वनकर्मियों पर हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई: देवास पुलिस ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 11 आरोपी पकड़ाए
संवाददाता: अकदस शेख
मध्य प्रदेश के देवास जिले में वन विभाग की टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कमलापुर थाना क्षेत्र में वनकर्मियों पर हमला करने के आरोप में फरार चल रहे दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन हवालात” के तहत की गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तबरेज उर्फ परवेज खान (30 वर्ष) और मन्ना उर्फ वसील (26 वर्ष), दोनों निवासी कमलापुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
इस गिरफ्तारी के बाद वनकर्मियों पर हमले के मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हुआ था हमला
पूरा मामला 13 जून 2026 का है। जानकारी के मुताबिक, कमलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भील आमला में वन विभाग की टीम सरकारी वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी।
वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी नियमित कार्रवाई के तहत मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों के एक समूह ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों के एक समूह ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। आरोप है कि भीड़ ने वनकर्मियों पर ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी।
हमले में 6 वनकर्मी हुए थे घायल
घटना के दौरान वन विभाग के करीब छह कर्मचारी घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था।
वनकर्मियों पर सरकारी कार्य के दौरान हमला होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों की पहचान शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
वन विभाग की ओर से भी इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे 9 आरोपी
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में पहले ही नौ आरोपियों को पकड़ लिया गया था।
पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
अब इसी कड़ी में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुखबिर सूचना और साइबर सेल की मदद से मिली सफलता
पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली।
इसके अलावा साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपियों की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी घटना के बाद अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे।
पूछताछ में सामने आई कई अहम जानकारियां
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी दुलीचंद और अन्य लोगों ने ग्रामीणों को उकसाया था। इसके बाद ग्रामीणों का समूह वन विभाग की टीम के विरोध में उतर आया और हमला किया गया।
हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
मुख्य आरोपियों और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो आरोपी अभी फरार हैं, उनकी तलाश लगातार जारी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले की पूरी योजना कैसे बनी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पुलिस का उद्देश्य घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करना है, ताकि सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
न्यायालय में पेश किए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर आरोपियों से आगे पूछताछ भी की जा सकती है।
ऑपरेशन हवालात के तहत पुलिस की कार्रवाई तेज
देवास पुलिस द्वारा अपराधियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए “ऑपरेशन हवालात” अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वनकर्मियों पर हमला करने के मामले में भी इसी अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वन विभाग की टीम पर हमला गंभीर अपराध
सरकारी कर्मचारियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करना कानून की नजर में गंभीर अपराध माना जाता है। वन विभाग की टीमें अक्सर अतिक्रमण हटाने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और वन संपदा की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करती हैं।
ऐसे अभियानों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है। इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच अभी जारी
फिलहाल कमलापुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है।
