राजोद-लाबरिया में नि:शुल्क नेत्र शिविर संपन्न, 60 मरीजों की जांच के बाद 26 का मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन
गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन, चोइथराम नेत्रालय और जिला अंधत्व निवारण समिति की पहल; चयनित मरीजों का इंदौर में नि:शुल्क ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण
संवाददाता: महेश कुमार वर्मा
राजोद/लाबरिया, धार, 11 अगस्त 2026। धार जिले के सरदारपुर तहसील क्षेत्र में जरूरतमंद मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित विशाल नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन, धार, चोइथराम नेत्रालय, इंदौर तथा जिला अंधत्व निवारण समिति, धार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर आंखों की जांच कराई।
शिविर का आयोजन मुख्य डॉ. सौरभ बौरासी (DPM), नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय धार तथा श्रीमती शीला मुजाल्दा, खंड चिकित्सा अधिकारी सरदारपुर के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को समय पर नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना था।
60 मरीजों का किया गया नेत्र परीक्षण
शिविर के दौरान नेत्र चिकित्सा सहायक सतीश पाराशर द्वारा कुल 60 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। जांच के दौरान मरीजों की आंखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं की पहचान की गई। इनमें मोतियाबिंद समेत आंखों से जुड़ी अन्य परेशानियों की भी जांच की गई।
स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉ. राहुल यादव, राजोद तथा श्रीमती ज्योत्सना पुरोहित ने भी अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सकीय जांच के बाद मरीजों की स्थिति का आकलन किया गया और जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता पाई गई, उनका आगे की उपचार प्रक्रिया के लिए चयन किया गया।
26 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन
नेत्र जांच के बाद कुल 26 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया। चयनित मरीजों को बस के माध्यम से इंदौर स्थित चोइथराम नेत्रालय भेजा गया, जहां उनका आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और ऑपरेशन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार चयनित मरीजों के उपचार में किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं आएगा। संस्था की ओर से मरीजों के आवागमन से लेकर ऑपरेशन और उपचार से संबंधित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ऑपरेशन से लेकर दवाई और भोजन तक की सुविधा नि:शुल्क
शिविर में चयनित मरीजों के लिए संस्था द्वारा कई सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इनमें आवागमन, मोतियाबिंद ऑपरेशन, लेंस प्रत्यारोपण, दवाइयां, काला चश्मा और भोजन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं।
इस पहल से ऐसे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, जो आर्थिक कारणों से लंबे समय से आंखों का उपचार या मोतियाबिंद ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविर लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मिला उपचार का अवसर

सरदारपुर तहसील और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से मरीजों की जांच और गंभीर बीमारी की पहचान समय रहते हो सके, यह इस तरह के आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है।
मोतियाबिंद ऐसी समस्या है जिसमें समय पर उपचार मिलने पर मरीज की दृष्टि में सुधार की संभावना रहती है। शिविर के माध्यम से पहले मरीजों की जांच की गई और फिर चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर ऑपरेशन के लिए चयन किया गया।
आयोजन में संस्था के सदस्यों ने निभाई अहम भूमिका
शिविर के सफल आयोजन में गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन के सदस्यों और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था की ओर से सचिन गुप्ता, महेश कुमार वर्मा, योगेंद्र तिवारी और सुमीत ठाकुर ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
इसके अलावा श्रीमती सरोज शर्मा, एएनएम, सेक्टर सुपरवाइजर सीताराम ठाकुर एवं रमेश भूरिया ने भी मरीजों के पंजीयन, जांच और आवश्यक मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई।
ग्राम पंचायत लाबरिया के सरपंच एवं सचिव तथा आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल स्टाफ ने भी शिविर के दौरान मरीजों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और चयनित मरीजों को इंदौर भेजने की व्यवस्था में सहयोग किया।
मरीजों के पंजीयन से लेकर इंदौर भेजने तक की व्यवस्था
शिविर में आने वाले मरीजों के लिए पंजीयन की व्यवस्था की गई थी। पंजीयन के बाद मरीजों की प्राथमिक जानकारी ली गई और इसके पश्चात चिकित्सकीय जांच की गई। जिन मरीजों में मोतियाबिंद या ऑपरेशन की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आगे के उपचार के लिए चयनित किया गया।
चयनित मरीजों को इंदौर स्थित चोइथराम नेत्रालय ले जाने के लिए संस्था की ओर से बस की व्यवस्था की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्वयं वाहन की व्यवस्था करने या अतिरिक्त खर्च उठाने की परेशानी नहीं हुई।
जनसेवा के क्षेत्र में आगे भी होंगे स्वास्थ्य शिविर
गीता वेलफेयर एंड हेल्थ फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
संस्था ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार उपलब्ध कराना जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेष रूप से आंखों से जुड़ी समस्याओं में समय पर जांच होने से मरीजों को उचित उपचार दिलाने में मदद मिलती है।
नि:शुल्क उपचार से मरीजों को मिली राहत
शिविर में पहुंचे मरीजों ने नि:शुल्क जांच और ऑपरेशन की सुविधा मिलने पर आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मोतियाबिंद ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण का खर्च उठाना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में संस्था और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क सुविधा मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी।
शिविर के माध्यम से 60 मरीजों की आंखों की जांच की गई और उनमें से 26 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित कर इंदौर भेजा गया। आयोजकों ने भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों के लिए इस तरह की स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने की बात कही।
