—Advertisement—

नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ पर संसद में संग्राम, राहुल गांधी के जिक्र से मचा बवाल

Author Picture
Published On: 3 February 2026
नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ पर संसद में संग्राम, राहुल गांधी के जिक्र से मचा बवाल
— नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ पर संसद में संग्राम, राहुल गांधी के जिक्र से मचा बवाल

—Advertisement—

 

नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ क्यों अब तक अप्रकाशित है? 

संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में बहस राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होनी थी, लेकिन चर्चा का रुख अचानक उस किताब की ओर मुड़ गया, जो आज तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। यह किताब किसी नेता या लेखक की नहीं, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब लोकसभा में इस अप्रकाशित किताब का जिक्र किया, तो सदन का माहौल पूरी तरह बदल गया और बहस सियासी टकराव में तब्दील हो गई।

राहुल गांधी के इस संदर्भ पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। सरकार का कहना था कि किसी अप्रकाशित और आधिकारिक रूप से स्वीकृत न हुई सामग्री का संसद में हवाला देना संसदीय नियमों का उल्लंघन है। विवाद इतना बढ़ा कि स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद यह सवाल राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया कि आखिर यह किताब अब तक प्रकाशित क्यों नहीं हो पाई और राहुल गांधी बार-बार उसी का जिक्र क्यों कर रहे हैं।

क्या है जनरल नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’?

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की इस किताब का नाम ‘Four Stars of Destiny’ है। यह एक संस्मरणात्मक पुस्तक है, जिसमें उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभवों को दर्ज किया है। किताब में उनके सेना प्रमुख बनने तक के सफर के साथ-साथ कई अहम सैन्य और रणनीतिक घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

खास बात यह है कि इस किताब में वर्ष 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव, गलवान घाटी संघर्ष, पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य अभियानों और उस दौरान सेना व सरकार के बीच निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी जिक्र है। किताब के कुछ अंश दिसंबर 2023 में मीडिया में सामने आए थे, जिनसे यह संकेत मिला कि चीन के साथ टकराव के दौरान हालात उतने ‘नियंत्रण में’ नहीं थे, जैसा कि आधिकारिक तौर पर बताया गया था।

यही हिस्से इस किताब को संवेदनशील बनाते हैं, क्योंकि इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रणनीति और नीति-निर्धारण से जुड़े विषय शामिल हैं।

किताब अब तक प्रकाशित क्यों नहीं हो सकी?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनरल नरवणे की किताब अब तक बाजार में क्यों नहीं आ पाई। इसके पीछे सैन्य और सरकारी नियमों की अहम भूमिका है।

(A) Army Rules, 1954 के प्रावधान

Army Rules, 1954 के सेक्शन 21 के तहत सेना से जुड़े किसी भी सेवा विषय (Service Subject) या सुरक्षा मामलों पर बिना सरकार की पूर्व अनुमति के कोई भी सामग्री प्रकाशित नहीं की जा सकती।

इन नियमों के अनुसार:

  • सेना की रणनीति
  • सैन्य संचालन
  • नीति निर्धारण
  • सरकार और सेना के बीच निर्णय प्रक्रिया

जैसी जानकारियां ‘Service Information’ की श्रेणी में आती हैं। ऐसी जानकारी को प्रेस, किताब या किसी भी सार्वजनिक मंच पर बिना अनुमति साझा करना प्रतिबंधित है।

(B) सेवानिवृत्त अधिकारियों पर क्या लागू होते हैं नियम?

हालांकि Army Rules यह स्पष्ट रूप से नहीं बताते कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी अपनी किताबें कैसे प्रकाशित कर सकते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के अन्य नियम इस पर दिशा-निर्देश देते हैं।

Central Civil Services (Pension) Rules, 1972 में किए गए संशोधनों के अनुसार, यदि कोई सेवानिवृत्त अधिकारी:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा
  • रक्षा नीति
  • खुफिया या संवेदनशील जानकारी

से जुड़ा कोई कंटेंट प्रकाशित करना चाहता है, तो उसे पहले सरकार से अनुमति लेनी होती है।

इसी वजह से जनरल नरवणे की किताब के प्रकाशन के लिए पब्लिशर ने रक्षा मंत्रालय (MoD) और केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति मांगी थी। यह अनुमति प्रक्रिया पिछले करीब दो वर्षों से समीक्षा में है। न तो अब तक मंजूरी मिली है और न ही किताब प्रकाशित हो पाई है। इसी कारण यह पुस्तक अब तक ‘अप्रकाशित’ बनी हुई है।

संसद में राहुल गांधी ने क्या कहा?

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में ऐसे तथ्य हैं, जो सरकार के आधिकारिक बयानों से मेल नहीं खाते।

राहुल गांधी ने किताब के उन्हीं अंशों का हवाला देने की कोशिश की, जो अभी तक सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं हुए हैं। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई।

सरकार ने क्यों जताई आपत्ति?

सत्ता पक्ष का कहना था कि:

  • किसी अप्रकाशित किताब
  • या अप्रमाणित स्रोत

का संसद के रिकॉर्ड में हवाला नहीं दिया जा सकता। रक्षा मंत्री और गृह मंत्री दोनों ने इसे संसदीय मर्यादा और नियमों का उल्लंघन बताया।

स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि राहुल गांधी किसी अप्रकाशित किताब या उससे जुड़े लेखों के आधार पर सदन में बयान नहीं देंगे।

क्यों अटक गई राहुल गांधी की ‘सुई’ इसी किताब पर?

कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी राहुल गांधी बार-बार जनरल नरवणे की किताब का जिक्र करना चाहते थे। सत्ता पक्ष ने इसे जानबूझकर संवेदनशील मुद्दे को उछालने की कोशिश बताया।

जब लोकसभा की कार्यवाही का संचालन जगदंबिका पाल कर रहे थे, तब भी राहुल गांधी को इस विषय पर बोलने से रोका गया। हंगामा बढ़ता देख अंततः सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस किताब के जरिए सरकार के चीन नीति संबंधी दावों को घेरना चाहती है, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताकर चर्चा से दूर रखना चाहती है।

नियमों के दायरे में पूरा विवाद

यह पूरा विवाद केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और संस्थागत नियमों से भी जुड़ा हुआ है।

  • एक तरफ संसद की गरिमा और नियम हैं
  • दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीयता

ऐसे में अप्रकाशित और सरकारी अनुमति से वंचित किताब का हवाला देना कानूनी और संसदीय दोनों स्तरों पर सवाल खड़े करता है।

निष्कर्ष

जनरल मनोज नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ भले ही अब तक प्रकाशित न हुई हो, लेकिन संसद में उसका जिक्र होते ही वह राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गई है। राहुल गांधी के संदर्भ और सरकार के विरोध ने यह साफ कर दिया है कि यह मामला केवल एक किताब तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-चीन संबंधों, राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय मर्यादाओं से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि किताब को प्रकाशन की अनुमति मिलती है या नहीं, और क्या यह विवाद संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस को और तेज करता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp