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फ्लाइट टिकट नया नियम: अब पसंदीदा सीट के लिए नहीं देना होगा एक्स्ट्रा पैसा, जानें 5 बड़ी बातें

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Published On: 20 March 2026
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फ्लाइट टिकट नया नियम आ गया है! अब एयरलाइंस आपसे सीट चुनने के लिए मनमाना पैसा नहीं ले सकेंगी। जानें नियम का असर, परिवार के साथ बैठने का नियम और यात्रियों के अधिकार।

फ्लाइट टिकट नया नियम: अब पसंदीदा सीट के लिए नहीं देना होगा एक्स्ट्रा पैसा, परिवार संग बैठना भी हुआ आसान

हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब आपको फ्लाइट में अपनी पसंद की सीट चुनने के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक नया फ्लाइट टिकट नया नियम लागू किया है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लग गई है। यह नियम यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, ताकि उड़ान भरने का अनुभव अधिक पारदर्शी और सस्ता हो सके।

आइए, इस फ्लाइट टिकट नया नियम की पूरी जानकारी, इससे होने वाले फायदों और एयरलाइंस पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है नया फ्लाइट टिकट नियम? (What is the New Flight Ticket Rule?)

हाल ही में जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस कंपनियां अब सीट चयन (Seat Selection) के नाम पर यात्रियों से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। यह फ्लाइट टिकट नया नियम मुख्य रूप से उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें अब तक बुकिंग के बाद वेब चेक-इन के समय पसंदीदा सीट (जैसे खिड़की वाली या आगे वाली सीट) के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि टिकट की कीमत में बेसिक सुविधाएं पहले से ही शामिल होती हैं। ऐसे में सीट चुनना एक बुनियादी सुविधा है, न कि कोई अतिरिक्त लग्जरी। इसलिए, अब एयरलाइंस को हर फ्लाइट में एक निश्चित संख्या में सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के रखनी होंगी।

अब 60% सीटें होंगी मुफ्त: मनमाने चार्ज पर लगाम

नए निर्देशों के तहत सबसे अहम बदलाव यह है कि अब हर फ्लाइट में करीब 60% सीटें यात्रियों के लिए फ्री में चुनने के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। यानी अब वेब चेक-इन या फिर सीट सिलेक्शन के दौरान एयरलाइंस मनमाने चार्ज नहीं वसूल सकेंगी।इस फ्लाइट टिकट नया नियम का उद्देश्य एयरलाइंस के व्यवसायिक मॉडल को और अधिक पारदर्शी बनाना है। पहले कई एयरलाइंस कम किराया दिखाकर टिकट बेचती थीं, लेकिन बाद में सीट चुनने, बैगेज और अन्य सुविधाओं के नाम पर भारी अतिरिक्त शुल्क वसूल लेती थीं। अब इस पर रोक लगने से यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

परिवार संग यात्रा: साथ बैठना अब होगा आसान

सबसे बड़ी राहत उन यात्रियों को मिलेगी जो परिवार या फिर ग्रुप में यात्रा करते हैं। पहले अक्सर यह देखने को मिलता था कि एक ही परिवार के सदस्यों को फ्लाइट में अलग-अलग जगहों पर बैठना पड़ता था, जिससे यात्रा का अनुभव काफी असुविधाजनक हो जाता था, खासकर यदि परिवार में बुजुर्ग या छोटे बच्चे हों।अब एक ही पीएनआर (PNR) पर बुकिंग करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने की जिम्मेदारी एयरलाइंस की होगी। इस फ्लाइट टिकट नया नियम के तहत एयरलाइंस यह सुनिश्चित करेंगी कि एक ही परिवार या समूह के सदस्यों को एक साथ बैठाया जाए। इससे अलग-अलग सीट मिलने की परेशानी और उसके लिए अतिरिक्त खर्च से छुटकारा मिलेगा।

एयरलाइंस की मनमानी पर शिकंजा: क्या बदलेगा?

बता दें कि अब तक कई एयरलाइंस टिकट बुकिंग के बाद सीट चुनने के नाम पर एक्स्ट्रा रुपए लेती थीं। कभी-कभी तो यह शुल्क टिकट की मूल कीमत का 10-15% तक हो जाता था। नए नियमों का मकसद इसी मनमानी पर लगाम लगाना है।

इस फ्लाइट टिकट नया नियम के प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

  • पारदर्शिता: एयरलाइंस को टिकट बुकिंग के समय ही स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कौन सी सीटें फ्री हैं और किन सीटों पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
  • फ्री सीट्स की गारंटी: हर फ्लाइट में 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध होंगी। यदि यात्री कोई विशेष सीट चाहता है (जैसे एक्जिट रो या एक्स्ट्रा लेगरूम), तो उसके लिए शुल्क लिया जा सकता है, लेकिन यह शुल्क उचित और पूर्व निर्धारित होना चाहिए।
  • वेब चेक-इन: वेब चेक-इन के दौरान यात्रियों को फ्री सीट्स का विकल्प सबसे पहले दिखाया जाएगा, ताकि उन्हें भुगतान करने के लिए बाध्य न होना पड़े।

यात्रियों के अधिकार: अब मिलेगी स्पष्ट जानकारी

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यात्रियों के अधिकारों की जानकारी हर प्लेटफॉर्म, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और एयरपोर्ट काउंटर पर स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। यह फ्लाइट टिकट नया नियम केवल सीट चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रा के दौरान होने वाली अन्य समस्याओं पर भी लागू होता है।फ्लाइट देरी, कैंसिलेशन या बोर्डिंग से मना किए जाने की स्थिति में अब यात्रियों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिलनी जरूरी होगी। यदि फ्लाइट कैंसिल होती है या देरी होती है, तो एयरलाइन को यात्री को वैकल्पिक उड़ान, रिफंड या मुआवजे के विकल्प के बारे में स्पष्ट रूप से बताना होगा।

कैसे करें सीट चुनने की प्रक्रिया?

नए नियमों के बाद सीट चुनने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। यदि आपने हाल ही में टिकट बुक किया है, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:

  • टिकट बुकिंग: टिकट बुक करते समय यह देख लें कि क्या सीट चयन का विकल्प मुफ्त है या सशुल्क। अब एयरलाइंस की वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से अंकित होगा।
  • वेब चेक-इन: फ्लाइट उड़ान भरने से 24 से 48 घंटे पहले वेब चेक-इन करें। यहां आपको फ्लाइट का मैप दिखेगा। नए फ्लाइट टिकट नया नियम के तहत, खाली सीटों में से अधिकतर फ्री होंगी। आप बिना किसी भुगतान के अपनी पसंद की सीट का चयन कर सकते हैं।
  • एयरपोर्ट काउंटर: यदि आप वेब चेक-इन नहीं कर पाते हैं, तो एयरपोर्ट पर काउंटर पर जाकर भी सीट चुन सकते हैं। यहां भी एयरलाइन कर्मचारी आपको बिना शुल्क वाली सीट का विकल्प देंगे।

नए नियम से किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा?

इस फ्लाइट टिकट नया नियम का सबसे अधिक लाभ निम्नलिखित यात्रियों को मिलेगा:

  • परिवारों को: जैसा कि पहले बताया गया, एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों को अब अलग नहीं बैठना पड़ेगा। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करना सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।
  • बजट यात्रियों को: जो यात्री हर बार सबसे सस्ता टिकट देखकर बुक करते थे, उन्हें अब सीट चयन के लिए अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे, जिससे उनकी यात्रा लागत कम होगी।
  • बार-बार यात्रा करने वालों को: जो लोग महीने में 2-3 बार हवाई यात्रा करते हैं, उनके लिए यह नियम हजारों रुपये की बचत कर सकता है।
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