एक पेड़ माँ के नाम अमृत हरित महाअभियान 2026 के तहत नगर पालिका नागदा को 61,464 पौधारोपण का लक्ष्य मिला है। जानिए अभियान, जियोटैगिंग, वायुदूत ऐप, नागरिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण की पूरी जानकारी।
एक पेड़ माँ के नाम अमृत हरित महाअभियान 2026 नागदा
नागदा। एक पेड़ माँ के नाम अमृत हरित महाअभियान 2026 नागदा के अंतर्गत नगर पालिका परिषद नागदा को इस वर्ष 61,464 पौधों के रोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित इस पर्यावरणीय अभियान का उद्देश्य प्रदेशभर में हरित क्षेत्र बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को प्रकृति से जोड़ना है।
नगर पालिका परिषद ने इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा उद्यान शाखा के कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है तथा प्रत्येक कर्मचारी को निर्धारित स्थानों पर पौधारोपण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर पालिका नागदा को मिला 61,464 पौधारोपण का लक्ष्य
नगर पालिका परिषद नागदा को मिले 61,464 पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियोटैगिंग की जाएगी तथा उसकी जानकारी वायुदूत ऐप पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी ऑनलाइन एंट्री भी समय पर करना आवश्यक रहेगा। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वायुदूत ऐप पर होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक पौधे की डिजिटल निगरानी की जाएगी।
इसके लिए—
- पौधे की जियोटैगिंग होगी।
- वायुदूत ऐप पर ऑनलाइन एंट्री की जाएगी।
- मेरी लाइफ (LiFE) पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड की जा सकेगी।
- जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग लगातार मॉनिटरिंग करेगा।
इससे पौधारोपण अभियान पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।
उद्योगों, स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी
नगर पालिका परिषद ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए कई संस्थाओं को जोड़ा है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- ग्रेसीम इंडस्ट्रीज
- कैमिकल उद्योग
- गुलब्रांडसन
- लैक्सस
- विभिन्न औद्योगिक इकाइयाँ
- शासकीय विभाग
- सरकारी एवं निजी विद्यालय
- आंगनवाड़ी केंद्र
- सामाजिक संस्थाएँ
- स्वयंसेवी संगठन (NGO)
सभी को निर्धारित संख्या में पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है।
इन स्थानों पर लगाए जाएंगे पौधे
अभियान के तहत शहर के अनेक सार्वजनिक स्थानों को हरित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इनमें शामिल हैं—
- शासकीय विद्यालय
- आंगनवाड़ी केंद्र
- सार्वजनिक पार्क
- मंदिर परिसर
- श्मशान घाट
- फिल्टर प्लांट परिसर
- सड़क किनारे
- डिवाइडर
- सार्वजनिक कार्यालय
- घर-घर पौधारोपण
नगर पालिका नागरिकों को भी पौधे उपलब्ध कराकर इस अभियान से जोड़ रही है।
वर्षा जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान
नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया गया है।
इसके अतिरिक्त—
- पार्कों में काली मिट्टी डाली जा रही है।
- डिवाइडरों का हरित विकास किया जा रहा है।
- पौधों के संरक्षण की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
- भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जल संरक्षण कार्य जारी हैं।
नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत की अपील
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानें बल्कि जनआंदोलन बनाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए, उसका संरक्षण करे और उसकी जानकारी वायुदूत ऐप पर अपलोड करे। पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे बड़े होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करेंगे।
नगर पालिका परिषद के सभी पार्षद एवं सभापतियों ने भी नागरिकों से अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की है।
निष्कर्ष
एक पेड़ माँ के नाम अमृत हरित महाअभियान 2026 नागदा केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और जनसहभागिता का एक व्यापक अभियान है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो नागदा आने वाले वर्षों में हरित और स्वच्छ शहरों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो सकता है।
