आय से अधिक संपत्ति मामले में PWD इंजीनियर के तीन ठिकानों पर EOW का छापा, 2.5 लाख नकद और 25 लाख की गाड़ी मिली
बालाघाट/छिंदवाड़ा/भोपाल। मध्य प्रदेश में आर्थिक अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह EOW की टीमों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री कमलकिशोर सिंगारे से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान बालाघाट स्थित सरकारी आवास से 2.5 लाख रुपये नकद और करीब 25 लाख रुपये कीमत की एक गाड़ी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
EOW की इस कार्रवाई से विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अधिकारी की घोषित आय और सामने आई संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार EOW की तीन टीमों ने गुरुवार सुबह करीब 6 बजे एक साथ कार्रवाई शुरू की। टीमों ने बालाघाट में PWD के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमलकिशोर सिंगारे के सरकारी आवास के अलावा छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके आवासों पर भी तलाशी ली।
बालाघाट में चल रही कार्रवाई का नेतृत्व EOW के डीएसपी मंजीत सिंह ने किया। अधिकारियों के मुताबिक न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया।
सुबह-सुबह अधिकारियों की टीमों के अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचने के बाद आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल बन गया। जांच टीम द्वारा दस्तावेजों, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
सरकारी आवास से 2.5 लाख रुपये नकद बरामद
तलाशी के शुरुआती चरण में बालाघाट स्थित सरकारी आवास से 2.5 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही करीब 25 लाख रुपये कीमत की एक गाड़ी भी बरामद की गई है।
EOW की टीम बरामद सामग्री और दस्तावेजों का मिलान कर रही है। आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी अधिकारी की ज्ञात और वैध आय के मुकाबले उसकी संपत्तियों, निवेश और खर्च का परीक्षण करती है।
इस मामले में भी तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है।
बिल पास करने के बदले कमीशन मांगने की शिकायत
अधिकारियों के अनुसार कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ निर्माण कार्यों के बिल पास करने के बदले ठेकेदारों से कथित तौर पर कमीशन मांगने की शिकायतें भी सामने आई थीं।
बताया गया है कि सिविल कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के महासचिव यूनुस खान ने 13 जुलाई को जबलपुर में EOW के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और अब संबंधित अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल EOW की कार्रवाई जांच के स्तर पर है।
14 महीने से बालाघाट में पदस्थ थे अधिकारी
जानकारी के मुताबिक कमलकिशोर सिंगारे पिछले करीब 14 महीनों से बालाघाट में पदस्थ थे। इस दौरान उनके विभागीय कार्यों और निर्माण कार्यों से जुड़े बिलों को लेकर शिकायतें सामने आईं।
EOW की टीम अब उनके कार्यकाल से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। निर्माण कार्यों की स्वीकृति, भुगतान, बिलों की प्रक्रिया और ठेकेदारों से संबंधित रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।
छिंदवाड़ा भी ले जाई गई टीम
तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा कमलकिशोर सिंगारे को छिंदवाड़ा ले जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि जांच टीम अलग-अलग स्थानों पर मौजूद दस्तावेजों और संपत्तियों का मौके पर परीक्षण कर रही है।
EOW की कार्रवाई केवल नकदी और वाहन की बरामदगी तक सीमित नहीं है। टीम द्वारा बैंक खातों, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों, निवेश, वाहनों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की संभावना है।
तीन शहरों में एक साथ तलाशी
इस कार्रवाई की खास बात यह है कि EOW ने एक ही समय में तीन अलग-अलग शहरों में तलाशी अभियान चलाया। बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में कार्रवाई के जरिए अधिकारी से जुड़े सरकारी और निजी ठिकानों की जांच की गई।
एक साथ कई स्थानों पर तलाशी से जांच एजेंसी को संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज एकत्र करने में मदद मिल सकती है। बरामद दस्तावेजों का विश्लेषण करने के बाद ही आय और संपत्ति के बीच संभावित अंतर का आकलन किया जाएगा।
दस्तावेजों की जांच जारी
EOW अधिकारियों के मुताबिक तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है। किसी भी मामले में आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आकलन केवल बरामद नकदी या किसी एक वाहन के आधार पर नहीं किया जाता, बल्कि अधिकारी की ज्ञात आय, खर्च, संपत्ति, निवेश और अन्य वित्तीय स्रोतों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है।
इसलिए फिलहाल सामने आई 2.5 लाख रुपये की नकदी और करीब 25 लाख रुपये कीमत की गाड़ी को जांच के शुरुआती निष्कर्षों के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की कार्रवाई जांच के बाद होगी तय
EOW की तलाशी के बाद अब जांच एजेंसी द्वारा दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में आय और संपत्ति के बीच गंभीर असमानता या अन्य वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल EOW द्वारा तीनों स्थानों पर तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नोट: इस खबर में दर्ज आरोप और शिकायतें जांचाधीन हैं। संबंधित अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
