फर्जी वसीयतनामा मामला Chhatarpur में उज्जैन निवासी छंदा राय ने एसपी से शिकायत कर फर्जी वसीयतनामे की जांच और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जानिए पूरा मामला।
फर्जी वसीयतनामा मामला: महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, संपत्ति हड़पने के गंभीर आरोप
Chhatarpur।
फर्जी वसीयतनामा मामला एक बार फिर चर्चा में है। उज्जैन निवासी छंदा राय ने अपने ससुर की संपत्ति से जुड़े कथित फर्जी वसीयतनामे की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय छतरपुर में आवेदन सौंपा। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया है, जिससे उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
फर्जी वसीयतनामा मामला क्या है
फर्जी वसीयतनामा मामला उस समय सामने आया जब उज्जैन निवासी छंदा राय ने पुलिस अधीक्षक छतरपुर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनके ससुर स्वर्गीय कृष्णप्रसाद विश्वास की संपत्ति को हड़पने के उद्देश्य से कथित रूप से फर्जी वसीयतनामा तैयार किया गया है।महिला का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि दस्तावेज फर्जी पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
आवेदन में बताया गया है कि स्वर्गीय कृष्णप्रसाद विश्वास ने 6 सितंबर 2012 को एक विधिवत पंजीकृत वसीयतनामा अपने पुत्र स्वर्गीय जीतू विश्वास के पक्ष में कराया था।इस पंजीकृत वसीयतनामे में उनकी चल एवं अचल संपत्ति, कृषि भूमि तथा मकानों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। छंदा राय का कहना है कि यह पूरी तरह वैध और कानूनी दस्तावेज है।
पंजीकृत वसीयतनामा को बताया वैध
महिला के अनुसार, 6 सितंबर 2012 को पंजीकृत वसीयतनामा कानूनन मान्य है और इसी आधार पर संपत्ति के अधिकार निर्धारित होने चाहिए।उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि यह दस्तावेज विधिवत पंजीयन कार्यालय में पंजीकृत है और इसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है।
कथित फर्जी वसीयतनामा पर उठाए सवाल
छंदा राय का आरोप है कि 18 जुलाई 2012 की तारीख का एक अन्य वसीयतनामा तैयार कराया गया, जिसे उन्होंने पूरी तरह फर्जी बताया है।उनका कहना है कि यह कथित वसीयतनामा कृष्णप्रसाद विश्वास की पुत्रियों द्वारा तैयार कराया गया और इसी दस्तावेज के आधार पर संपत्ति पर दावा करने का प्रयास किया जा रहा है।महिला का आरोप है कि यदि इस कथित फर्जी दस्तावेज को मान्यता मिलती है तो उनके परिवार के वैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे।
एसपी से की गई प्रमुख मांगें
अपने आवेदन में छंदा राय ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—
- 18 जुलाई 2012 के कथित वसीयतनामे की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दस्तावेज की सत्यता की विधिवत जांच की जाए।
- यदि वसीयतनामा फर्जी पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए।
- दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर न्याय दिलाया जाए।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वसीयतनामा वास्तविक है या फर्जी।
कानूनी दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है मामला
संपत्ति विवादों में वसीयतनामा महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है।यदि किसी वसीयतनामे के फर्जी होने के प्रमाण मिलते हैं तो भारतीय कानून के तहत संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।हालांकि इस मामले में अभी जांच जारी है और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही होगा।
निष्कर्ष
फर्जी वसीयतनामा मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। उज्जैन निवासी छंदा राय ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट
दैनिक स्वराज वाणी न्यूज
घनेन्द्र सिंह बुन्देला
जिला ब्यूरो, Chhatarpur (म.प्र.)
मो. 9630972569
