विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प, शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम
जिला ब्यूरो भीमरतन चौबे
Bhopal । जिला ब्यूरो भीमरतन चौबे। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से युवाओं और विद्यार्थियों को बचाने तथा समाज में नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और उन्हें जीवनभर हर प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया।
यह कार्यक्रम 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज के भोपाल स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बी.के. आरती बहन ने विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करेंगे।
नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसका असर परिवार, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि युवा अवस्था जीवन निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान यदि कोई विद्यार्थी नशे की गिरफ्त में आ जाता है तो उसका असर उसकी पढ़ाई, मानसिक स्थिति और भविष्य पर पड़ सकता है। नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक सोच अपनाने, अच्छे मित्रों की संगति में रहने, नियमित दिनचर्या बनाने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों ने लिया जीवनभर नशे से दूर रहने का संकल्प
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता विद्यार्थियों द्वारा लिया गया नशामुक्ति संकल्प रहा। बी.के. आरती बहन ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने संपूर्ण जीवन में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे।
विद्यार्थियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताएंगे और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।
आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण की शुरुआत व्यक्ति से होती है। जब युवा स्वयं नशे से दूर रहने का निर्णय लेते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है।
राजयोग मेडिटेशन से मन को मजबूत बनाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को सकारात्मक और आध्यात्मिक शक्तियों से भरपूर रखने के उपाय भी बताए गए। विद्यार्थियों को बताया गया कि मजबूत मन और सकारात्मक सोच व्यक्ति को गलत आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बी.के. गंगा दीदी और शोभना बहन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में आत्मअनुशासन और सकारात्मक विचारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ किया जाना चाहिए।
राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने मन को शांत रखने, तनाव कम करने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक मजबूती और आत्मनियंत्रण व्यक्ति को नशे जैसी बुरी आदतों से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
10 करोड़ लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाने का लक्ष्य
कार्यक्रम में 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ 2 अगस्त को प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल द्वारा किया गया था। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
यह अभियान 20 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत देशभर में बड़ी संख्या में लोगों को नशामुक्त रहने का संकल्प दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के माध्यम से समाज में सुख, शांति और नैतिक मूल्यों से युक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों का मानना है कि नशामुक्ति केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। यदि बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए तो भविष्य में नशे की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नशामुक्त समाज के निर्माण में विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा देश की शक्ति और भविष्य हैं। यदि युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त रहेंगे तो देश के विकास में उनकी भागीदारी और अधिक प्रभावी होगी।
विद्यार्थियों से कहा गया कि वे अपने मित्रों और सहपाठियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। यदि किसी व्यक्ति को नशे की आदत है तो उसके प्रति उपेक्षा का भाव रखने के बजाय उसे सही मार्गदर्शन और सहयोग देने की आवश्यकता है।
विद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों में नशे के खिलाफ सकारात्मक सोच विकसित होती है। साथ ही उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति और परिवार के लिए नई समस्याएं पैदा कर सकता है।
स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाएं। नियमित व्यायाम, खेल, योग, ध्यान, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करना नशे जैसी बुरी आदतों से बचने का प्रभावी माध्यम है।
आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने स्तर पर नशामुक्त रहने का संकल्प ले और कम से कम एक अन्य व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करे, तो अभियान का उद्देश्य काफी हद तक सफल हो सकता है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ में भाग लिया और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मौजूद ब्रह्माकुमारीज की बहनों ने विद्यार्थियों को नशे से बचने के साथ-साथ अपने जीवन में आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शपथ दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक कर उन्हें भविष्य में सही निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना रहा। विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशामुक्त जीवन व्यक्ति को स्वस्थ, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाता है।
इस अवसर पर बी.के. आरती बहन, बी.के. गंगा दीदी और शोभना बहन सहित विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने और स्वयं जीवनभर नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
नशामुक्ति को लेकर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थियों द्वारा लिया गया यह संकल्प उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
