खाद वितरण में भ्रष्टाचार की शिकायत: किसान संघ ने कलेक्टर से जांच की मांग की
— रिपोर्ट: गौरव जैन सिन्नी,
अशोकनगर समाचार:
अशोकनगर जिले में खाद वितरण में गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। किसान संघ के तहसील मीडिया प्रभारी रामकृष्ण कुशवाह ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर मर्यादित सोसायटी तूमैन के मुंशी त्रिलोक सिंह यादव पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत ने जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
खाद वितरण में अनियमितता का आरोप
रामकृष्ण कुशवाह के अनुसार, 4:30 बजे शाम जब वे अशोकनगर से लौट रहे थे, तब उन्होंने तमोईया बेयर हाउस पर एक ट्रैक्टर में खाद लोड होते देखा। उन्हें संदेह हुआ कि यह कार्य नियमों के विपरीत किया जा रहा है। कुशवाह ने तत्काल इसका वीडियो बनाकर संबंधित अधिकारियों को भेजा। इस घटना के बाद उन्होंने उम्मीद जताई थी कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा, लेकिन उन्हें जांच की जानकारी अखबार के माध्यम से ही मिली।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद से किसानों के बीच यह अफवाह फैला दी गई कि अब खाद का वितरण रामकृष्ण कुशवाह स्वयं करेंगे। इस वजह से उनके पास प्रतिदिन 30 से 40 किसानों के फोन आने लगे हैं। इससे किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
गेहूं खरीदी में भी हेराफेरी का आरोप
कुशवाह ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान बेयर हाउस में गेहूं खरीदी के दौरान करीब 600 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी की गई थी। इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते जांच नहीं करता, तो किसानों का भरोसा सरकारी तंत्र से उठ जाएगा।
ट्रांसफर के बाद भी चार्ज नहीं छोड़ा
रामकृष्ण कुशवाह ने बताया कि मुंशी त्रिलोक सिंह यादव का दो माह पहले ही ट्रांसफर दूसरी सोसायटी में किया जा चुका है, लेकिन उन्होंने आज तक चार्ज नहीं छोड़ा। यह स्थिति अपने आप में प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। “एक ओर किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर मुंशी खुलेआम गड़बड़ियां कर रहे हैं,” कुशवाह ने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार किसानों को खाद लेने के लिए पूरी रात लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि दूसरी ओर अधिकारी अपने चहेतों को मनमाने तरीके से खाद का वितरण कर रहे हैं। यह न केवल खाद वितरण में अनियमितता है, बल्कि कृषि कानूनों और सरकारी दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन भी है।
जातिसूचक गालियां और धमकी का भी आरोप
रामकृष्ण कुशवाह ने यह भी बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें त्रिलोक सिंह यादव के सहयोगियों द्वारा जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने कहा, “मैंने केवल किसानों के अधिकारों की बात की है, लेकिन अब मुझे डराया और धमकाया जा रहा है। यह न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है।” कुशवाह ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर जनसुनवाई में जांच की मांग
जनसुनवाई में दी गई शिकायत में किसान नेता ने मांग की है कि एक जांच दल गठित कर पूरे खाद वितरण प्रकरण की फॉरेंसिक जांच कराई जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह भ्रष्टाचार हुआ, उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो किसान संघ इस मामले को राज्य स्तर तक ले जाएगा और आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल तूमैन सोसायटी का नहीं है, बल्कि पूरे जिले में खाद वितरण प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
किसानों में रोष, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद किसानों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल खाद वितरण के समय गड़बड़ियां सामने आती हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। कई किसानों ने कहा कि खाद वितरण में पारदर्शिता नहीं है और अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी की जाती है। इससे गरीब किसान समय पर खाद नहीं खरीद पाते और उनकी फसल पर विपरीत असर पड़ता है।
प्रशासन क्या करेगा कार्रवाई?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अशोकनगर प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। कलेक्टर कार्यालय से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
किसान संघ का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मुंशी त्रिलोक सिंह यादव को तुरंत निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल जिलेभर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
