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Durg में 2 SI निलंबित: NDPS केस में रिश्वत मांगने का आरोप, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप

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Published On: 4 June 2026
Durg

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Durg में 2 SI निलंबित: NDPS केस में रिश्वत मांगने का आरोप, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस विभाग की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के Durg जिले में पुलिस विभाग ने रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के चलते दो सब-इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है। मामला NDPS एक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी पक्ष से पैसे मांगने का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई। दोनों अधिकारियों को रक्षित केंद्र दुर्ग में अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।

पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोप है कि थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने NDPS एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार की गई महिला को राहत दिलाने के नाम पर उसकी बेटी से 50 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता महिला की बेटी जसबीर का कहना है कि उसकी मां को बिना पर्याप्त आधार के इस मामले में फंसाया गया और बाद में केस को कमजोर करने या राहत दिलाने के लिए पैसों की मांग की गई।

जसबीर ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे प्रकरण में केवल एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि साइबर क्राइम से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आई है, जिन्होंने उससे अलग से करीब 2 लाख रुपये की मांग की थी। इस आरोप के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है और पूरे प्रकरण की जांच विभागीय स्तर पर की जा रही है। फिलहाल सभी दावों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो से खुलासा

मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो गए। इन ऑडियो में एक महिला और पुलिस अधिकारी के बीच पैसों को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया है। वायरल हुए एक ऑडियो में 50 हजार रुपये में मामले को “सेटल” करने की बात सामने आती है, जबकि दूसरे ऑडियो में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनमें झूठा केस दर्ज करने और पैसों की मांग करने जैसे दावे शामिल हैं।

इन ऑडियो के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्थानीय स्तर से लेकर उच्च पुलिस अधिकारियों तक इसकी जानकारी पहुंच गई। सोशल मीडिया पर ऑडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। इसके बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं। फिलहाल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

प्रारंभिक जांच में मिली संदिग्ध भूमिका

दुर्ग पुलिस द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में पुरानी भिलाई थाने के सब-इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाने के सब-इंस्पेक्टर देव लाल साहू की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

जांच में विभागीय नियमों के उल्लंघन और कथित मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन के बाद दोनों अधिकारियों को रक्षित केंद्र दुर्ग में अटैच कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

सीनियर अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने का आरोप

शिकायतकर्ता जसबीर ने दावा किया है कि उसके पास पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। उसका यह भी आरोप है कि बातचीत के दौरान यह कहा गया था कि वसूली गई रकम का एक हिस्सा वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंचाया जाएगा।

हालांकि, इस गंभीर आरोप की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही हैं।

तीन दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट

दुर्ग पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को विस्तृत जांच सौंपी है। उन्हें तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह पुलिस विभाग के लिए गंभीर छवि संकट का मामला होगा।

निष्कर्ष

दुर्ग जिले में दो सब-इंस्पेक्टरों का निलंबन NDPS केस में लगे कथित रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के बाद की गई एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है। यह कदम उस समय उठाया गया जब सोशल मीडिया पर एक वायरल ऑडियो सामने आया, जिसमें पैसों की मांग से जुड़ी बातचीत होने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत दोनों अधिकारियों को निलंबित कर रक्षित केंद्र में अटैच कर दिया है और विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

फिलहाल वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और उसकी सत्यता की भी तकनीकी एवं फोरेंसिक स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य और नए खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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