मुंबई की शान है गेटवे ऑफ इंडिया
श्री मार्तंड फाउंडेशन की ‘चित्रधारित’ प्रस्तुति में मुंबई के प्रसिद्ध स्थल का सुंदर वर्णन
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
श्री मार्तंड फाउंडेशन की ओर से ‘चित्रधारित’ विषय के अंतर्गत मुंबई के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल गेटवे ऑफ इंडिया का सुंदर एवं सरल शब्दों में वर्णन प्रस्तुत किया गया है। राजस्थान की पूनम रमेश गांधी द्वारा लिखी गई इस रचना में गेटवे ऑफ इंडिया की सुंदरता के साथ उसके आसपास के प्राकृतिक वातावरण को भी बेहद सहज और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
रचना में मुंबई की पहचान माने जाने वाले गेटवे ऑफ इंडिया को एक सुंदर और भव्य प्रवेश द्वार के रूप में चित्रित किया गया है। इसके पास फैला नीला-नीला समुद्र, समुद्र की लहरें और उसमें चलती नावें इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं।
लेखिका ने सुबह के समय गेटवे ऑफ इंडिया के आसपास दिखाई देने वाले मनमोहक दृश्य का भी सुंदर चित्रण किया है। सुबह जब सूर्य की किरणें समुद्र और गेटवे पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण आकर्षक नजर आता है। सूरज की रोशनी लोगों के चेहरों पर खुशी और उमंग भर देती है।
रचना में समुद्र की लहरों को मानवीय भावनाओं से जोड़ते हुए कहा गया है कि लहरें आकर गेटवे ऑफ इंडिया को छूती हैं और मानो उससे प्यारी-प्यारी बातें करती हैं। इस कल्पना के माध्यम से लेखिका ने प्रकृति और ऐतिहासिक धरोहर के बीच एक सुंदर संबंध स्थापित किया है।
गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल है। इसके आसपास समुद्र का मनोहारी दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।
रचना की अंतिम पंक्तियों में गेटवे ऑफ इंडिया को मुंबई की शान बताया गया है। सरल भाषा और सुंदर कल्पना के माध्यम से प्रस्तुत यह रचना बच्चों और पाठकों को मुंबई की प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर तथा प्राकृतिक सुंदरता से परिचित कराने का प्रयास करती है।
प्रस्तुति: पूनम रमेश गांधी, राजस्थान
श्री मार्तंड फाउंडेशन
दिनांक : 30 अगस्त 2026
नागदा से— जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
