इंदौर के एमवाय अस्पताल में कबड्डी की नेशनल प्लेयर रोशनी सिंह को एक्सपायर्ड सलाइन दिए जाने का मामला गंभीर होते ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया। घटना सामने आने पर बनाई गई पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि की, जिसके बाद नर्सिंग ऑफिसर आसमा अंजूम को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं नर्स नैना गौतम की वेतन वृद्धि रोक दी गई और नर्स एंजलिना विल्फेड के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

एक्सपायर्ड सलाइन का मामला
यह मामला तब सामने आया जब 27 वर्षीय नेशनल खिलाड़ी रोशनी सिंह, जिन्हें 12 नवंबर को एसाइटिक फ्लुइड की समस्या के कारण वार्ड 21 में भर्ती किया गया था, उनके पति सागर सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को एक्सपायर्ड सलाइन लगाया गया। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी और अब कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
प्रशासन पर उठे सवाल
ऐसा नहीं है की एमवाय अस्पताल से ये लापरवाही की पहली घटना है इस से पहले भी ऐसी कोई घटनाएं सामने आ चुकी पर प्रशासन ने कोई खास कदम नहीं उठाये है। इससे पहले नवजात शिशुओं को चूहों ने कुतर सिया जीसे उनकी मौत हो गयी थी उसके बाद एक महिला को एक्सपायर्ड बोतल चढ़ाना का भी मामला सामने आया था। बावजूद इनके प्रसाशन कार्रवाई के आश्वासन ही दे पाया। अब देखना ये है आखिर कब तक अस्पताल प्रभंदन इन आरोपियों को सजा दिला पता है ?
