ग्वालियर में मिड-डे मील के चावल में चूहे का मल, किचन में मिला कॉकरोच; 11 नमूने जांच के लिए भेजे — दैनिक स्वराज वाणी
ग्वालियर। सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल खड़े हुए हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्वालियर में भोजन तैयार करने वाली दो केंद्रीकृत रसोई का औचक निरीक्षण किया। एक रसोई के स्टोर में चावल जमीन पर रखे मिले। निरीक्षण के दौरान चावल में चूहे का मल और किचन में कॉकरोच मिलने की जानकारी सामने आई। टीम ने दोनों संस्थाओं से कुल 11 खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
प्रशासन के निर्देश पर हुई जांच
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश और अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया के आदेश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी लोकेन्द्र सिंह, राजेश कुमार गुप्ता, आनंद प्रकाश शर्मा, निरुपमा शर्मा और लखनलाल कोरी शामिल थे। जांच का उद्देश्य स्कूलों के लिए तैयार हो रहे भोजन और खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति देखना था।
टीम ने शिवपुरी लिंक रोड स्थित बालाजी फार्म हाउस में संचालित वर्णिता महिला मंडल की रसोई का निरीक्षण किया। यहां प्रभारी हितेश राय और प्रोपराइटर मंजुला साहू की मौजूदगी में खाद्य सामग्री की जांच की गई। निरीक्षण में स्टोर रूम में सामग्री के उचित भंडारण की कमी पाई गई। चावल फर्श पर फैले हुए थे और उनमें गंदगी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, चावल में चूहे का मल और रसोई में कॉकरोच भी मिला।
पहली संस्था से सात नमूने लिए
वर्णिता महिला मंडल से सूजी का हलवा, आलू-छोले की सब्जी, अरहर की दाल, चावल, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर और जीरे के नमूने लिए गए। कुल सात नमूने जांच के लिए संकलित किए गए। विभाग ने भंडारण और स्वच्छता से जुड़ी अनियमितताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।
दूसरी रसोई से चार नमूने
खाद्य सुरक्षा टीम ने स्टोन पार्क, पुरानी छावनी स्थित श्रीमती सुशीला देवी दीक्षित शिक्षा एवं समाज कल्याण महिला मंडल समिति की रसोई का भी निरीक्षण किया। यहां प्रबंधक अतुल दीक्षित और प्रोपराइटर उपमा दीक्षित की मौजूदगी में जांच की गई। रसोई से आलू-छोले की सब्जी, सूजी का हलवा, रिफाइंड सोयाबीन तेल और लाल मिर्च पाउडर के चार नमूने लिए गए। इस तरह दोनों संस्थाओं से कुल 11 नमूने संकलित हुए।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, दोनों रसोई से लिए गए नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के संबंध में निष्कर्ष सामने आएंगे और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। नमूनों की जांच पूरी होने तक किसी खाद्य पदार्थ को मानक से कम या असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।
बच्चों के लिए तैयार होने वाले भोजन में स्वच्छता और खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण जरूरी है। चावल को जमीन पर रखने और उसमें गंदगी मिलने की स्थिति पर विभाग ने नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट और निरीक्षण में दर्ज तथ्यों के आधार पर संबंधित संस्थाओं से जवाब लिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नमूनों में किसी खाद्य सुरक्षा मानक का उल्लंघन पाया गया है या नहीं।
