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		<title>इंदौर में नारी शक्ति से ही संस्कृति का उत्थान और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य संभव : डॉ. भरत शर्मा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 13:36:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर के विभिन्न गरबा एवं दुर्गा पूजन समारोहों में शामिल हुए डॉ. भरत शर्मा, नारी सम्मान और समान अधिकारों को बताया नवरात्रि की वास्तविक सार्थक नारी शक्ति से ही संस्कृति ... <a title="इंदौर में नारी शक्ति से ही संस्कृति का उत्थान और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य संभव : डॉ. भरत शर्मा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/https-swarajvani-com-dr-bharat-sharma-navratri-nari-shakti-indore-2026/" aria-label="Read more about इंदौर में नारी शक्ति से ही संस्कृति का उत्थान और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य संभव : डॉ. भरत शर्मा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span id="more-368265"></span>इंदौर के विभिन्न गरबा एवं दुर्गा पूजन समारोहों में शामिल हुए डॉ. भरत शर्मा, नारी सम्मान और समान अधिकारों को बताया नवरात्रि की वास्तविक सार्थक</p>
<p>नारी शक्ति से ही संस्कृति का उत्थान और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य संभव : डॉ. भरत शर्मा</p>
<p>इंदौर के विभिन्न गरबा एवं दुर्गा पूजन समारोहों में शामिल हुए डॉ. भरत शर्मा, नारी सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा को बताया नवरात्रि की वास्तविक सार्थकता</p>
<p>इंदौर। दैनिक स्वराज वाणी। नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर शहर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सव एवं मां दुर्गा पूजन समारोहों में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य डॉ. भरत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p>डॉ. भरत शर्मा ने कहा कि नवरात्रि की वास्तविक सार्थकता नारी शक्ति के सम्मान, संस्कृति के उत्थान और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में निहित है। भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं और त्योहारों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी दृष्टि है, जिसमें प्रकृति, सृष्टि, ज्ञान, करुणा और शक्ति के प्रति सम्मान सर्वोपरि है।</p>
<p>भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आचरण में उतारना जरूरी</p>
<p>डॉ. शर्मा ने कहा कि नवरात्रि भारतीय सांस्कृतिक चेतना का दिव्य प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने के साथ उसके मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संस्कृति का वास्तविक संरक्षण तभी संभव है, जब उसके आदर्श केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रहकर समाज के व्यवहार और आचरण में भी दिखाई दें।</p>
<p>नारी सम्मान का अर्थ समान अधिकार और सुरक्षित वातावरण</p>
<p>डॉ. भरत शर्मा ने अपने संबोधन में नारी सम्मान को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराएं महिलाओं के सम्मान और शक्ति की उपासना का संदेश देती हैं, लेकिन नारी सम्मान का वास्तविक अर्थ महिलाओं को समान अधिकार, समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रदान करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि महिलाओं के व्यक्तित्व, स्वतंत्रता और गरिमा को स्वीकार करना ही नवरात्रि उत्सव की वास्तविक सार्थकता है।</p>
<p>गरबा आयोजन में डॉ. भरत शर्मा का सम्मान</p>
<p>इंदौर के वैभव नगर सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉ. शर्मा ने सहभागिता की।</p>
<p>कृष्णपुरा छतरियों पर नंदलालपुरा व्यापारी संघ द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव में जी टीवी के डायरेक्टर सत्येन भीलवारे ने डॉ. भरत शर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।</p>
<p>इस अवसर पर गरबा आयोजन की विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में वैभव नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष सुनील पटेल सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p>नारी शक्ति के सम्मान से मजबूत होगी सांस्कृतिक विरासत</p>
<p>डॉ. शर्मा ने कहा कि नवरात्रि जैसे पर्व समाज को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान भागीदारी को सुनिश्चित करके ही भारतीय संस्कृति के आदर्शों को सार्थक रूप दिया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों को व्यवहार में अपनाने और नारी शक्ति के सम्मान को सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।</p>
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		<title>विजयादशमी पर धर्म जागृति संस्थान का संदेश: क्रोध, मान, माया और लोभ पर विजय ही सच्चा दशहरा, आचार्य वसुनंदीजी का मंगल आशीर्वाद</title>
		<link>https://swarajvani.com/https-swarajvani-com-dharma-jagriti-sansthan-vijayadashami-acharya-vasunandi-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 13:15:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान ने विजयादशमी पर आचार्य वसुनंदीजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से क्रोध, लोभ और मोह पर विजय तथा धर्म-सदाचार का संदेश दिया। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति ... <a title="विजयादशमी पर धर्म जागृति संस्थान का संदेश: क्रोध, मान, माया और लोभ पर विजय ही सच्चा दशहरा, आचार्य वसुनंदीजी का मंगल आशीर्वाद" class="read-more" href="https://swarajvani.com/https-swarajvani-com-dharma-jagriti-sansthan-vijayadashami-acharya-vasunandi-2026/" aria-label="Read more about विजयादशमी पर धर्म जागृति संस्थान का संदेश: क्रोध, मान, माया और लोभ पर विजय ही सच्चा दशहरा, आचार्य वसुनंदीजी का मंगल आशीर्वाद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान ने विजयादशमी पर आचार्य वसुनंदीजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से क्रोध, लोभ और मोह पर विजय तथा धर्म-सदाचार का संदेश दिया।</p>
<p>अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं, आत्मविजय का दिया संदेश</p>
<p>आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से धर्म, संयम और सदाचार अपनाने का आह्वान, क्रोध, मान, माया और लोभ पर विजय को बताया सच्चा दशहरा</p>
<p>मुरैना/नई दिल्ली (मनोज जैन नायक)। दैनिक स्वराज वाणी। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान (पंजी.) ने विजयादशमी के पावन अवसर पर देशभर के धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं को मंगल शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए धर्म, सदाचार, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया है। संस्थान ने विजयादशमी को केवल बाहरी बुराइयों पर विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर विद्यमान विकारों को समाप्त कर आत्मशुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर बताया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन ग्रीनपार्क, दिल्ली की ओर से जारी शुभकामना संदेश में परम पूज्य प्राकृत भाषा चक्रवर्ती, अभिक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री 108 वसुनंदीजी महाराज के मंगल आशीर्वाद का उल्लेख किया गया।</p>
<p>क्रोध, मान, माया और लोभ पर विजय ही सच्ची विजय</p>
<p>संस्थान के संदेश में कहा गया कि जैन धर्म के अनुसार सच्ची विजय दूसरों को पराजित करने में नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर मौजूद क्रोध, मान, माया, लोभ, राग और द्वेष जैसे विकारों पर नियंत्रण प्राप्त करने में निहित है।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-368260" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4.jpeg" alt="5b7642ba 095f 45b9 8559 bb3563d244c4" width="1131" height="1600" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4.jpeg 1131w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4-212x300.jpeg 212w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4-724x1024.jpeg 724w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4-768x1086.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/5b7642ba-095f-45b9-8559-bb3563d244c4-1086x1536.jpeg 1086w" sizes="(max-width: 1131px) 100vw, 1131px" /></a></p>
<p>भगवान जिनेंद्र के बताए मार्ग पर चलते हुए अहिंसा, सत्य, क्षमा, करुणा, संयम और अपरिग्रह को जीवन में अपनाना ही विजयादशमी पर्व की वास्तविक सार्थकता है।</p>
<p>सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र के मार्ग पर चलने का आह्वान</p>
<p>धर्म जागृति संस्थान ने मंगलकामना व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के जीवन में धर्म और सदाचार का प्रकाश बना रहे। परिवारों में सुख-शांति, प्रेम, आपसी सद्भाव और सकारात्मक वातावरण बना रहे तथा भगवान जिनेंद्र के प्रति श्रद्धा और भक्ति निरंतर बढ़ती रहे।</p>
<p>संस्थान ने सभी श्रद्धालुओं से सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए आत्मकल्याण की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।</p>
<p>समाज सेवा और परोपकार को जीवन का हिस्सा बनाएं</p>
<p>शुभकामना संदेश में कहा गया कि धार्मिक जीवन का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज सेवा, धर्मप्रभावना, जीवदया और परोपकार जैसे कार्य भी जीवन का अभिन्न अंग बनने चाहिए।</p>
<p>संस्थान के अनुसार सच्चा दशहरा तभी सार्थक होगा, जब मनुष्य अपने भीतर के विकारों पर विजय प्राप्त कर आत्मा के निर्मल स्वरूप की ओर अग्रसर होगा।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-368259" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4.jpeg" alt="c9a32f95 4901 4e25 b43d 84aae891eaf4" width="1080" height="1418" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4.jpeg 1080w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4-228x300.jpeg 228w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4-780x1024.jpeg 780w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/c9a32f95-4901-4e25-b43d-84aae891eaf4-768x1008.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></a></p>
<p>राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र जैन ने दी शुभकामनाएं</p>
<p>संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन (दिल्ली) ने समस्त धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, धर्म और सदाचार की मंगलकामना की।</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी | मुरैना/नई दिल्ली | रिपोर्ट : मनोज जैन नायक</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राज्यसभा सांसद नवीन जैन, न्यूयॉर्क में भारतीय संसदीय दल के साथ होंगे शामिल</title>
		<link>https://swarajvani.com/https-swarajvani-com-rajya-sabha-mp-naveen-jain-unga-new-york-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 13:06:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्यसभा सांसद नवीन जैन 19 से 30 अक्टूबर 2026 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा से ... <a title="संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राज्यसभा सांसद नवीन जैन, न्यूयॉर्क में भारतीय संसदीय दल के साथ होंगे शामिल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/https-swarajvani-com-rajya-sabha-mp-naveen-jain-unga-new-york-2026/" aria-label="Read more about संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राज्यसभा सांसद नवीन जैन, न्यूयॉर्क में भारतीय संसदीय दल के साथ होंगे शामिल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राज्यसभा सांसद नवीन जैन 19 से 30 अक्टूबर 2026 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लेंगे।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रम में भारतीय संसदीय दल के साथ शामिल होंगे सांसद नवीन जैन</p>
<p>19 से 30 अक्टूबर तक अमेरिका प्रवास पर रहेंगे राज्यसभा सांसद, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ करेंगे सहभागिता</p>
<p>मुरैना। (मनोज जैन नायक) दैनिक स्वराज वाणी। आगरा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन को न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly–UNGA) से संबंधित कार्यक्रम में भारतीय संसदीय दल के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में सहभागिता करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में उनकी भागीदारी को भारतीय संसदीय परंपराओं और वैश्विक मंच पर भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद नवीन जैन 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से संबंधित कार्यक्रमों में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता करेंगे।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मंच पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से संवाद का अवसर</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा से संबंधित कार्यक्रमों में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच वैश्विक मुद्दों पर चर्चा, विचारों का आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर संवाद का अवसर मिलता है।</p>
<p>सांसद नवीन जैन की इस सहभागिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसदीय प्रतिनिधित्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को वैश्विक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विभिन्न देशों की नीतियों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।</p>
<p>शुभचिंतकों और समर्थकों ने जताई प्रसन्नता</p>
<p>राज्यसभा सांसद नवीन जैन को भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने की जानकारी मिलने पर उनके शुभचिंतकों, समर्थकों और सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aa30efd5-2459-4a83-8f25-54efeb4056c7.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-368255" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aa30efd5-2459-4a83-8f25-54efeb4056c7.jpeg" alt="aa30efd5 2459 4a83 8f25 54efeb4056c7" width="712" height="989" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aa30efd5-2459-4a83-8f25-54efeb4056c7.jpeg 712w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aa30efd5-2459-4a83-8f25-54efeb4056c7-216x300.jpeg 216w" sizes="(max-width: 712px) 100vw, 712px" /></a></p>
<p>शुभचिंतकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संसदीय दल के साथ सहभागिता करना गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सांसद नवीन जैन इस कार्यक्रम में भारत के विचारों और संसदीय गरिमा का प्रतिनिधित्व करते हुए देश का गौरव बढ़ाएंगे।</p>
<p>सेवा न्यास परिवार सहित विभिन्न संगठनों ने दी शुभकामनाएं</p>
<p>सांसद नवीन जैन की इस उपलब्धि पर सेवा न्यास परिवार के अध्यक्ष प्रदीप जैन पीएनसी आगरा, कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन गुरुग्राम, महामंत्री रविन्द्र जैन जमूसर भोपाल, रूपेश जैन उत्तमनगर, कोषाध्यक्ष सीए शैलेन्द्र जैन दिल्ली, जिनेश जैन अम्बाह, सुदीप जैन ग्रीनपार्क, युवा उद्यमी श्रेयांस जैन सन्नी अजमेर, सन्मति फाउंडेशन के महेंद्र जैन मधुवन, गोकुलचंद जैन दिल्ली, अजय जैन शिवपुरी और राजेंद्र भंडारी मुरैना ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>सभी ने सांसद नवीन जैन के सफल अमेरिका प्रवास और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में सार्थक सहभागिता की कामना की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कुंडाली में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, रामलीला में रावण वध के साथ मना दशहरा, अखाड़े में दिखे शौर्य के करतब</title>
		<link>https://swarajvani.com/kundali-dussehra-ramleela-ravan-vadh-akhada-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:58:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bamhori]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्राम कुंडाली में विजयादशमी पर रामलीला में रावण वध हुआ। जय श्रीराम के जयघोष, भजन मंडली और अखाड़े में तलवारबाजी के रोमांचक करतब आकर्षण बने। कुंडाली में गूंजा जय श्रीराम, ... <a title="कुंडाली में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, रामलीला में रावण वध के साथ मना दशहरा, अखाड़े में दिखे शौर्य के करतब" class="read-more" href="https://swarajvani.com/kundali-dussehra-ramleela-ravan-vadh-akhada-2026/" aria-label="Read more about कुंडाली में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष, रामलीला में रावण वध के साथ मना दशहरा, अखाड़े में दिखे शौर्य के करतब">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्राम कुंडाली में विजयादशमी पर रामलीला में रावण वध हुआ। जय श्रीराम के जयघोष, भजन मंडली और अखाड़े में तलवारबाजी के रोमांचक करतब आकर्षण बने।</p>
<p>कुंडाली में गूंजा जय श्रीराम, रामलीला में हुआ रावण वध</p>
<p>वर्षों पुरानी परंपरा के बीच भजन मंडली ने बांधा समां, अखाड़े में तलवारबाजी और डंडा संचालन के रोमांचक करतब बने आकर्षण का केंद्र</p>
<p>कुंडाली। दैनिक स्वराज वाणी। ग्राम कुंडाली में वर्षों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार मंगलवार को विजयादशमी का पर्व बड़े उत्साह, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित रामलीला में गांव के ही कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और रावण सहित विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाकर दर्शकों का मन मोह लिया।</p>
<p>रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का जीवंत मंचन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया, पूरा गांव जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। ग्रामीणों ने धर्म की अधर्म पर और सत्य की असत्य पर विजय का उत्सव मनाया।</p>
<p>भजन मंडली ने बांधा समां, भक्तिमय हुआ वातावरण</p>
<p>विजयादशमी के अवसर पर गांव की भजन मंडली ने एक से बढ़कर एक धार्मिक भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों पर ग्रामीण झूमते नजर आए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजन कार्यक्रम में सहभागिता की और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए। पूरे आयोजन के दौरान गांव में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना रहा।</p>
<p>अखाड़े में तलवारबाजी और डंडा संचालन के दिखे करतब</p>
<p>दशहरा महोत्सव में गांव की वर्षों पुरानी अखाड़ा परंपरा भी आकर्षण का केंद्र रही। अखाड़े में युवाओं और कलाकारों ने तलवारबाजी, डंडा संचालन तथा पारंपरिक युद्धकला के रोमांचक करतब प्रस्तुत किए।</p>
<p>कलाकारों के साहसिक प्रदर्शन को देखकर ग्रामीणों में उत्साह दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अखाड़े के प्रदर्शन ने गांव की पारंपरिक शौर्यकला और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की।</p>
<p>धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बना आयोजन</p>
<p>ग्राम कुंडाली में रामलीला, भजन मंडली और पारंपरिक अखाड़े के आयोजन ने विजयादशमी पर्व को विशेष बना दिया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में ग्रामीणों की सहभागिता ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धार्मिक अनुष्ठान का अवसर, धन का सदुपयोग धर्म और परोपकार में करें : आचार्यश्री उदारसागर</title>
		<link>https://swarajvani.com/acharya-udar-sagar-maharaj-pravachan-morena-dharma-daan-punya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:52:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Udar Sagar Maharaj Pravachan in Morena: Importance of Dharma]]></category>
		<category><![CDATA[Charity and Good Deeds]]></category>
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					<description><![CDATA[मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि धार्मिक अनुष्ठान का अवसर पुण्य से मिलता है। धन का सदुपयोग धर्म, दान और समाज सेवा ... <a title="पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धार्मिक अनुष्ठान का अवसर, धन का सदुपयोग धर्म और परोपकार में करें : आचार्यश्री उदारसागर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/acharya-udar-sagar-maharaj-pravachan-morena-dharma-daan-punya/" aria-label="Read more about पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धार्मिक अनुष्ठान का अवसर, धन का सदुपयोग धर्म और परोपकार में करें : आचार्यश्री उदारसागर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि धार्मिक अनुष्ठान का अवसर पुण्य से मिलता है। धन का सदुपयोग धर्म, दान और समाज सेवा में करें।</p>
<p>पुण्यशाली जीवों को ही मिलता है धार्मिक अनुष्ठान का अवसर : आचार्यश्री उदारसागर</p>
<p>धन-संपत्ति का वास्तविक महत्व संग्रह में नहीं, धर्म, दान, परोपकार और समाज कल्याण में सदुपयोग करने में है</p>
<p>मुरैना। (मनोज जैन नायक)। बड़े जैन मंदिर मुरैना में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने धर्म, पुण्य, धन-संपत्ति और परोपकार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान, विधान, पूजन और मांगलिक कार्य करने का सौभाग्य पुण्यशाली जीवों को ही प्राप्त होता है। केवल धन-संपत्ति होने से धार्मिक आयोजन करने का अवसर नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए पुण्य, श्रद्धा और निर्मल भावनाओं का होना आवश्यक है।</p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि संसार में अनेक व्यक्तियों के पास अपार धन-संपत्ति, बड़े भवन और सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें धार्मिक अनुष्ठान कराने का अवसर प्राप्त नहीं हो पाता। वहीं सामान्य आर्थिक स्थिति वाला व्यक्ति भी अपनी श्रद्धा और भक्ति के बल पर बड़े धार्मिक आयोजन संपन्न करा सकता है।</p>
<p>धन का संग्रह नहीं, सदुपयोग महत्वपूर्ण</p>
<p>आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में धन का आना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि उसका सही उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है। धन-संपत्ति प्राप्त होना पूर्व पुण्य कर्मों का फल हो सकता है, लेकिन उसका उपयोग किस दिशा में किया जाए, यह व्यक्ति की वर्तमान भावना और विवेक पर निर्भर करता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य को लक्ष्मी प्राप्त हुई है, तो उसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च करने के बजाय धर्म, दान, जीवदया, परोपकार और समाज कल्याण के कार्यों में भी लगाना चाहिए। लक्ष्मी चंचल है और किसी एक व्यक्ति के पास हमेशा स्थायी नहीं रहती।</p>
<p>धार्मिक अनुष्ठान का अवसर मिलना सौभाग्य</p>
<p>धर्मसभा में आचार्यश्री ने कहा कि भगवान की आराधना, जिनेंद्र भगवान का अभिषेक-पूजन और धार्मिक विधान आयोजित करने का अवसर मिलना अत्यंत सौभाग्य की बात है। प्रत्येक व्यक्ति धार्मिक कार्य करना चाहता है, लेकिन केवल इच्छा करने से सभी कार्य पूरे नहीं होते। इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां, साधन और पुण्य का सहयोग भी आवश्यक होता है।</p>
<p>उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जब भी धार्मिक कार्यों में सहभागी बनने का अवसर प्राप्त हो, तो उसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।</p>
<p>जरूरतमंदों की सहायता करना भी पुण्य का कार्य</p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि धार्मिक कार्यों में धन लगाने का अर्थ केवल बड़े आयोजन करना नहीं है। किसी जरूरतमंद की सहायता करना, विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग देना, असहाय व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराना और जीवों के प्रति दया रखना भी पुण्य के कार्य हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पुण्य अर्जित करने के लिए धन की अधिकता नहीं, बल्कि मन की पवित्रता और सेवा भावना आवश्यक है। सीमित संसाधनों वाला व्यक्ति भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।</p>
<p>धन के अहंकार से बचने की दी सीख</p>
<p>आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने कहा कि धन कमाना गलत नहीं है, लेकिन उसके प्रति अत्यधिक मोह और अहंकार रखना उचित नहीं है। संसार में कोई भी वस्तु स्थायी नहीं है। आज जो संपत्ति किसी व्यक्ति के पास है, वह समय बदलने पर किसी दूसरे के पास भी जा सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि धन मनुष्य के जीवन का साधन होना चाहिए, अंतिम लक्ष्य नहीं। इसलिए संपत्ति का अभिमान करने के बजाय उसका उपयोग अच्छे कार्यों में करना चाहिए।</p>
<p>धर्मसभा के अंत में आचार्यश्री ने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के प्रति श्रद्धा रखते हुए अपनी सामर्थ्य के अनुसार धार्मिक, सामाजिक और परोपकारी कार्यों में योगदान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने साथ सांसारिक वैभव लेकर नहीं जाता, लेकिन उसके अच्छे कर्म, आचरण और भावनाएं ही उसके जीवन की वास्तविक पहचान बनती हैं।</p>
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		<item>
		<title>जैन साधु सागर चंद्र सागर के कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने उठाए गंभीर सवाल, लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग</title>
		<link>https://swarajvani.com/sagar-chandra-sagar-photo-controversy-hardik-hundia-jain-samaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:23:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Hardik Hundia]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Community News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Dharma News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Monk Controversy]]></category>
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		<category><![CDATA[Palitana News]]></category>
		<category><![CDATA[Sagar Chandra Sagar]]></category>
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					<description><![CDATA[जैन साधु सागर चंद्र सागर से जुड़े कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने सवाल उठाए। लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। जैन साधु सागर ... <a title="जैन साधु सागर चंद्र सागर के कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने उठाए गंभीर सवाल, लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sagar-chandra-sagar-photo-controversy-hardik-hundia-jain-samaj/" aria-label="Read more about जैन साधु सागर चंद्र सागर के कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने उठाए गंभीर सवाल, लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैन साधु सागर चंद्र सागर से जुड़े कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने सवाल उठाए। लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।</p>
<p>जैन साधु सागर चंद्र सागर से जुड़े कथित फोटो विवाद पर हार्दिक हुंडिया ने उठाए सवाल, लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग</p>
<p>जैन समाज में चर्चा का विषय बना कथित फोटो विवाद, हार्दिक हुंडिया ने निष्पक्ष जांच और साधु मर्यादा के पालन पर दिया जोर</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी। जैन साधु सागर चंद्र सागर से जुड़े कथित आपत्तिजनक फोटो को लेकर विवाद सामने आया है। जैन समाज से जुड़े हार्दिक हुंडिया ने इस मामले में सवाल उठाते हुए संबंधित तस्वीरों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।</p>
<p>प्रेस नोट के माध्यम से हार्दिक हुंडिया ने कहा कि जैन धर्म में साधु जीवन स्वीकार करने के बाद धार्मिक मर्यादाओं और नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की प्रतिमा और चतुर्विध संघ की उपस्थिति में संसार त्याग का संकल्प लेने वाले साधु से समाज उच्च आचरण की अपेक्षा करता है।</p>
<p>कथित तस्वीरों की प्रामाणिकता को लेकर उठाए सवाल</p>
<p>हुंडिया ने दावा किया कि जोधपुर निवासी कल्पेश सिंघवी द्वारा सागर चंद्र सागर से संबंधित कुछ कथित तस्वीरें समाज के सामने रखी गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अहमदाबाद निवासी प्रियांक शाह ने इन तस्वीरों की लैब जांच कराई है और उनमें संपादन नहीं होने की बात कही है।</p>
<p>हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लैब की प्रमाणित रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।</p>
<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस और कथित बयानों पर मांगा स्पष्टीकरण</p>
<p>हार्दिक हुंडिया ने आरोप लगाया कि पालीताणा में प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस अंतिम समय पर निरस्त कर दी गई थी। उन्होंने संबंधित साधु के कथित बयानों को लेकर भी सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।</p>
<p>इन आरोपों और कथित बयानों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p>साधु मर्यादा की रक्षा के लिए समाज से अपील</p>
<p>हुंडिया ने कहा कि जैन धर्म की प्रतिष्ठा और साधु परंपरा की मर्यादा बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने धर्मप्रेमियों से अपील की कि किसी भी साधु के विरुद्ध गंभीर आरोप सामने आने पर तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैन धर्म की महान परंपरा और अनुशासित साधु-साध्वियों के प्रति समाज की श्रद्धा बनी रहनी चाहिए।</p>
<p>संपादकीय नोट: यह समाचार हार्दिक हुंडिया द्वारा जारी प्रेस नोट में लगाए गए आरोपों और किए गए दावों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सागर चंद्र सागर अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधि का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चिंता चिता के समान, सम्यक चिंतन से ही मिलेगा सुख और शांति : पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज</title>
		<link>https://swarajvani.com/acharya-vishuddhasagar-ji-maharaj-chinta-chita-saman-pravachan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:15:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vishuddhasagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Chinta Chita Saman]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Dharma News]]></category>
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		<category><![CDATA[Samyak Chintan]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली के कैलाश नगर में आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने चिंता को चिता के समान बताया। सम्यक चिंतन और सकारात्मक जीवन के 10 महत्वपूर्ण सूत्र दिए। *पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर ... <a title="चिंता चिता के समान, सम्यक चिंतन से ही मिलेगा सुख और शांति : पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज" class="read-more" href="https://swarajvani.com/acharya-vishuddhasagar-ji-maharaj-chinta-chita-saman-pravachan/" aria-label="Read more about चिंता चिता के समान, सम्यक चिंतन से ही मिलेगा सुख और शांति : पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली के कैलाश नगर में आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने चिंता को चिता के समान बताया। सम्यक चिंतन और सकारात्मक जीवन के 10 महत्वपूर्ण सूत्र दिए।</p>
<p>*पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी ने कहा &#8211; चिंता छोड़ो, क्योंकि चिंता चिता समान है &#8211; सम्यक चिंतन से ही होगा महा-भयंकर रोग का नाश*</p>
<p>*चिता जलाती है मुर्दे को, चिंता जलाती है जिंदे को &#8211; गुरुदेव की आज की देशना में उमड़ा जनसैलाब*<br />
राजेश जैन दद्दू<br />
*नई दिल्ली / कैलाश नगर, 20 अक्टूबर 2026।* परम पूज्य पट्टाचार्य चर्या शिरोमणि श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज ने आज कैलाश नगर, दिल्ली में अपनी अमृतमयी देशना में मानव जीवन के सबसे बड़े शत्रु &#8216;चिंता&#8217; पर गहन प्रहार करते हुए कहा कि चिंता को त्यागना ही सुखी जीवन का मूल मंत्र है।</p>
<p>गुरुदेव ने अपने प्रवचन का प्रारंभ इस प्राचीन दोहे से किया &#8211;</p>
<p>*चिंता छोड़ो, क्योंकि &#8211; चिन्ता चिता समान*<br />
*पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने कहा कि -*<br />
*चिंता चितासमान, बिन्दु मात्र अन्तर लखो।*<br />
*चिता दहत निःप्राण, चिंता दहत सजीव को॥*</p>
<p>गुरुदेव ने कहा &#8211; _&#8221;अहो भव्यात्मन् ! चिता और चिन्ता में मात्र एक बिन्दु की ही विशेषता है। चिता तो निर्जीव मृत शरीर को अग्नि में झुलसाती है, पर चिन्ता सजीव-मानव का सर्वनाश कर देती है।&#8221;_</p>
<p>*चिंता से आत्मविश्वास कोसों दूर चला जाता है -*<br />
गुरुदेव ने बताया कि दुनिया में सबसे अधिक और खतरनाक रोग चिंता के कारण ही होते हैं। चिंता करने वाले का आत्म-विश्वास कोसों दूर चला जाता है।</p>
<p>चिन्ता अर्थात् भविष्य की सुखद-चाह में वर्तमान की शान्ति भंग करना। अनावश्यक विपरीत सोच ही चिंता को जन्म देती है। जैसे भीषण अग्नि महावन के हरे-भरे वृक्षों को जलाकर राख कर देती है, वैसे ही व्यर्थ की चिन्ता व्यक्ति के ओज, सौन्दर्य, तेज, बल, उत्साह, बुद्धि, ज्ञान, भूख-प्यास सबको नष्ट कर देती है। इससे रक्त का क्षय होता है, प्रतिरोधक शक्ति क्षीण होती है और व्यक्ति जीते जी मृतक समान हो जाता है।</p>
<p>*चिंता वह नागिन है जो प्राण लेकर ही छोड़ती है -*<br />
अपनी देशना के दूसरे भाग में गुरुदेव ने कहा &#8211;</p>
<p>_&#8221;नागिन का डसा व्यक्ति उपचार से ठीक हो सकता है, खाई में गिरा मानव बच सकता है, परन्तु चिंता में फँसे व्यक्ति का चिरकाल तक जीना सम्भव नहीं है। चिंता वह नागिन है जो एक डसले तो प्राण लेकर ही छोड़ती है।&#8221;_</p>
<p>पुण्यक्षीणता, असफलता, अपयश, योग्यता से अधिक अपेक्षा, निराशा, आगामी विपत्ति की आशंका, मान-भंग और मोह ही चिंता के मूल कारण हैं।</p>
<p>गुरुदेव ने आगे कहा &#8211; _&#8221;चिन्ता कपोल-कल्पना का वह रास्ता है, जो काल्पनिक पागलपन के गड्ढे में गिरा देता है और फिर वह सत्य तक पहुँचने ही नहीं देता। चिन्ता बहता हुआ दरिया है, जो हमारी समस्त ऊर्जा और शक्ति को बहाकर ले जाता है।&#8221;_</p>
<p>चिंता के दुष्प्रभाव गिनाते हुए गुरुदेव ने कहा कि चिंता से चेहरे की चमक समाप्त हो जाती है, मुख के जबड़े सूखने लगते हैं, आँखें धंस जाती हैं, चेहरे पर झुर्रियाँ और बाल सफेद हो जाते हैं, त्वचा काली व तेजहीन हो जाती है। चिंता एक प्रकार का पागलपन ही है।</p>
<p>*समाधान क्या है &#8211; सम्यक चिंतन -*<br />
अंत में गुरुदेव ने समाधान देते हुए कहा &#8211; _&#8221;चिंतन के अनुसार ही चरण चलते हैं। चिंतन से ही चिंता का अंत सम्भव है।&#8221;_</p>
<p>*चिंता से दूर रहने के 10 सूत्र -*<br />
1. अच्छी संगति करें, 2. श्रेष्ठ साहित्य पढ़ें, 3. कुछ बातें भाग्य और समय पर छोड़ दें, 4. हँसमुख और आशावादी बनें, 5. पूर्ण निद्रा लें, 6. संतुलित शुद्धाहार करें, 7. संतोषी बनें, 8. सकारात्मक विचार करें, 9. अपनों पर विश्वास करें, 10. उन क्षणों का स्मरण करें जब आप बहुत खुश थे।</p>
<p>प्रवचन का समापन करते हुए गुरुदेव ने कहा &#8211; _&#8221;जो होना होता है वही होता है, तो फिर हम व्यर्थ में क्यों चिंता करें। जिसे जो करना होता है, वो वही करता है, फिर हमारी चिंता से क्या लाभ? जो होना होगा सो हो जायेगा, उसी समय निपट लेंगे, अभी से चिंता क्यों करें?&#8221;_</p>
<p>धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के इस अमृतमय उद्बोधन का जयकारों के साथ अनुमोदन किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अक्षय कुमार बोले- ‘हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है’, ‘भूत बंगला’ के टीवी प्रीमियर पर साझा किए खास अनुभव</title>
		<link>https://swarajvani.com/akshay-kumar-bhoot-bangla-world-television-premiere-horror-comedy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 09:47:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Entertainment]]></category>
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		<category><![CDATA[Zee Cinema]]></category>
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					<description><![CDATA[अक्षय कुमार ने फिल्म भूत बंगला के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर पर हॉरर कॉमेडी, कॉमिक टाइमिंग और दर्शकों के मनोरंजन को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं। अक्षय कुमार बोले- &#8216;हॉरर और ... <a title="अक्षय कुमार बोले- ‘हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है’, ‘भूत बंगला’ के टीवी प्रीमियर पर साझा किए खास अनुभव" class="read-more" href="https://swarajvani.com/akshay-kumar-bhoot-bangla-world-television-premiere-horror-comedy/" aria-label="Read more about अक्षय कुमार बोले- ‘हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है’, ‘भूत बंगला’ के टीवी प्रीमियर पर साझा किए खास अनुभव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अक्षय कुमार ने फिल्म भूत बंगला के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर पर हॉरर कॉमेडी, कॉमिक टाइमिंग और दर्शकों के मनोरंजन को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं।</p>
<p>अक्षय कुमार बोले- &#8216;हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है&#8217;, &#8216;भूत बंगला&#8217; के टीवी प्रीमियर पर साझा किए दिलचस्प अनुभव</p>
<p>&#8216;भूत बंगला&#8217; के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर को लेकर उत्साहित अक्षय कुमार ने बताया कि डर और हंसी का सही तालमेल ही हॉरर कॉमेडी को खास बनाता है।</p>
<p>हॉरर और कॉमेडी का तालमेल दर्शकों को करता है रोमांचित</p>
<p>अक्षय कुमार ने कहा कि हॉरर और कॉमेडी का मेल बेहद दिलचस्प होता है। जब दर्शक कोई डरावना दृश्य देखते हैं तो उनके मन में तनाव और उत्सुकता पैदा होती है कि आगे क्या होने वाला है। इसी बीच अचानक कोई मजेदार परिस्थिति सामने आती है और पूरा माहौल बदल जाता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस तरह की फिल्मों में कॉमेडी को जबरदस्ती शामिल नहीं करना चाहिए, बल्कि हास्य परिस्थितियों से स्वाभाविक रूप से निकलना चाहिए। &#8216;भूत बंगला&#8217; में भी यही प्रयास किया गया है कि दर्शक एक पल डरें और अगले ही पल खुलकर हंसें।</p>
<p>काल्पनिक कहानियों में भी जरूरी है मजबूत वजह</p>
<p>फैंटेसी फिल्मों के बारे में अक्षय कुमार ने कहा कि किसी भी असाधारण किरदार या घटना के पीछे एक स्पष्ट वजह होना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कॉमिक बुक में भी हर किरदार की विशेष शक्तियों के पीछे कोई न कोई कहानी होती है।</p>
<p>उनके अनुसार, जब दर्शकों को यह समझ आता है कि कोई किरदार कैसे बदला या उसके साथ कोई असामान्य घटना क्यों हुई, तो वे कहानी से ज्यादा जुड़ पाते हैं। यही सोच किसी काल्पनिक दुनिया को दर्शकों के लिए विश्वसनीय और दिलचस्प बनाती है।</p>
<p>कॉमेडी में टाइमिंग और चेहरे के हावभाव की अहम भूमिका</p>
<p>अपने कॉमिक अंदाज को लेकर अक्षय कुमार ने कहा कि अच्छी कॉमेडी के लिए सही समय पर प्रतिक्रिया देना और आसपास की छोटी-छोटी बातों को समझना बेहद जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कई बार चेहरे का एक साधारण हावभाव या कुछ क्षणों का ठहराव लंबे संवाद से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित होता है। कलाकार को अपने किरदार की परिस्थिति को पूरी गंभीरता से निभाना चाहिए, भले ही दर्शकों को वह दृश्य हास्यास्पद लग रहा हो।</p>
<p>परिवार के साथ घर बैठे मिलेगा मनोरंजन</p>
<p>अक्षय कुमार ने कहा कि &#8216;भूत बंगला&#8217; का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर ज़ी सिनेमा पर होने जा रहा है, जिससे दर्शक अपने परिवार के साथ घर बैठे फिल्म का आनंद ले सकेंगे।</p>
<p style="text-align: left;">उन्होंने दर्शकों को संदेश दिया कि वे आराम से बैठकर फिल्म का मजा लें और अगर किसी अप्रत्याशित पल में हंसी छूट जाए तो हैरान न हों। उनके मुताबिक, यही हॉरर कॉमेडी की असली खूबसूरती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार शिविर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, जैन समाज में</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-shravak-sanskar-shivir-golden-book-world-record-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 09:22:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर में जगतपूज्य मुनि सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ का ऐतिहासिक आयोजन, आलोक आकाश जैन परिवार के सहयोग से मिली उपलब इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार ... <a title="इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार शिविर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, जैन समाज में" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-shravak-sanskar-shivir-golden-book-world-record-2026/" aria-label="Read more about इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार शिविर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, जैन समाज में">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इंदौर में जगतपूज्य मुनि सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ का ऐतिहासिक आयोजन, आलोक आकाश जैन परिवार के सहयोग से मिली उपलब</p>
<p>इंदौर ने रचा इतिहास: 33वां श्रावक संस्कार शिविर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, जैन समाज में हर्ष</p>
<p>जगतपूज्य मुनि सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ का ऐतिहासिक आयोजन, धर्म और संस्कारों के प्रशिक्षण को मिली विश्वस्तरीय पहचान</p>
<p>इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तीर्थ चक्रवर्ती जगतपूज्य संत शिरोमणि मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में पुण्योदय विद्यापीठ द्वारा आयोजित 33वें श्रावक संस्कार शिविर को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस उपलब्धि से जैन समाज में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।</p>
<p>धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक शिविर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कारों और आध्यात्मिक जीवनशैली को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना।</p>
<p>श्रावक संस्कार शिविर को मिली विश्व रिकॉर्ड की मान्यता</p>
<p>आयोजकों के अनुसार, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने बड़ी संख्या में श्रावकों द्वारा एक ही स्थान पर सामूहिक रूप से जैन श्रावकाचार, व्रत, स्वाध्याय, सामायिक और धार्मिक संस्कारों का अनुशासित प्रशिक्षण प्राप्त करने की विशेषता को मान्यता दी।</p>
<p>शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को जैन धर्म के मूल सिद्धांतों के साथ संयमित जीवन, आत्मशुद्धि, अहिंसा, त्याग और सदाचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p>गुरुदेव सुधासागरजी महाराज के चरणों में समर्पित किया प्रमाण-पत्र</p>
<p>इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रमाण-पत्र जगतपूज्य मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के चरणों में विनयपूर्वक समर्पित किया गया। इस अवसर पर शिविर के पुण्यार्जक आलोक आकाश जैन परिवार की विशेष सहभागिता रही।</p>
<p>आयोजकों ने इस उपलब्धि को गुरुदेव के आशीर्वाद, श्रद्धालुओं की धार्मिक निष्ठा और आयोजन समिति के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।</p>
<p>आलोक आकाश जैन परिवार का रहा विशेष योगदान</p>
<p>33वें श्रावक संस्कार शिविर के आयोजन में पुण्यार्जक श्रीमंत सेठ आलोक आकाश जैन (कोयला परिवार) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिवार के सहयोग से धार्मिक अनुष्ठानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शिविर की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।</p>
<p>पुण्योदय विद्यापीठ धर्म प्रभावना समिति की पूरी टीम, मित्रा फिल्म्स इंदौर और सभी सेवादारों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>इंदौर और समस्त जैन समाज के लिए गौरव का क्षण</p>
<p>राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के राष्ट्रीय प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रावक संस्कार शिविर को विश्व रिकॉर्ड की मान्यता मिलना इंदौर ही नहीं, बल्कि समस्त जैन समाज के लिए गर्व का विषय है। धर्म और संस्कारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जैन दर्शन की प्रासंगिकता को दर्शाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अहिंसा, संयम, आत्मानुशासन और सदाचार के सिद्धांत समाज को शांति एवं नैतिक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।</p>
<p>धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में इंदौर की बढ़ती पहचान</p>
<p>धर्मनगरी इंदौर में आयोजित 33वां श्रावक संस्कार शिविर धार्मिक प्रशिक्षण, सामूहिक साधना और आध्यात्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।</p>
<p>आयोजकों का मानना है कि इस उपलब्धि से आने वाली पीढ़ियों को जैन धर्म के संस्कारों और आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही इंदौर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>लखनऊ में 11 से 16 नवंबर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन मंदिर की रजत जयंती पर होंगे विशेष आयोजन</title>
		<link>https://swarajvani.com/lucknow-panchkalyanak-pratishtha-mahotsav-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 08:27:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[JAINS]]></category>
		<category><![CDATA[Adiveer Chaubisi]]></category>
		<category><![CDATA[Ashiyana Jain Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Samaj]]></category>
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		<category><![CDATA[Jain Religious Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Temple Lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Temple Silver Jubilee]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow news]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyanak Mahotsav 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Vihsantsagar Ji Maharaj]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ के आशियाना जैन मंदिर में 11 से 16 नवंबर 2026 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। उपाध्याय विहसंतसागरजी के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन होंगे। लखनऊ में 11 से 16 नवंबर ... <a title="लखनऊ में 11 से 16 नवंबर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन मंदिर की रजत जयंती पर होंगे विशेष आयोजन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/lucknow-panchkalyanak-pratishtha-mahotsav-2026/" aria-label="Read more about लखनऊ में 11 से 16 नवंबर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन मंदिर की रजत जयंती पर होंगे विशेष आयोजन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;">लखनऊ के आशियाना जैन मंदिर में 11 से 16 नवंबर 2026 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। उपाध्याय विहसंतसागरजी के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन होंगे।</p>
<p>लखनऊ में 11 से 16 नवंबर तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, जैन मंदिर की रजत जयंती पर होंगे विशेष आयोजन</p>
<p>उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज के सान्निध्य में होगा छह दिवसीय आयोजन, 13 नवंबर को जन्मकल्याणक पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा</p>
<p>मुरैना/लखनऊ (मनोज जैन नायक)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 से 16 नवंबर 2026 तक श्री आदिवीर चौबीसी मानस्तंभ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। अहिंसा मार्ग, एम-सेक्टर, आशियाना में आयोजित होने वाले इस छह दिवसीय धार्मिक महोत्सव को लेकर सकल दिगम्बर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है।</p>
<p>समाधिस्थ गणाचार्य श्री विरागसागरजी महाराज के परम प्रभावक आज्ञानुवर्ती शिष्य एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य और निर्देशन में यह धार्मिक आयोजन संपन्न होगा। महोत्सव में देशभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।</p>
<p>छह दिनों तक होंगे पंचकल्याणक के धार्मिक अनुष्ठान</p>
<p>महोत्सव के अंतर्गत 11 नवंबर को गर्भकल्याणक की पूर्व बेला, 12 नवंबर को गर्भकल्याणक, 13 नवंबर को जन्मकल्याणक, 14 नवंबर को तपकल्याणक, 15 नवंबर को ज्ञानकल्याणक और 16 नवंबर को मोक्षकल्याणक के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>इन छह दिनों में जिनेंद्र भगवान की आराधना, पूजन, धार्मिक विधान और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं को जैन धर्म के अहिंसा, संयम, तप, त्याग और आत्मकल्याण के सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा।</p>
<p>13 नवंबर को जन्मकल्याणक पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा</p>
<p>महोत्सव का प्रमुख आकर्षण शुक्रवार, 13 नवंबर को आयोजित जन्मकल्याणक महोत्सव रहेगा। जैन परंपरा के अनुसार भगवान के जन्म के पश्चात सौधर्म इंद्र द्वारा तीर्थंकर बालक को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर जलाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।</p>
<p>इसके बाद 14 नवंबर को तपकल्याणक, 15 नवंबर को ज्ञानकल्याणक तथा 16 नवंबर को मोक्षकल्याणक के धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का समापन होगा।</p>
<p>जैन धर्म में पंचकल्याणक का विशेष आध्यात्मिक महत्व</p>
<p>जैन दर्शन में पंचकल्याणक तीर्थंकर भगवान के जीवन की पांच महत्वपूर्ण अवस्थाओं का प्रतीक है। गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्षकल्याणक के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम, अहिंसा और मोक्षमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सकल जैन समाज से सहभागिता की अपील</p>
<p>श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, लखनऊ ने सभी साधर्मी बंधुओं से सपरिवार एवं इष्ट मित्रों सहित आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।</p>
<blockquote><p>आयोजकों के अनुसार श्री दिगम्बर जैन मंदिर की 25वीं रजत जयंती पर आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।</p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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