आज का पंचांग 28 सितंबर 2026: द्वितीया तिथि पर श्राद्ध का समय, अशुभ मुहूर्त में न करें तर्पण, जानें पूरा पंचांग
Panchang 28 September 2026: आज सोमवार, 28 सितंबर 2026 को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पितृ पक्ष के चलते आज द्वितीया श्राद्ध किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन उन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है, जिनका निधन हिंदू पंचांग की द्वितीया तिथि को हुआ हो। द्वितीया तिथि शाम 7:13 बजे तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी।
28 सितंबर 2026 का पंचांग
आज सोमवार है और अश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। रेवती नक्षत्र सुबह 10:16 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा भी सुबह 10:16 बजे तक मीन राशि में रहेगा और इसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेगा।
पंचांग के अनुसार ध्रुव योग सुबह लगभग 8:54 बजे तक रहेगा। आज द्वितीया श्राद्ध होने के कारण पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
द्वितीया श्राद्ध का शुभ समय
श्राद्ध कर्म के लिए परंपरागत रूप से कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को महत्वपूर्ण माना जाता है। इन मुहूर्तों का सही समय स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
श्राद्ध करने वाले लोगों को अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। द्वितीया तिथि 27 सितंबर की रात करीब 8:58 बजे शुरू हुई और 28 सितंबर को शाम 7:13 बजे समाप्त होगी।
तर्पण की विधि
धार्मिक परंपराओं के अनुसार श्राद्ध और तर्पण करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का स्मरण किया जाता है।
तांबे या पीतल के पात्र में जल लेकर उसमें काले तिल, कुश और पुष्प मिलाए जाते हैं। इसके बाद श्रद्धापूर्वक पितरों के नाम से जल अर्पित किया जाता है।
मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना पुण्यकारी माना जाता है।
आज का राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त
28 सितंबर को सोमवार होने के कारण राहुकाल सुबह के समय रहेगा। हालांकि इसका सटीक समय शहर के सूर्योदय के अनुसार बदलता है।
उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर में राहुकाल लगभग सुबह 7:48 से 9:18 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त लगभग 11:54 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक है।
इसलिए पाठकों को अपने शहर के अनुसार स्थानीय पंचांग देखकर ही धार्मिक अनुष्ठान का समय निर्धारित करना चाहिए।
चंद्रमा का मेष राशि में प्रवेश
आज सुबह करीब 10:16 बजे रेवती नक्षत्र समाप्त होने के साथ चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा के राशि परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जाता है।
चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है और मन, भावनाओं तथा मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है।
सोमवार को करें शिव आराधना
आज सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।
पितृ पक्ष होने के कारण आज पितरों का स्मरण, तर्पण और जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भी निभाई जाती है।
आज का संक्षिप्त पंचांग
दिन: सोमवार
तारीख: 28 सितंबर 2026
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: अश्विन
तिथि: द्वितीया, शाम 7:13 बजे तक
श्राद्ध: द्वितीया श्राद्ध
नक्षत्र: रेवती सुबह 10:16 बजे तक, इसके बाद अश्विनी
चंद्र राशि: मीन से मेष
सूर्य राशि: कन्या
विशेष: पितृ पक्ष द्वितीया श्राद्ध
