बरसात के बीच घर में भीषण आग, डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान; गृहस्थी का सामान जलकर राख, पीड़ित परिवार ने लगाई सहायता की गुहार
संवाददाता: आशीष ठाकरे
रात 3:30 बजे लगी आग से मची अफरा-तफरी, नगर परिषद आठनेर की फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से पाया गया काबू
आठनेर (बैतूल)। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर विकासखंड के ग्राम सातनेर में बरसात के मौसम के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया। देर रात अचानक एक मकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में पीड़ित परिवार की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी, कृषि उपयोगी सामग्री और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और नगर परिषद आठनेर की फायर ब्रिगेड तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे आग आसपास के अन्य मकानों तक नहीं फैल सकी। हालांकि तब तक पीड़ित परिवार को लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो चुका था।
ग्राम सातनेर में देर रात लगी आग
जानकारी के अनुसार आठनेर विकासखंड के ग्राम सातनेर निवासी ओमकार बोरबन के घर में रात लगभग 3:30 बजे अचानक आग लग गई। रात का समय होने के कारण परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे। जब घर से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं तो आसपास के लोगों ने शोर मचाकर परिवार को बाहर निकाला।
देखते ही देखते आग ने घर में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण उस पर काबू पाना आसान नहीं था।
डायल-112 की सूचना पर तुरंत पहुंची फायर ब्रिगेड
घटना की सूचना तत्काल डायल-112 को दी गई। सूचना मिलते ही नगर परिषद आठनेर की फायर ब्रिगेड मौके के लिए रवाना हुई।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने के बाद दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। यदि दमकल समय पर नहीं पहुंचती तो आग आसपास के अन्य मकानों तक भी फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
फायर कर्मियों ने बताया— आग की लपटें थीं बेहद तेज

नगर परिषद आठनेर के फायर पायलट प्रवीण गांवडे और राजा काजी ने बताया कि जब दमकल वाहन मौके पर पहुंचा तब आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी।
उन्होंने बताया कि आग की लपटें तेजी से उठ रही थीं और लगातार फैल रही थीं। ग्रामीणों ने भी पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। दमकल और ग्रामीणों की संयुक्त मेहनत के कारण आग पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सका।
दमकल कर्मियों ने बताया कि यदि कुछ देर और हो जाती तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।
घर का पूरा सामान जलकर हुआ राख

पीड़ित ओमकार बोरबन ने बताया कि आग में उनके घर का लगभग पूरा सामान नष्ट हो गया।
आग में जिन प्रमुख सामानों का नुकसान हुआ उनमें शामिल हैं—
- मोटर एवं मोटर पाइप
- भूसा
- यूरिया खाद
- घरेलू उपयोग का सामान
- रसोई का सामान
- कपड़े
- अनाज एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं
पीड़ित परिवार के अनुसार वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही देर में जलकर राख हो गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान एक लाख से डेढ़ लाख रुपये के बीच बताया जा रहा है।
बरसात के मौसम में बढ़ी चिंता
आमतौर पर बरसात के मौसम में आग लगने की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन सातनेर में हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
संभावना जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट अथवा किसी अन्य तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता
घटना के बाद पूरे गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंच गए और पीड़ित परिवार की सहायता में जुट गए।
ग्रामीणों ने पानी, बाल्टियों और अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने में सहयोग किया। साथ ही परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सभी लोगों ने मिलकर प्रयास नहीं किया होता तो आग आसपास के घरों तक फैल सकती थी।
समाजसेवी रामेश्वर झपाड़े ने की मदद की अपील
सातनेर के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रामेश्वर झपाड़े ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि आग में परिवार की दैनिक जरूरत का लगभग पूरा सामान नष्ट हो गया है। ऐसे में परिवार के सामने भोजन बनाने और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग करें ताकि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत मिल सके।
प्रशासन ने शुरू की नुकसान का आकलन प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित पटवारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
पटवारी द्वारा नुकसान का प्रारंभिक पंचनामा तैयार किया गया तथा आग से हुए नुकसान का आकलन शुरू किया गया है। प्रशासन द्वारा रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि नियमानुसार पीड़ित परिवार को राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
पीड़ित परिवार ने शासन से मांगा उचित मुआवजा
घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग में परिवार का जीवनयापन का अधिकांश सामान नष्ट हो गया है। ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से परिवार को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अधिकतम आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
आग से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पुराने तार, ओवरलोडिंग और असुरक्षित विद्युत कनेक्शन आग लगने का प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में समय-समय पर बिजली की वायरिंग की जांच कराना, खराब तारों को बदलना और ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखना आवश्यक है।
इसके अलावा घरों में अग्निशमन के प्राथमिक उपायों की जानकारी और आपातकालीन सेवाओं के नंबर सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में समय पर सहायता मिल सके।
ग्रामीणों को प्रशासन से राहत का इंतजार
सातनेर गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अचानक होने वाली दुर्घटनाएं किसी भी परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर सकती हैं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई संपत्ति कुछ ही मिनटों में नष्ट हो गई।
अब पीड़ित परिवार को शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार है। वहीं गांव के लोग भी परिवार की हर संभव मदद के लिए आगे आ रहे हैं। सभी की यही उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र राहत राशि स्वीकृत कर परिवार को इस कठिन समय से उबरने में सहयोग करेगा।
