जंगली सुअर के अवैध शिकार मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
डॉग स्क्वॉड की मदद से मिले दांत और बाल, मौके से पकाया हुआ मांस और शिकार में इस्तेमाल सामग्री बरामद
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में जंगली सुअर के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग की टीम ने ग्राम बिजरी के पटपहरा टोला में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान मौके से पकाया हुआ मांस, हंसिया, कढ़ाई, बर्तन और खून लगी बोरी सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
वन विभाग के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि पटपहरा टोला क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा जंगली सुअर का शिकार किया गया है और उसके मांस को पकाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मानपुर बफर क्षेत्र की वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी।
सूचना के आधार पर वन विभाग ने दी दबिश
वन विभाग को सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने टीम गठित कर ग्राम बिजरी के पटपहरा टोला में कार्रवाई की। टीम ने संदिग्ध स्थान पर पहुंचकर तलाशी शुरू की। इस दौरान वहां शिकार से संबंधित कई सामग्रियां मिलीं।
कार्रवाई के दौरान विनोद बैगा, प्रेमलाल बैगा और छललू बैगा सहित कुल पांच आरोपियों को पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने मौके से बरामद सामग्री को जब्त कर लिया और आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री और मौके की परिस्थितियों के आधार पर वन्यजीव के अवैध शिकार से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं।
पकाया हुआ मांस और अन्य सामग्री बरामद
तलाशी के दौरान वन विभाग की टीम को मौके से पकाया हुआ मांस, हंसिया, कढ़ाई, बर्तन और खून लगी बोरी समेत अन्य सामग्री मिली। वन विभाग ने बरामद सभी वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।
मौके से मिली सामग्री को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंगली सुअर का शिकार कब और किस स्थान पर किया गया था तथा इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
डॉग स्क्वॉड की मदद से चलाया सर्च ऑपरेशन
प्रकरण की जांच को आगे बढ़ाने के लिए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। प्रशिक्षित डॉग की सहायता से आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
तलाशी के दौरान टीम को एक स्थान से जंगली सुअर के दांत और बाल बरामद हुए। इन अवशेषों की बरामदगी के बाद वन विभाग ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया।
डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के क्षेत्र में अन्य संभावित साक्ष्यों की भी तलाश की गई। वन विभाग की टीम द्वारा बरामद सामग्री और अवशेषों को प्रकरण की जांच में शामिल किया गया है।
पूछताछ में जुटाई जा रही जानकारी
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से वन विभाग की टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान शिकार की घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि जंगली सुअर का शिकार किस तरह किया गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और शिकार के बाद मांस को कहां ले जाकर पकाया गया।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का किसी अन्य वन्यजीव शिकार की घटना से संबंध तो नहीं है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने पांचों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में बरामद सामग्री और साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बफर क्षेत्र में शिकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है।
बफर क्षेत्र में बढ़ाई जा रही निगरानी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास के बफर क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग का कहना है कि जंगल और बफर क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं को भी गंभीरता से लिया जाता है। अवैध शिकार की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने का प्रयास किया जाता है।
जंगली सुअर के अवैध शिकार के इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और डॉग स्क्वॉड की मदद से दांत एवं बाल बरामद होने के बाद जांच आगे बढ़ रही है। वन विभाग अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रहा है।
रिपोर्ट – संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास, दैनिक स्वराज वाणी
