Ajinkya Shinde: कौन हैं अजिंक्य शिंदे? दिपके ने सौंपी CJP प्रदर्शन की कमान — दैनिक स्वराज वाणी
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो संदेश में अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की जिम्मेदारी सौंपी। दिपके ने अपनी हिरासत की आशंका जताते हुए कहा था कि अगर वह, आशुतोष रांका और सौरव दास प्रदर्शन में मौजूद न रहें, तो शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। वीडियो में उन्होंने समर्थकों से यह भी कहा कि पुलिस जहां रोके, वहीं प्रदर्शन जारी रखें और उसे जंतर-मंतर बना दें।
दिल्ली पहुंचने पर दिपके, रांका और दास को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद शिंदे का नाम प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले नेता के रूप में सामने आया। CJP में वे राष्ट्रीय संगठन प्रभारी हैं और पार्टी की कोर टीम का हिस्सा हैं।
कौन हैं अजिंक्य शिंदे?
अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के अलीबाग के रहने वाले हैं। वे कंप्यूटर साइंस से स्नातक हैं और पुणे की एक आईटी कंपनी में काम कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने आईटी क्षेत्र की नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ काम किया था। वे 2016 के गोवा चुनाव में AAP के लिए प्रचार से जुड़े और बाद में महाराष्ट्र में भी पार्टी के साथ काम किया।
शिंदे का CJP से जुड़ाव पार्टी के गठन के समय से बताया गया है। वे पहले भी विरोध प्रदर्शनों और संगठन के कामों में सक्रिय रहे हैं। अब पार्टी के शीर्ष नेताओं की हिरासत के बाद दिपके ने उन्हें आंदोलन की कमान सौंपी है।
AAP से क्या है संबंध?
शिंदे के AAP से संबंध को लेकर चर्चा इसलिए है, क्योंकि वे पहले पार्टी के लिए काम कर चुके हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें AAP का पूर्व कार्यकर्ता बताया गया है। हालांकि, उनके वर्तमान में AAP से जुड़े होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए उन्हें अभी सक्रिय AAP नेता बताना सही नहीं होगा। मौजूदा जानकारी के मुताबिक, शिंदे CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी हैं और इसी भूमिका में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।
दिपके ने वीडियो में क्या कहा?
दिपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में अपनी गिरफ्तारी या हिरासत की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा कि यदि वे और पार्टी के अन्य प्रमुख नेता प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाते, तो अजिंक्य शिंदे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने समर्थकों से शिंदे का साथ देने और प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और राजधानी के मध्य क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे।
हिरासत के बाद बढ़ी शिंदे की भूमिका
दिपके और अन्य नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शन को लेकर शिंदे की भूमिका अहम हो गई। पार्टी की ओर से उन्हें जिम्मेदारी दिए जाने का उद्देश्य आंदोलन का नेतृत्व जारी रखना बताया गया। इस घटनाक्रम ने उन्हें CJP के प्रमुख चेहरों में ला दिया है।
फिलहाल शिंदे का परिचय मुख्य रूप से उनके संगठनात्मक पद, पूर्व AAP कार्यकर्ता के रूप में उनके अनुभव और CJP के आंदोलनों में उनकी भागीदारी से जुड़ा है। उनके वर्तमान राजनीतिक संबंधों को लेकर उपलब्ध जानकारी सीमित है। ऐसे में AAP से जुड़े पुराने अनुभव और CJP में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी को अलग-अलग समझना जरूरी है।
