दुबई में आयोजित 19वें एयर शो से एक दुखद घटना सामने आई है। जहां की प्रैक्टिस के दौरान भारतीय वायुसेना को एक गहरा सदमा पहुंचा, जब तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट एक नियमित ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 34 वर्षीय विंग कमांडर नमांश स्याल ने शहादत पाई।
घटना तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमान के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन से पहले हुई, जिससे न केवल भारतीय वायुसेना बल्कि पूरे देश में दुख की लहर है । प्रशिक्षण अभ्यास काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं और पायलटों से अत्यधिक कौशल की मांग करते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उड़ान उनके लिए अंतिम साबित हुई।
पिता और पत्नी भारतीय वायुसेना में अफसर :
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के पटियालाकड़ गांव के रहने वाले विंग कमांडर स्याल एक बहादुर, अनुशासित और अत्यंत दक्ष पायलट के रूप में पहचाने जाते थे। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्मे स्याल के पिता आर्मी से रिटायर हैं, जबकि उनकी पत्नी भारतीय वायुसेना में अफसर हैं यानी देश की सेवा उनके परिवार की परंपरा का हिस्सा रही है।

दुबई एयर शो के 19वें संस्करण में तेजस को प्रदर्शित करना भारत के लिए गर्व का अवसर था, और उसी की प्रैक्टिस करते समय यह हादसा हुआ। तेजस के संचालन में माहिर होने के कारण स्याल को इस उड़ान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, पर अचानक आई तकनीकी समस्या या किसी अनियंत्रित परिस्थिति ने उन्हें बचने का कोई मौका नहीं दिया।
वीरता और समपर्ण को पूरा देश रखेगा याद :

उनकी शहादत की खबर मिलते ही पटियालाकड़ गांव में स्तब्ध माहौल छा गया। हर घर में शोक व्याप्त है और लोग अपने वीर सपूत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन साथ ही यह गर्व भी है कि नमांश स्याल ने राष्ट्र सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए। गांव के लोग, पूर्व सैनिक, और स्थानीय प्रशासन सभी इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े हैं। विंग कमांडर स्याल की वीरता, समर्पण और देशभक्ति को हमेशा याद रखा जाएगा।
