पांढुर्णा के गांवों और स्कूलों में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, जरूरतमंदों को बांटे चश्मे
सुधा संगिनी परियोजना के तहत बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हुई जांच; आगे उपचार की जरूरत वाले मरीजों को दिया मार्गदर्शन
पांढुर्णा। सतपुड़ा एकीकृत ग्रामीण विकास संस्था (सिरडी) की सुधा संगिनी परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों की जांच की गई। जिन बच्चों और बुजुर्गों को जांच के दौरान चश्मे की आवश्यकता पाई गई, उन्हें निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।
संस्था के अनुसार, शिविर कार्यकारिणी अध्यक्षा डॉ. उपमा दीवान के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें सहयोगी संस्था ए.डी.के. जैन आई केयर हॉस्पिटल, खेकड़ा, बागपत (उत्तर प्रदेश) की भागीदारी रही। डॉक्टर अशोक मित्तल और सुधीर चौहान ने ग्राम पंचायत राजोला, ग्राम भीवापुर और जामठी पंचायत क्षेत्र के समुदायों तथा विभिन्न स्कूलों में नेत्र जांच की।
बच्चों से बुजुर्गों तक की जांच
शिविर के दौरान दृष्टि परीक्षण और आंखों की सामान्य जांच की गई। जांचकर्ताओं ने लोगों से आंखों से जुड़ी परेशानियों की जानकारी ली और उनकी जरूरत के अनुसार सलाह दी। स्कूलों में बच्चों की जांच का उद्देश्य पढ़ने-लिखने में आने वाली ऐसी कठिनाइयों की पहचान करना भी था, जो कम दिखाई देने से जुड़ी हो सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नियमित नेत्र जांच के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में गांव और स्कूल में आयोजित शिविर से उन्हें अपने आसपास ही जांच कराने का अवसर मिला। संस्था ने बताया कि जिन लोगों को आगे विस्तृत जांच या उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उसके लिए मार्गदर्शन दिया गया।
जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे
जांच के बाद जिन बच्चों और बुजुर्गों को चश्मा लगाने की जरूरत पाई गई, उन्हें शिविर में चश्मे उपलब्ध कराए गए। संस्था का कहना है कि समय पर दृष्टि संबंधी परेशानी की पहचान होने से प्रभावित व्यक्ति को उचित जांच और उपचार तक पहुंचाने में मदद मिलती है। शिविर में चश्मा वितरण के साथ लोगों को अपनी आंखों की समस्या को नजरअंदाज न करने के लिए भी जागरूक किया गया।
आयोजकों के मुताबिक, शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और स्कूली समुदाय तक निःशुल्क नेत्र जांच की सुविधा पहुंचाना था। बच्चों के साथ महिलाओं और बुजुर्गों को शामिल किया गया, ताकि अलग-अलग आयु वर्ग के लोग इस सुविधा का लाभ ले सकें। जांच में सामने आई जरूरत के आधार पर कुछ लोगों को चश्मे दिए गए और अन्य जरूरतमंदों को आगे की प्रक्रिया समझाई गई।
शिविर के आयोजन में संस्था की कार्यकर्ता पूनम लवाहे, अनिता वाग्रदे, लता भटकरे, खुशी दांडगे, दीपा विश्वकर्मा, नीता कास्दे, रीना पदाम और किरण कनाठे ने सहयोग किया। कार्यकर्ताओं ने समुदाय और स्कूलों में शिविर की गतिविधियों को संचालित करने में मदद की।
संस्था ने बताया कि सुधा संगिनी परियोजना के माध्यम से समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित नेत्र जांच शिविर में लोगों को उनकी आंखों की स्थिति जानने और जरूरत पड़ने पर आगे उपचार कराने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में जांचे गए लोगों और वितरित चश्मों की कुल संख्या की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
