Indore में एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू
Indore में शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, एबी रोड पर लगभग छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। एलआईजी चौक से लेकर नौलखा तक इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण एक साथ दो स्थानों से किया जाएगा, ताकि समय पर कार्य पूरा किया जा सके और निर्माण के दौरान सड़क पर होने वाले यातायात दबाव को कम किया जा सके।
मध्यप्रदेश के आईडीए और नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शहर के यातायात प्रवाह को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस मार्ग पर प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं, और मौजूदा समय में जाम और दुर्घटनाओं की संख्या अधिक रहती है।
आधा दर्जन चौराहों पर फ्लाईओवर अटका
एबी रोड के अलावा शहर के अन्य 11 चौराहों पर भी फ्लाईओवर बनाने का सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान तय किया गया था कि शहर के मुख्य चौराहों पर फ्लाईओवर बनाए जाएं, ताकि यातायात जाम कम हो और वाहनों का संचालन सुचारू हो।
हालांकि, अब तक इन 11 चौराहों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे शहरवासियों को अभी भी जाम और यातायात की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे कार्य तो तेजी से किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने में अपेक्षित गति नहीं दिखाई दे रही है।
काम शुरू न होने के कारण
आईडीए ने बीते साल अक्टूबर 2025 में 11 चौराहों पर फ्लाईओवर निर्माण की रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी थी। इसके बावजूद इन स्थानों पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
कुछ चौराहों पर कलेक्टर और यातायात विभाग की आपत्ति के कारण कार्य रुका हुआ है। लोहा मंडी और छावनी मंडी जैसे व्यस्त चौराहों पर भारी यातायात को डायवर्ट करने का विकल्प उपलब्ध नहीं था। इसके कारण वहां निर्माण कार्य आरंभ करना संभव नहीं हो सका।
लाइन शिफ्टिंग और तकनीकी बाधाएं
विशेष रूप से बड़ा गणपति चौराहा पर फ्लाईओवर के लिए टेंडर हो चुके हैं। हालांकि, लाइन शिफ्टिंग लंबित होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। नगर निगम ने आईडीए द्वारा प्रदान की गई राशि से लाइन शिफ्टिंग का कार्य प्रारंभ किया है। लाइन को स्थानांतरित किए जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
आईडीए के अधिकारियों ने बताया कि लाइन शिफ्टिंग के बाद ट्रैफिक मैनेजमेंट और निर्माण के अन्य चरणों को शुरू करने में तेजी आएगी।
चार चौराहों पर सुधार का प्रस्ताव
सर्वे में चार चौराहों पर विशेष सुधार का सुझाव दिया गया था। ये हैं:
- पत्रकार कॉलोनी चौराहा: मेट्रो रेल अलाइनमेंट के कारण फ्लाईओवर का प्रस्ताव खारिज।
- छावनी चौराहा: सुधार कार्य के सुझाव दिए गए, लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं।
- कृषि कॉलेज चौराहा: सुधार कार्य की सिफारिश, निर्माण शुरू नहीं।
- आजाद नगर चौराहा: सुधार कार्य के लिए प्रस्तावित, लेकिन कार्य स्थगित।
इन चौराहों पर समय रहते सुधार कार्य न होने से अभी भी स्थानीय लोगों को जाम और यातायात असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
फ्लाईओवर के प्रस्तावित चौराहे और लागत
शहर में प्रस्तावित फ्लाईओवर और उनकी लागत निम्नानुसार है:
- अग्रसेन चौराहा: 56 करोड़ में 561 मीटर लंबा फ्लाईओवर। अनुमानित लाभार्थी: 1.28 लाख वाहन प्रतिदिन।
- टावर चौराहा: 37 करोड़ में 523 मीटर लंबा फ्लाईओवर। अनुमानित लाभार्थी: 1.20 लाख वाहन।
- गोपुर चौराहा: 90 करोड़ में 548 मीटर लंबा फ्लाईओवर। लाभार्थी: 85 हजार वाहन।
- जंजीरवाला चौराहा: 90 करोड़ में चार भुजा में एलिवेटेड रोटरी का प्रस्ताव। लाभार्थी: 1.07 लाख वाहन।
- चाणक्यपुरी चौराहा: 65 करोड़ में फ्लाईओवर प्रस्तावित, लेकिन मेट्रो अलाइनमेंट के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ।
एलिवेटेड कॉरिडोर का महत्व
एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शहर के यातायात को सुगम बनाने, समय की बचत करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद विशेष रूप से सुबह और शाम के समय होने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल एबी रोड पर ट्रैफिक बेहतर होगा, बल्कि आसपास के व्यस्त चौराहों पर भी दबाव कम होगा।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वे कार्य तो तेजी से किया गया, लेकिन निर्माण कार्य में देरी से उन्हें अभी भी जाम और आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने यह भी कहा कि समय पर निर्माण शुरू होने से इंदौर शहर के व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों में सुधार आएगा।
आईडीए और नगर निगम की भूमिका
आईडीए और नगर निगम ने मिलकर काम शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाईओवर निर्माण में तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद काम को प्राथमिकता दी जा रही है।
नगर निगम और आईडीए ने यह भी बताया कि कार्य समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शहरवासियों को सुविधा मिल सके।
