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दूसरों के दोष देखने के बजाय स्वयं का मूल्यांकन करें, नवकार महामंत्र से जीवन सार्थक बनाएं : साध्वी अर्हमव्रताश्रीजी

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Published On: 24 August 2026
अर्हमव्रताश्रीजी

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स्वयं के दोषों का मूल्यांकन कर जीवन को सार्थक बनाएं : साध्वी अर्हमव्रताश्रीजी

नौ दिवसीय नमस्कार महामंत्र आराधना का समापन, निकली भव्य नवकार कलश यात्रा

नागदा जंक्शन। मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए दूसरों के दोष देखने के बजाय व्यक्ति को अपने भीतर झांककर स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए। अपने जीवन में मौजूद कमियों और दोषों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करने से जीवन धन्य बन सकता है। यह विचार साध्वीश्री अर्हमव्रताश्रीजी म.सा. ने नौ दिवसीय नमस्कार महामंत्र आराधना के समापन अवसर पर रविवार सुबह पाठशाला भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

साध्वीश्री ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति अपने दोषों पर पर्दा डालकर दूसरों की कमियां तलाशने और उनका उल्लेख करने में जरा भी देर नहीं करता। दूसरों के दोषों का अवलोकन करने में व्यस्त रहने के कारण व्यक्ति स्वयं के जीवन पर ध्यान नहीं दे पाता और लगातार चिंता में घिरा रहता है।

उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य वास्तव में अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहता है तो उसे दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपने भीतर छिपे गुणों को पहचानकर उन्हें विकसित करना चाहिए। आत्मचिंतन और आत्ममूल्यांकन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

नवकार महामंत्र की महिमा बताई

साध्वीश्री अर्हमव्रताश्रीजी ने धर्मसभा में नवकार महामंत्र की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुण्य से प्राप्त मानव जीवन में नवकार महामंत्र की आराधना और जाप का विशेष महत्व है। श्रद्धा और भक्ति के साथ नवकार महामंत्र का जाप करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है तथा वह आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

उन्होंने समाजजनों से कहा कि जीवन में सुख हो या दुख, हर परिस्थिति में नवकार महामंत्र का स्मरण करते रहना चाहिए। नियमित जाप व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है तथा उसे धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

नौ दिवसीय आराधना का हुआ समापन

श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ नागदा जंक्शन द्वारा साध्वीवृंद की पावन निश्रा में नौ दिवसीय नवकार महामंत्र आराधना का आयोजन किया गया था। आराधना के समापन अवसर पर रविवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

श्रीसंघ मीडिया प्रभारी डॉ. विपिन वागरेचा ने बताया कि आराधना के समापन अवसर पर सुबह 9.30 बजे भव्य नवकार कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में लाभार्थी परिवार के सदस्य नवकार महामंत्र का पाठ करते हुए सिर पर नवकार कलश धारण कर चल रहे थे।

भक्तिमय वातावरण में निकली यह कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने नवकार महामंत्र का जाप किया। धार्मिक जयघोष और भक्ति भाव के बीच कलश यात्रा आगे बढ़ती रही।

धर्मसभा में बदली कलश यात्रा

नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली नवकार कलश यात्रा रामसहाय मार्ग स्थित लाभार्थी परिवार के निवास स्थान पर पहुंची, जहां यात्रा धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। यहां साध्वीश्री ने उपस्थित समाजजनों को धर्म और आत्मचिंतन से जुड़े संदेश दिए।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में हर समय नवकार महामंत्र के प्रति श्रद्धा बनाए रखनी चाहिए। जीवन में परिस्थितियां चाहे सुखद हों या दुखद, धर्म का स्मरण और नवकार महामंत्र का जाप व्यक्ति को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

धर्मसभा में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और उन्होंने नौ दिवसीय आराधना के समापन कार्यक्रम में सहभागिता कर धर्मलाभ लिया।

लाभार्थी परिवारों ने लिया धार्मिक लाभ

नवकार कलश यात्रा का लाभ सेठश्री भेरूलाल पारसमल मेवानगर वाला परिवार ने लिया। परिवार की ओर से धार्मिक आयोजन में सहभागिता की गई और नवकार कलश यात्रा का पुण्यार्जन प्राप्त किया गया।

वहीं नौ दिवसीय नमस्कार महामंत्र आराधना के दौरान पारणे का लाभ सोहनबाई जवाहरलाल तांतेड़ परिवार ने लिया। धार्मिक आयोजन में लाभार्थी परिवारों की सहभागिता के साथ आराधना का विधिवत समापन हुआ।

आत्ममूल्यांकन से होगा जीवन में सुधार

धर्मसभा में साध्वीश्री ने विशेष रूप से आत्ममूल्यांकन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर स्वयं के जीवन का निरीक्षण करना चाहिए। दूसरों की कमियां देखने से व्यक्ति का स्वयं का विकास नहीं होता। इसके विपरीत अपनी कमियों को स्वीकार कर उन्हें सुधारने का प्रयास करने से जीवन में वास्तविक परिवर्तन आता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर मौजूद अच्छे गुणों को पहचानकर उन्हें मजबूत करना चाहिए। तुलना और दोषारोपण से बचते हुए आत्मसुधार की दिशा में आगे बढ़ना ही धर्म का वास्तविक उद्देश्य है।

नौ दिवसीय नवकार महामंत्र आराधना के समापन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, आत्मसुधार और नवकार महामंत्र की आराधना का संदेश दिया। कलश यात्रा और धर्मसभा के साथ पूरा आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
मो. 9179662633

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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