ग्वालियर में आठ संतों का एक साथ चातुर्मास कलश स्थापना समारोह, सकल जैन समाज ने निभाई सहभागिता
ग्वालियर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्वालियर की धार्मिक नगरी में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। नई सड़क स्थित चंपाबाग बगीची में आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में वर्षायोग 2026 के लिए आठ संतों का एक साथ चातुर्मास कलश स्थापना समारोह भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में ग्वालियर सकल जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार भगवान महावीर स्वामी और गुरुदेव के जयकारों से गूंज उठा। देश के विभिन्न स्थानों से आए गुरु भक्तों ने भी इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
भगवान महावीर के चित्र अनावरण से हुआ शुभारंभ
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य श्री विमल सागर महाराज के चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर राजेश कला, डॉ. वीरेंद्र गंगवाल सहित अन्य श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधियों में सहभागिता की।
आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज का पाद प्रक्षालन गुरु भक्त परिवार कोलकाता द्वारा तथा मुनिश्री अनुमान सागर महाराज का पाद प्रक्षालन महेंद्र एवं शीला टोंग्या द्वारा किया गया। स्वागत नृत्य प्रियंका जैन ने प्रस्तुत किया, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में डॉ. वीरेंद्र गंगवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संतों के आगमन को ग्वालियर के लिए सौभाग्य बताया।

चातुर्मास की आज्ञा लेकर किया कलश स्थापना आयोजन
चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गंगवाल, सचिव निर्मल पाटनी, महेंद्र टोंग्या, विकास गंगवाल, बालचंद्र जैन, मुख्य संयोजक विनय कासलीवाल, कोषाध्यक्ष पंकज छाबड़ा, संजय गोधा एवं पंकज बाकलीवाल ने आचार्य श्री से चातुर्मास करने की विनीत आज्ञा प्राप्त की।
उन्होंने श्रीफल भेंट कर संतों से वर्षायोग के लिए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जयपुर, आगरा, कोलकाता, भिंड, दिल्ली सहित अनेक स्थानों से आए गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
कार्यक्रम का संचालन विनय कासलीवाल एवं पंडित विपिन जैन ने किया।
इन श्रद्धालुओं को मिला मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य
चातुर्मास के मंगल अवसर पर विभिन्न कलशों की स्थापना का पुण्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि प्रथम मुख्य अरिहंत कलश निर्मल मंजू पाटनी को प्राप्त हुआ। वहीं दूसरा सिद्ध कलश निर्मल साधना जैन को प्राप्त हुआ।
इसके अलावा आचार्य आदि सागर कलश का सौभाग्य महेंद्र एवं शीला टोंग्या, आचार्य कीर्ति सागर कलश सतीशचंद्र चांदवाड़, आचार्य विमल सागर कलश ओम प्रकाश एवं गौरव जैन, आचार्य चैत्य सागर कलश धनेन्द्र जैन तथा मुनिश्री अनुमान सागर कलश विजय भानू जैन को प्राप्त हुआ।

गुरु पूर्णिमा पर हुआ भव्य गुरु पूजन
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज एवं मुनिश्री अनुमान सागर महाराज का विशेष गुरु पूजन किया गया। महिला, पुरुष और बच्चों ने सजाई गई अष्टद्रव्य पूजन थालियों के साथ भक्ति भाव से भाग लिया।
संगीतकार प्रमोद जैन के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते हुए गुरुदेव के चरणों में महाअर्घ्य समर्पित करते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान गुरु भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
धर्म और भक्ति का बना अद्भुत वातावरण
चातुर्मास कलश स्थापना समारोह ने ग्वालियर में जैन धर्म की परंपराओं और गुरु भक्ति की भावना को और मजबूत किया। संतों के सान्निध्य में हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने संयम, तप, साधना और धर्म मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सकल जैन समाज की सहभागिता से आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुए इस आयोजन ने ग्वालियर में आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया।

