अहंकार व्यक्ति को विनाश और पतन की ओर ले जाता है : साध्वी निरागरशा श्री जी
52 सिद्धि तप तपस्वियों के चंदन विलेपन वधामणा का हुआ भव्य आयोजन
महिदपुर रोड। श्री राजेंद्र सुरि ज्ञान मंदिर में चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्री जी एवं साध्वी निरागरशा श्री जी महाराज साहब के सानिध्य में धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी है। इसी क्रम में नवीन महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में साध्वी निरागरशा श्री जी ने समाजजनों को संबोधित करते हुए अहंकार से दूर रहने और नवकार मंत्र को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
साध्वी निरागरशा श्री जी ने कहा कि अहंकार व्यक्ति को विनाश और पतन की ओर ले जाता है। मनुष्य चाहे कितना भी पराक्रमी, धनवान, बलवान, बुद्धिमान और शक्तिशाली क्यों न हो, यदि उसके भीतर अहंकार आ जाए तो उसका पतन निश्चित है। उन्होंने लंकापति रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि अपार शक्ति, विद्वता और वैभव होने के बावजूद अहंकार के कारण रावण का विनाश हुआ।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में अहंकार को त्यागकर नवकार मंत्र को अपनाना चाहिए। मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। नवकार मंत्र के स्मरण और धर्म के मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
साध्वी श्री ने कहा कि हमें अपने जीवन में धर्म, संयम और सदाचार को स्थान देना चाहिए। मनुष्य को प्राप्त यह दुर्लभ भव चिंतामणि रत्न के समान है। यदि इस जीवन में धर्म और सद्कर्मों का मार्ग छोड़ दिया गया तो जीव को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आत्मकल्याण के लिए निरंतर धर्म आराधना में आगे बढ़ना चाहिए।

52 सिद्धि तप तपस्वियों का चंदन विलेपन वधामणा
महिदपुर रोड जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि चातुर्मास के चतुर्थ दिवस पर 52 सिद्धि तप तपस्वियों के चंदन विलेपन वधामणा का भव्य एवं मंगलमय आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस मंगलकारी आयोजन का लाभ भूपेंद्र कुमार, अशोक कुमार एवं विनीत कुमार तातेड़ परिवार, शिवगढ़ द्वारा लिया गया। वहीं साधार्मिक भक्ति, प्रभावना एवं संपूर्ण दिवस के लाभ का पुण्यलाभ परेश कुमार, वैभव कुमार एवं सहर्ष कुमार चत्तर परिवार द्वारा लिया गया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक विधि-विधान के साथ तपस्वियों का सम्मान किया और धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
जैन समाजजनों ने लिया धर्मलाभ
मंगलकारी अवसर पर सकल जैन श्री संघ, चातुर्मास समिति एवं समाज के विभिन्न सदस्यों ने उपस्थित होकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने साध्वी श्री के प्रवचन का श्रवण कर धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
साध्वी श्री के प्रेरणादायी संदेश ने उपस्थित समाजजनों को जीवन में अहंकार से दूर रहने, नवकार मंत्र का स्मरण करने तथा धर्म एवं सदाचार को अपनाने की प्रेरणा दी।
चातुर्मास के दौरान श्री राजेंद्र सुरि ज्ञान मंदिर में निरंतर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाजजन बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
श्रेय टीवी के लिए सचिन भंडारी, महिदपुर रोड की खास रिपोर्ट।
