शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम में “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, युवाओं ने दिया नशा छोड़ने का संदेश
रिपोर्ट: अर्जुन कुमावत
रतलाम। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) और विकसित भारत अभियान के अंतर्गत “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय नशा मुक्ति कार्यक्रम का भव्य आयोजन शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर जिलेभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रचनात्मक प्रतियोगिताओं और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं ने नशा मुक्त समाज बनाने का संदेश दिया।
युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित हुआ कार्यक्रम
आज के दौर में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा देशभर में “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रतलाम में आयोजित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यह समझाना था कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार, करियर, सामाजिक जीवन और देश के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, नवाचार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यशवंत कुमार मिश्रा तथा जिला युवा अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और नशा मुक्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।
नशा मुक्त भारत के लिए युवाओं को किया प्रेरित
जिला युवा अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, तकनीक, नवाचार और समाज सेवा में लगाएं तो देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर होगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में जन-जागरूकता बढ़ाने और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नशा मुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया। लोकगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी प्रभावी रूप से प्रस्तुत किए गए।
विशेष रूप से नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के परिवार, समाज और भविष्य को प्रभावित करती है तथा समय रहते इस बुराई से बचना कितना आवश्यक है।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें—
- लोकगीत प्रतियोगिता
- नृत्य प्रतियोगिता
- नुक्कड़ नाटक
- चित्रकला प्रतियोगिता
- कविता पाठ
- वाद-विवाद प्रतियोगिता
- रील निर्माण प्रतियोगिता
- नारा लेखन प्रतियोगिता
जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
प्रतिभागियों ने अपनी कला और प्रतिभा के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने का प्रभावशाली संदेश दिया। कई प्रतियोगियों ने आधुनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए जागरूकता बढ़ाने के लिए रचनात्मक रील भी तैयार कीं।

विजेता प्रतिभागियों का सम्मान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा खेल प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनुज शर्मा, सत्येंद्र नंदोरिया, जिला खेल अधिकारी श्रीमती रुचि शर्मा तथा सीबीएसई जिला युवा समन्वयक श्रीमती श्वेता वेंचरकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों ने सभी विजेताओं को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
लोकगीत प्रतियोगिता
- प्रथम – जेनिथ पब्लिक स्कूल
- द्वितीय – भगत सिंह महाविद्यालय, जावरा
नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता
- प्रथम – साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल
- द्वितीय – संदीपनि विद्यालय, आलोट
- तृतीय – रतलाम पब्लिक स्कूल, रतलाम
नृत्य प्रतियोगिता
- प्रथम – संदीपनि विद्यालय, आलोट
- द्वितीय – भगत सिंह महाविद्यालय, जावरा
कविता पाठ प्रतियोगिता
- प्रथम – कुमारी प्रिया उपाध्याय
- द्वितीय – लीला एल.एम. यादव
- तृतीय – लखन सिंह राठौड़
वाद-विवाद प्रतियोगिता
- प्रथम – निशिक
- द्वितीय – नीलेश पाटीदार
- तृतीय – इरशाद मंसूरी
रील निर्माण प्रतियोगिता
- प्रथम – निकिता परमार
- द्वितीय – रानी जैन
- तृतीय – प्रिया जगताप
नारा लेखन प्रतियोगिता
- प्रथम – कुमारी दिव्यांशी गेहलोत
- द्वितीय – पवन निनामा
- तृतीय – नागेश राठौर
चित्रकला प्रतियोगिता
- प्रथम – हिमांशु सोनी
- द्वितीय – सुनैना नन्दवाल
- तृतीय – डिंपल पवार
युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने न केवल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया बल्कि नशा मुक्ति का संदेश अपने-अपने विद्यालयों और समाज तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
विद्यार्थियों ने कहा कि युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करे तो वह स्वयं के साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा जब देश का प्रत्येक युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा। नशा मुक्त समाज ही आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला बन सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, नवाचार और सामाजिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए तथा अपने साथ-साथ अन्य युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
सभी के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत सौरभ श्रीवास्तव, दुर्गा शंकर मोयल, दुर्गा डामोर, प्रीति चरपोटा, अर्जुन कुमावत एवं शिवम कौशल द्वारा किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक संचालन जितेंद्र धूलिया ने किया। कार्यक्रम के अंत में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर दुर्गा शंकर मोयल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
नशा मुक्त समाज की दिशा में सार्थक पहल
रतलाम के शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास भी रहा। प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरणादायक संबोधनों के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।”
युवाओं की सक्रिय भागीदारी, प्रशासन का सहयोग और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण यह आयोजन निश्चित रूप से जिले में नशा मुक्ति अभियान को नई गति देने वाला साबित होगा तथा आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
