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धरती से राष्ट्रीय मंच तक: भीनमाल के शिक्षक डॉ. घनश्याम व्यास को मिला राष्ट्रीय नवाचार शोध अवार्ड

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Published On: 27 September 2026
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भीनमाल के शिक्षक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास को कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय नवाचार शोध अवार्ड से सम्मानित किया गया। शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में उनके कार्यों को सराहा गया।

भीनमाल के शिक्षक डॉ. घनश्याम व्यास को कुरुक्षेत्र में मिला राष्ट्रीय नवाचार शोध अवार्ड

मुकेश सोलंकी

भीनमाल। शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए भीनमाल के शिक्षक डॉ. घनश्याम कुमार व्यास को कुरुक्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय नवाचार शोध संगोष्ठी में ‘राष्ट्रीय नवाचार शोध अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। नेशनल फाउंडेशन फॉर एजुकेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देश के 26 राज्यों से 200 से अधिक नवाचारी शिक्षकों ने सहभागिता की।

डॉ. व्यास राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ भीनमाल के सचिव होने के साथ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वडली नाड़ी, नवापुरा चौपावतन में प्रबोधक हैं। समारोह में उनके शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों की प्रस्तुति भी दी गई।

महिला सशक्तीकरण के लिए 13 वर्षों से प्रयास

डॉ. व्यास पिछले 13 वर्षों से महिला साक्षरता को सिलाई प्रशिक्षण से जोड़कर महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार इस अभियान के माध्यम से हजारों महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सहयोगियों की मदद से 1500 से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गईं।

उन्होंने महाकवि माघ की जन्मभूमि भीनमाल की साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘अखिल भारतीय महाकवि माघ विकास संस्थान’ की स्थापना भी की। राजस्थान संस्कृत अकादमी जयपुर से संबद्ध रहते हुए विभिन्न कवि सम्मेलनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल

डॉ. व्यास के विद्यालय वडली नाड़ी में शिक्षा के साथ पर्यावरण एवं जीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में भामाशाहों के सहयोग से पक्षी घर, ‘कीड़ी नगरी’ तथा पक्षियों के लिए दाना-पानी के सकोरे स्थापित किए गए हैं।

सामाजिक कुरीतियों, साक्षरता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए रैलियों एवं अभियानों का आयोजन भी किया गया। डॉ. व्यास ने सामाजिक विषयों पर आधारित पुस्तकों और पांच हजार से अधिक मार्गदर्शिका पुस्तकों के संपादन से जुड़े कार्य भी किए हैं। महामारी के दौरान जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट, मास्क और सैनिटाइजर पहुंचाने की गतिविधियों में भी उन्होंने सहभागिता की।

देशभर के शिक्षाविदों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के मौलिक शिक्षा विभाग की निदेशक मनिता मलिक (IAS) रहीं। अध्यक्षता अल-फलाह विश्वविद्यालय फरीदाबाद के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय रंगा ने की। कार्यक्रम में एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रभारी प्रो. ब्रह्मजीत सिंह, डीन डॉ. लिली दीवान, कुरुक्षेत्र जिला परिषद अध्यक्ष कंवलजीत कौर, कुरुक्षेत्र DEO विनोद कौशिक और करनाल DEO रोहताश वर्मा सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. घनश्याम कुमार व्यास ने कहा कि यह सम्मान भीनमाल की धरती और महिला सशक्तीकरण की दिशा में संघर्ष करने वाली महिलाओं को समर्पित है।

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