एशियन गेम्स में भारत को पहला गोल्ड: महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 147 रन से हराया
स्मृति मंधाना के 79 और ऋचा घोष के नाबाद 49 रन की मदद से भारत ने बनाए 216/3; श्रीलंका 69 रन पर सिमटा
निशिन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मंगलवार, 22 सितंबर को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
मंधाना और शेफाली ने दी मजबूत शुरुआत
भारत की पारी की नींव सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने रखी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन जोड़े। मंधाना ने 79 रन की पारी खेली, जबकि शेफाली ने 48 रन बनाए। इस साझेदारी ने भारत को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया और श्रीलंका के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाए रखा।
आखिरी ओवरों में ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए। उन्होंने 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए, जिससे भारत का स्कोर 216 तक पहुंचा। बड़े लक्ष्य के साथ भारतीय गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करने का मौका मिला। श्रीलंका को फाइनल जीतने के लिए प्रति ओवर दस रन से अधिक बनाने थे।
लक्ष्य के सामने श्रीलंका की पारी बिखरी
जवाब में श्रीलंकाई बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में नहीं आ पाई। शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा ने गेंद से भी अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका की पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई और भारत ने बड़े अंतर से खिताबी मुकाबला जीत लिया।
इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। पिछले एशियन गेम्स के फाइनल में भी भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता था। इस बार टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में दबदबा दिखाते हुए फिर वही नतीजा हासिल किया।
आइची-नागोया खेलों में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है। गोल्ड मेडल मुकाबले में 216 रन का स्कोर खड़ा करना और फिर श्रीलंका को 69 रन पर रोक देना भारतीय टीम के प्रदर्शन की कहानी कहता है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम ने फाइनल में मिले मौके को एकतरफा जीत में बदला।
