श्री सर्व संभवनाथ जिनालय एवं गुरु मंदिर, बड़वाह में 12 जुलाई को होगा भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव
त्रिदिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर श्रीसंघ में उत्साह का वातावरण
मध्यप्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगर बड़वाह में स्थित श्री सर्व संभवनाथ जिनालय एवं गुरु मंदिर में आगामी 12 जुलाई को भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वर्षों की श्रद्धा, तप, गुरुभक्ति और समाज की सामूहिक आस्था का दिव्य उत्सव है। इस शुभ अवसर को लेकर सम्पूर्ण श्रीसंघ एवं क्षेत्र के धर्मप्रेमी बंधुओं में अत्यंत हर्ष, उल्लास और भक्ति का वातावरण व्याप्त है।
युगप्रभावक गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा के शिष्य एवं वर्तमान गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराजा ने बड़वाह श्रीसंघ को श्री सर्व संभवनाथ मंदिर जी की प्रतिष्ठा हेतु 12 जुलाई का शुभ मुहूर्त प्रदान किया है। यह प्रतिष्ठा आषाढ़ वदी तेरस, रविवार के पावन दिवस पर सम्पन्न होगी। इस अवसर पर तीन दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है।
पिपलोदा में प्रदान हुआ प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त
प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभ मुहूर्त 17 मई को पिपलोदा में गच्छाधिपति श्री के पावन मुखारविंद से प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक एवं मंगलमय अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित समाजजन एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर त्रिस्तुतिक अध्यक्ष सुरेश जी तातेड़ (राजगढ़), धर्मचंद जी बोहरा (इंदौर), उत्तमचंद जी चंडालिया (रिंगनोद), दिलीप जी (इंदौर) सहित बड़वाह श्रीसंघ के अनेक गणमान्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनमें विजय जी बाफना, ललित जी सुराणा, धर्मेंद्र जी सुराणा, रमेश जी गुड़वाले, निर्मल जी बम, विजय जी पारख, मनीष जी जेलमी, अजय जी पारख एवं अभिनव जी पारख प्रमुख रहे।
जैसे ही प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त घोषित हुआ, मंदिर समिति के सदस्यों एवं महिलाओं ने गाजे-बाजे, जयघोष एवं भक्ति भाव के साथ इसका स्वागत किया। सम्पूर्ण वातावरण धार्मिक ऊर्जा, उल्लास और आनंद से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया।
धर्मलाभ हेतु समाजजनों से की गई विशेष अपील
श्री सर्व संभवनाथ मंदिर समिति एवं बड़वाह श्रीसंघ ने देशभर के धर्मप्रेमी बंधुओं से इस त्रिदिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह महोत्सव केवल बड़वाह क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवशाली अवसर है।
प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, प्रवचन, भक्ति संध्या, ध्वजारोहण एवं विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं ताकि सभी भक्तजन सुगमता से महोत्सव का लाभ प्राप्त कर सकें।
लगभग आधा एकड़ क्षेत्र में फैला भव्य मंदिर परिसर
इंदौर–इच्छावर हाईवे रोड पर स्थित श्री सर्व संभवनाथ जिनालय का विशाल एवं भव्य परिसर लगभग 24,000 स्क्वेयर फीट अर्थात लगभग आधा एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। अपनी आकर्षक वास्तुकला, शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण यह जिनालय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
मंदिर का निर्माण अत्यंत सुंदर एवं पारंपरिक जैन स्थापत्य शैली में किया गया है। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को दिव्यता, शांति एवं भक्ति का विशेष अनुभव होता है। विशाल शिखर, नक्काशीदार स्तंभ, कलात्मक प्रतिमाएं एवं सुव्यवस्थित परिसर इसकी भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाते हैं।
मंदिर में विराजमान हैं अनेक दिव्य प्रतिमाएं
श्री सर्व संभवनाथ जिनालय में मुख्य रूप से भगवान श्री सर्व संभवनाथ भगवान, श्री विमलनाथ भगवान एवं श्री सीमंधर स्वामी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। इन दिव्य प्रतिमाओं के दर्शन हेतु दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
इसके अतिरिक्त मंदिर में गुरु भगवंत स्वरूप श्री गौतम स्वामी, श्रीमद् राजेंद्र सूरिश्वर जी महाराजा एवं श्री यतिंद्र सूरिश्वर जी महाराजा की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। साथ ही शासन देव, यक्ष एवं यक्षिणियों की सुंदर एवं दिव्य प्रतिमाएं मंदिर की शोभा को और अधिक बढ़ाती हैं।
मंदिर का प्रत्येक भाग श्रद्धा एवं आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल धार्मिक शांति का अनुभव करते हैं, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मिक आनंद का भी अनुभव करते हैं।
22 वर्षों की प्रतीक्षा अब होगी पूर्ण
इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां भगवान मेहमान स्वरूप पिछले 22 वर्षों से विराजमान हैं और अब जाकर भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव एवं ध्वज पताका फहराने का शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। समाजजन इसे वर्षों की तपस्या, गुरुकृपा और समर्पण का प्रतिफल मान रहे हैं।
प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ ही मंदिर में विधिवत धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिष्ठा सम्पन्न होगी, जिससे यह जिनालय क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक क्षण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
बड़वाह जिनालय का प्रेरणादायी इतिहास
मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि गच्छनायक गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा ने नागदा शांतिनाथ जिनालय प्रतिष्ठा के दौरान श्रीमती निर्मला भंवरलाल मेहता (निरू बेन) को बड़वाह में जिनालय हेतु भूमि दान करने की प्रेरणा प्रदान की थी। साथ ही दिलीप चंडालिया (रिंगनोद) एवं पूर्व परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल कटारिया (बेंगलुरु) को जिनालय निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
गुरुदेव की प्रेरणा एवं समाजजनों की आस्था से इस भव्य जिनालय की नींव रखी गई। 22 नवम्बर 2004 को बाग नगर में खनन मुहूर्त प्रदान किया गया, जबकि 2 दिसम्बर 2004 को खनन कार्य सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात मंदिर निर्माण का कार्य निरंतर प्रगति करता रहा।
वर्ष 2006 में पुण्य सम्राट के शिष्य मुनिराज विनयरत्न विजय जी म.सा. एवं मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा. की निश्रा में जिनालय की चल प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। तब से लेकर आज तक यह जिनालय श्रद्धालुओं की आस्था एवं भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
गुरुभक्ति और समर्पण का साकार रूप
समाजजनों के अनुसार वर्षों से निरू बहन एवं पारख परिवार की अटूट गुरुभक्ति, समर्पण और सेवा का ही परिणाम है कि आज यह प्रतिष्ठा महोत्सव साकार रूप लेने जा रहा है। समाज के अनेक परिवारों एवं श्रद्धालुओं ने तन, मन और धन से इस जिनालय के निर्माण एवं विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त पिपलोदा नगर में प्राप्त होना सम्पूर्ण बड़वाह श्रीसंघ के लिए गर्व और आनंद का विषय है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन
श्री सर्व संभवनाथ जिनालय का यह प्रतिष्ठा महोत्सव धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही यह आयोजन सामाजिक एकता, संस्कृति संरक्षण एवं आध्यात्मिक जागरण का भी संदेश देगा। महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को जैन धर्म, संस्कृति एवं गुरुभक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन समिति द्वारा बताया गया है कि प्रतिष्ठा महोत्सव में अनेक धार्मिक विभूतियां, संत-साध्वी भगवंत, समाजजन एवं देशभर से श्रद्धालु शामिल होंगे। महोत्सव के दौरान भक्ति, आराधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों की विशेष श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा महोत्सव
तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठा महोत्सव में मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। भव्य रोशनी, धार्मिक ध्वज, आकर्षक सजावट एवं मंगलमय वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। समाजजन इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि वर्षों बाद प्राप्त यह शुभ अवसर जीवन में आध्यात्मिक उन्नति एवं धर्मलाभ का माध्यम बनेगा। बड़वाह में होने वाला यह प्रतिष्ठा महोत्सव निश्चित रूप से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
धर्म और आस्था का अद्भुत संगम
श्री सर्व संभवनाथ जिनालय एवं गुरु मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, समर्पण एवं गुरुभक्ति का जीवंत प्रतीक है। वर्षों की साधना और समाज की सामूहिक भावना से निर्मित यह जिनालय आने वाले समय में हजारों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा।
12 जुलाई को आयोजित होने वाला यह प्रतिष्ठा महोत्सव बड़वाह के धार्मिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। सम्पूर्ण श्रीसंघ एवं समाजजन इस दिव्य अवसर की प्रतीक्षा उत्साहपूर्वक कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह कर रहे हैं।
