—Advertisement—

,

“दशहरा 2025: मध्यप्रदेश की वीरांगनाओं ने इंदौर में किया भव्य शस्त्र पूजन, आत्मरक्षा और राजपूतानी पौराणिक पहचान को किया जीवित”

Author Picture
Published On: 10 October 2025
WhatsApp Image 2025 10 10 at 5.26.10 AM 1

—Advertisement—

दशहरा पर मध्यप्रदेश की वीरांगनाओं ने इंदौर में किया शस्त्र पूजन, आत्मरक्षा और पौराणिक पहचान पर डाला प्रकाश

इंदौर (मध्यप्रदेश): दशहरा के पावन अवसर पर इंदौर में अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना महासभा द्वारा भव्य दशहरा मिलन समारोह एवं प्री दिवाली महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी वीरांगनाओं ने शस्त्र पूजन और श्रीराम जी की पूजा-अर्चना कर अपनी पौराणिक पहचान और आत्मरक्षा के महत्व पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना महासभा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती वंदना सिंह ने कहा कि शस्त्र हमारी पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों की आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिए शस्त्र का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित सभी वीरांगनाओं को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र साधना और अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर प्रदेश वीरांगना महामंत्री श्रीमती पूजा भदौरिया, वीरांगना इंदौर संभाग अध्यक्ष श्रीमती रानी चंदेल, इंदौर जिलाध्यक्ष श्रीमती अर्चना ठाकुर सहित कई अन्य वीरांगनाएं उपस्थित थीं। सभी उपस्थित वीरांगनाओं ने पारंपरिक राजपूतानी वेशभूषा पहनकर तलवार रास का प्रदर्शन किया और राजपूतानी संस्कृति और शौर्य का परिचय दिया।

शस्त्र पूजन और पौराणिक महत्व

इस वर्ष के दशहरा समारोह में शस्त्र और शास्त्र का पूजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वीरांगनाओं ने अपने हथियारों की पूजा कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखा। समारोह में शस्त्र और शास्त्र के महत्व के साथ-साथ वीरांगनाओं के लिए आत्मरक्षा के उपाय और सशक्तिकरण के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई।

श्रीमती वंदना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “शस्त्र हमारी संस्कृति, पहचान और सम्मान का प्रतीक हैं। हर महिला को अपने अधिकारों और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। आत्मरक्षा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हर महिला का अधिकार है।”

WhatsApp Image 2025 10 10 at 5.26.10 AM

बेटियों की आत्मनिर्भरता और प्रशिक्षण

समारोह में आत्मरक्षा और शस्त्र साधना पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें सभी वीरांगनाओं ने बेटियों को कैसे आत्मनिर्भर बनाया जाए, अपने अधिकारों की रक्षा कैसे करें और शारीरिक एवं मानसिक सशक्तिकरण के उपाय साझा किए। इस अवसर पर उपस्थित सभी क्षत्राणी वीरांगनाओं ने अपने अनुभव और सुरक्षा प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए।

वीरांगनाओं ने बताया कि शस्त्र का ज्ञान केवल लड़ाई या युद्ध के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में महिलाओं को भी शस्त्र साधना और आत्मरक्षा प्रशिक्षण लेना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी स्थिति में अपने और परिवार की सुरक्षा कर सकें।

राजपूतानी परंपरा और संस्कृति का प्रदर्शन

दशहरा समारोह के दौरान सभी वीरांगनाओं ने राजपूतानी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर तलवार रास का प्रदर्शन किया। इस अवसर ने सभी उपस्थित लोगों को राजपूतानी शौर्य, वीरता और परंपरा की झलक दिखाई। आयोजन में भाग लेने वाली वीरांगनाओं ने शस्त्र और शास्त्र के महत्व को जीवंत करते हुए संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया।

श्रीमती रानी चंदेल, इंदौर संभाग अध्यक्ष ने कहा कि “हमारी परंपरा और वीरता केवल इतिहास में ही नहीं, बल्कि आज भी हमारे समाज में जीवित है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और शौर्य की याद दिलाई जाती है।”

WhatsApp Image 2025 10 10 at 5.27.16 AM

सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश

दशहरा मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि महिलाओं और युवाओं में शौर्य, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी वीरांगनाओं ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया।

श्रीमती पूजा भदौरिया, प्रदेश महामंत्री ने कहा कि “इस तरह के आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है। शस्त्र साधना केवल युद्ध कला नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और मानसिक शक्ति का विकास करती है। हमें अपनी परंपरा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक ले जाने की आवश्यकता है।”

आयोजन का भव्य स्वरूप

इस साल का दशहरा और प्री-दिवाली महोत्सव विशेष रूप से भव्य रहा। सभी क्षत्राणी वीरांगनाओं ने तलवार और अन्य शस्त्रों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, शस्त्र पूजन और सांस्कृतिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

श्रीमती अर्चना ठाकुर, इंदौर जिलाध्यक्ष ने कहा कि “हमारी वीरांगनाओं ने इस आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर और आत्मरक्षा का संदेश दिया। यह समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

WhatsApp Image 2025 10 10 at 5.26.10 AM 2

निष्कर्ष

इंदौर में आयोजित यह दशहरा मिलन समारोह और प्री दिवाली महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता का माध्यम था। अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना महासभा की पहल से महिलाओं में शौर्य, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी।

समारोह का मुख्य संदेश यह है कि शस्त्र और शास्त्र हमारी पौराणिक पहचान हैं, और हर महिला को आत्मरक्षा और सशक्तिकरण के महत्व को समझना चाहिए। इस कार्यक्रम ने यह भी साबित किया कि राजपूतानी संस्कृति और वीरांगनाओं की वीरता आज भी हमारे समाज में जीवंत है।

🚩🔱⚔️ जय भवानी, जय वीरांगना! ⚔️🔱🚩

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp