भीनमाल में फाफरिया हनुमान विकास संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ 31 पौधों का रोपण किया। नीम, पीपल, बरगद सहित छायादार पौधे लगाए गए।
हरियाली का प्रेरक अभियान
फाफरिया हनुमान विकास संस्थान वृक्षारोपण अभियान के तहत भीनमाल में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। क्षेत्र को हरा-भरा बनाने और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय फाफरिया हनुमान विकास संस्थान द्वारा विशेष पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान संस्थान के पदाधिकारियों, समाजसेवियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में कुल 31 पौधे रोपे गए।
भीनमाल (मुकेश सोलंकी)। फाफरिया हनुमान विकास संस्थान की ओर से आयोजित इस अभियान में परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में नीम, पीपल, बरगद सहित छायादार पौधों का रोपण किया गया। संस्था के सदस्यों ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का भी संकल्प लिया।
पौधारोपण के साथ संरक्षण का संकल्प
31 पौधे लगाने का लक्ष्य
फाफरिया हनुमान विकास संस्थान वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखते हुए भविष्य में पेड़ के रूप में विकसित करना भी है। संस्था के सदस्यों ने पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई की जिम्मेदारी संभालने की बात कही।
पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रकार के अभियान इसलिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि पौधे बड़े होकर क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। नीम, पीपल और बरगद जैसे पेड़ लंबे समय तक पर्यावरण के लिए उपयोगी साबित होते हैं।
अध्यक्ष तेजराज मेहता की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष तेजराज मेहता ने की। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों और क्षेत्र के कई समाजसेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष भंवरलाल सोलंकी, जेरूपाराम माली, रमेश अग्रवाल, किशोर सांखला, क्षवण जीनगर, सोमाराम सोनी, वालराम मौर्य, हीरालाल बालौत, भाणाराम मेघवाल, भरत कुमार महेश्वरी, नरपत सिंह राव और रूपनाथ सहित कई प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पेड़-पौधे हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा और स्वच्छ पर्यावरण का आधार हैं। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि उचित देखभाल के अभाव में लगाए गए पौधों के जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
फाफरिया हनुमान विकास संस्थान द्वारा किए गए इस अभियान की स्थानीय निवासियों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले ऐसे प्रयास समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।
फाफरिया हनुमान विकास संस्थान वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से संस्था ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की। 31 पौधों का रोपण आने वाले समय में क्षेत्र की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सामाजिक संस्थाएं, युवा और आम नागरिक मिलकर लगातार पौधारोपण अभियान चलाएं और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें, तो क्षेत्र में हरियाली का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है हरियाली
पर्यावरण संरक्षण केवल एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। पौधारोपण अभियान इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
फाफरिया हनुमान विकास संस्थान ने 31 पौधे रोपकर लोगों को यह संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल से यह अभियान लंबे समय तक प्रभावी बनाया जा सकता है।
संस्था के इस प्रयास को क्षेत्रवासियों ने प्रेरणादायक बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार के पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
रिपोर्टर: मुकेश सोलंकी, भीनमाल

