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E20 Fuel Controversy: प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार की नितिन गडकरी की चुनौती, छह प्रभावित लोगों को सामने लाने का दावा

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Published On: 10 July 2026
E20 Fuel Controversy: प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार की नितिन गडकरी की चुनौती, छह प्रभावित लोगों को सामने लाने का दावा

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E20 Fuel Controversy: प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार की नितिन गडकरी की चुनौती,

नई दिल्ली। एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20 पेट्रोल) को लेकर जारी विवाद अब और तेज हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की चुनौती के एक दिन बाद E20 ईंधन का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि वे एक नहीं बल्कि छह ऐसे लोगों को सामने ला सकते हैं, जिनकी गाड़ियों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद कथित रूप से समस्याएं आई हैं।

प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति तहसीन पूनावाला ने एक वीडियो जारी कर नितिन गडकरी की चुनौती स्वीकार करने की बात कही। हालांकि, उन्होंने इसके साथ एक शर्त भी रखी है कि केंद्रीय मंत्री इन कथित प्रभावित लोगों से आमने-सामने मुलाकात करें और पूरी बातचीत को लाइव-स्ट्रीम किया जाए।

E20 ईंधन को लेकर बढ़ा विवाद

भारत में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति को लेकर पिछले कुछ समय से बहस जारी है। सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी E20 को बढ़ावा दिया है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना और पर्यावरणीय लाभ हासिल करना बताया गया है।

वहीं, कुछ वाहन मालिकों और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि E20 पेट्रोल के कारण कुछ पुराने वाहनों में माइलेज कम होने, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होने और कल-पुर्जों में खराबी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

हालांकि, केंद्र सरकार और कई विशेषज्ञों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि E20 ईंधन निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार किया गया है और इससे अनुकूल वाहनों को नुकसान नहीं होना चाहिए।

तहसीन पूनावाला ने वीडियो जारी कर दी प्रतिक्रिया

तहसीन पूनावाला ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने नितिन गडकरी की चुनौती स्वीकार कर ली है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे छह वाहन मालिक हैं, जिनकी गाड़ियों में E20 ईंधन के कारण खराबी आई है।

उन्होंने कहा कि वह इन लोगों को केंद्रीय मंत्री के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए एक निष्पक्ष व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि या तो दिल्ली पुलिस बैठक की व्यवस्था कराए या फिर नितिन गडकरी उन्हें मिलने का समय दें।

मंत्री के आवास पर जाने की थी योजना

पूनावाला के अनुसार, पहले उनकी योजना इन कथित प्रभावित लोगों के साथ केंद्रीय मंत्री के आवास पर जाने की थी। लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से संपर्क कर उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी गई।

इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मांग रखी कि इस मुद्दे पर एक खुली बातचीत होनी चाहिए, जिसमें प्रभावित वाहन मालिक अपनी समस्याएं रख सकें।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल में 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। भारत सरकार ने जैव ईंधन नीति के तहत पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का लक्ष्य तय किया था।

सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी और देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मदद मिलेगी।

प्रदर्शनकारियों के क्या हैं आरोप?

E20 का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में पुराने वाहन अभी भी E10 पेट्रोल के अनुरूप बनाए गए हैं। उनका दावा है कि अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन से ऐसे वाहनों में माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन या अन्य हिस्सों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए कोई व्यापक सार्वजनिक तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

नितिन गडकरी ने क्या कहा था?

नितिन गडकरी ने E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा था कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से किसी भी वाहन को नुकसान होने की बात साबित नहीं हुई है।

उन्होंने कहा था कि यदि किसी वाहन मालिक को कोई समस्या आती है तो वह संबंधित डीलर या मंत्रालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

आगे बढ़ सकता है विवाद

E20 पेट्रोल को लेकर सरकार, वाहन उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच चर्चा जारी है। प्रदर्शनकारियों द्वारा छह कथित प्रभावित लोगों को सामने लाने के दावे के बाद अब इस मामले में आगे की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

यदि केंद्रीय मंत्री और प्रदर्शनकारियों के बीच प्रस्तावित बैठक होती है तो E20 ईंधन से जुड़े दावों और वास्तविक स्थिति पर और स्पष्टता आ सकती है।

नोट: E20 ईंधन से वाहन खराब होने संबंधी प्रदर्शनकारियों के दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। सरकार और विशेषज्ञों का पक्ष अलग है, जिसमें E20 को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप बताया गया है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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