत रविवार शाम को शहर के गौडी पार्श्वनाथ जैन मंदिर के पास स्थित भील बस्ती में 174वें यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समरस, समरूप, एकरूप और व्यसन मुक्त संगठित हिंदू समाज की स्थापना करना है।
वैदिक रीति से हुआ यज्ञ, बस्तीवासियों ने दी आहुतियां
सनातन संस्कृति जागरण संघ के वरिष्ठ सदस्य मोहनलाल सुन्देशा ने जानकारी दी कि यज्ञ में बीजाराम भील अपनी धर्मपत्नी के साथ मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। उनके अतिरिक्त यज्ञ कुंड पर भील बस्ती के अन्य परिवारों और बंधुओं ने बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों ने भी भाग लेकर धर्म लाभ उठाया। यज्ञ का सफल संपादन राव विक्रम सिंह आर्य द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ करवाया गया।
यज्ञ वेदी को साक्षी मानकर व्यसन मुक्ति का लिया संकल्प
इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि सामाजिक सुधार के रूप में सामने आई। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद उपस्थित दर्जनों लोगों ने यज्ञ वेदी को साक्षी मानकर हमेशा के लिए मांसाहार, शराब, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा जैसे घातक व्यसनों को छोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। व्यसन मुक्ति के इस कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

सामाजिक समरसता और युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने पर मंथन
यज्ञ के उपरांत जलपान के साथ एक विशेष गोष्ठी का आयोजन हुआ। चर्चा का मुख्य विषय युवाओं में तेजी से पैर पसार रही नशे की प्रवृत्ति को जड़ से समाप्त करना, उन्हें नैतिकता व अध्यात्म की ओर मोड़ना और हिंदू समाज में समानता का भाव जगाना रहा। इस दौरान वालाराम मौर्य और दीपाराम गहलोत ने युवाओं को सही दिशा में ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका उपस्थित सभी लोगों ने एकमत से समर्थन किया। इस प्रेरणादायी पहल से प्रभावित होकर बस्ती के कई नागरिक सनातन संस्कृति जागरण संघ से जुड़े।
ये रहे उपस्थित
संगठन के मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इस पावन अवसर पर हरिराम राणा, नारायण भील, हरसन भील, पिंटू राणा, अशोक राणा, प्रभुराम भील,मोहनलाल माली, राजेश टी सोनी, ओटाराम मेघवाल, वालाराम मौर्य, दीपाराम गहलोत,रमेश राणा, दलपतराम भील, राजूसिंह माली, सुखराज माली, रमेश माली,आर्य राहुल बंजारा, आर्य अक्षय बंजारा, नीरज वैष्णव, हेमंत जीनगर, शिवम आर्य, रतन बंजारा, महेंद्र जीनगर और करण बंजारा सहित सैकड़ों की संख्या में बस्तीवासी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बदलाव का माध्यम बना ‘Ghar-Ghar Yagya Campaign’
सनातन संस्कृति जागरण संघ द्वारा शहर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में पिछले लंबे समय से यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान ने न केवल हिंदू समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को मिटाकर सामाजिक समरसता की नई मिसाल पेश की है, बल्कि अब तक सैकड़ों लोगों को नशा और मांसाहार छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। हर सप्ताह अलग-अलग बस्तियों में आयोजित होने वाले ये यज्ञ राष्ट्र, समाज और धर्म की रक्षा का मजबूत संदेश दे रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
