पारणा तैयार था, फिर भी दादा-पौते ने बढ़ा दी तपस्या
Thandla । तप प्रधान जिनशासन में बाल अवस्था से लेकर प्रौढ़ावस्था तक श्रावक-श्राविकाएं तप आराधना के माध्यम से आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ते हैं। थांदला में चल रहे धर्मोत्कर्ष तत्वज्ञ वर्षावास में भी तपस्या का अनुपम वातावरण बना हुआ है। इसी बीच 15 वर्षीय अनमोल लोढ़ा ने अपने दादा अल्केश लोढ़ा के साथ 16 उपवास (अर्ध मासक्षमण) की कठिन तपस्या पूर्ण कर धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा., रोचक वक्ता पूज्य श्री संदीपमुनिजी म.सा. आदि ठाणा-8 तथा पूज्या महासती श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा-4 के पावन सानिध्य में चल रहे वर्षावास में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं विभिन्न तप आराधनाओं में सहभागी बन रहे हैं। वर्षावास के दौरान 13 मासक्षमण पूर्ण होने के साथ श्रेणितप, सिद्धितप, नन्दचक्र, अणुचक्र, परदेशी राजा तप और वर्धमान नीवी सहित अनेक तपस्याएं चल रही हैं।
पारणा की तैयारी के बीच लिया तप बढ़ाने का संकल्प
श्रीसंघ में तपस्या पूर्ण होने पर तपस्वियों के बहुमान की परंपरा है। इसी क्रम में श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष एवं वर्षितप आराधक प्रांजल लोढ़ा तथा नेहा लोढ़ा के 15 वर्षीय पुत्र अनमोल लोढ़ा ने अपने दादा और मंडल के पदाधिकारी अल्केश लोढ़ा के साथ 16 उपवास की तपस्या पूर्ण की।
खास बात यह रही कि पर्युषण पर्व के बाद दोनों के अट्ठाई तप का पारणा कराने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। मेहमान भी पारणा के लिए पहुंचने को तैयार थे और संघ की ओर से बहुमान की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। इसी दौरान दादा-पौते ने धर्मसभा में अपनी तपस्या को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। दोनों ने गुरुभगवंतों से नए प्रत्याख्यान ग्रहण किए।

दादा-पौते के इस निर्णय से धर्मसभा में मौजूद श्रावक-श्राविकाएं भी भावविभोर हो गए। श्रद्धालुओं ने बाल तपस्वी अनमोल और उनके दादा अल्केश लोढ़ा की तप आराधना की अनुमोदना की। इस दौरान तपस्वियों और गुरुभगवंतों के जयकारों से धर्मसभा गुंजायमान हो उठी।
15 वर्षीय अनमोल ने दिया गुरुभक्ति का संदेश
संघ प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि महज 15 वर्ष की उम्र में अनमोल का कठिन तपस्या के प्रति उत्साह और अपने दादा के साथ तप को आगे बढ़ाने का निर्णय प्रेरणादायी है। वहीं श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने कहा कि थांदला गौरव तत्वज्ञश्री के पुण्य प्रताप से संघ में बालक से लेकर वृद्ध तक गुरुभक्ति के साथ तप आराधना कर रहे हैं।
वर्षावास के दौरान अनेक अन्य श्रावक-श्राविकाएं भी कठिन तपस्याओं की ओर अग्रसर हैं। इनमें अशोक तलेरा, नीलेश बरमेचा, डॉ. गोल्डी शाहजी, कु. भवि चौरड़िया, श्वेता शाहजी, रूपल एवं प्रवीण श्रीमाल सहित कई श्रद्धालु शामिल हैं।
धर्मसभा का संचालन श्रीसंघ सचिव हितेश शाहजी ने किया, जबकि आगंतुक मेहमानों सहित अन्य जानकारी संघ कोषाध्यक्ष रजनीकांत शाहजी ने दी। सभा में मौजूद श्रद्धालुओं ने दादा-पौते की तपस्या की मुक्त कंठ से अनुमोदना करते हुए जयकारों के साथ उनकी तप आराधना को नमन किया।
