जौरा के गेपरा गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित, बसपा और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर — भीमरतन चौबे, जिला संवाददाता
प्रतिमा को दोबारा स्थापित कराने और घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग; थाना प्रभारी पंकज यादव ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
मुरैना/जौरा। जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम गेपरा में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को कथित रूप से खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी शनिवार, 22 अगस्त 2026 की सुबह मिलने के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। सूचना मिलते ही बहुजन समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद मामले की जानकारी जौरा थाना पुलिस को दी गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जौरा थाना प्रभारी पंकज यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया गया कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रात के समय प्रतिमा खंडित किए जाने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गेपरा में स्थापित डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को रात के समय अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप है। सुबह ग्रामीणों को प्रतिमा खंडित अवस्था में दिखाई दी, जिसके बाद इसकी सूचना तेजी से क्षेत्र में फैल गई।
डॉ. अंबेडकर के अनुयायियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों को जानकारी मिलते ही वे गांव में एकत्र होने लगे। स्थानीय लोगों ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस से जल्द जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की।
फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने से पहले यह स्पष्ट नहीं है कि घटना को किसने और किन परिस्थितियों में अंजाम दिया। ऐसे में पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जानकारी जुटा रही है।
थाना प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ किया घटनास्थल का निरीक्षण
मामले की सूचना जौरा थाना प्रशासन तक पहुंचने के बाद थाना प्रभारी पंकज यादव पुलिस बल के साथ ग्राम गेपरा पहुंचे। पुलिस टीम ने प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा घटना के संबंध में मौजूद लोगों से प्रारंभिक जानकारी ली।
पुलिस ने उपस्थित लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। थाना प्रभारी ने डॉ. अंबेडकर के अनुयायियों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच में घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
बसपा और भीम आर्मी के कार्यकर्ता पहुंचे जौरा थाना
घटनास्थल पर पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद बहुजन समाज पार्टी, भीम आर्मी और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल जौरा थाने पहुंचा। यहां थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की खंडित प्रतिमा को जल्द से जल्द पुनः स्थापित कराया जाए। इसके साथ ही घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा से लोगों की गहरी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए ऐसी घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच जल्द पूरी की जानी चाहिए।
पूर्व विधायक मनीराम धाकड़ के संज्ञान में सौंपा ज्ञापन

बताया गया कि पूर्व विधायक एवं बसपा नेता मनीराम धाकड़ के संज्ञान में प्रतिनिधिमंडल द्वारा थाना प्रभारी पंकज यादव को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में प्रतिमा को पुनः स्थापित कराने के साथ मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई कि मामले में शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
घटना की सूचना के बाद ग्राम गेपरा और जौरा थाने पर बहुजन समाज पार्टी तथा भीम आर्मी से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद टीकाराम गौतम, वरिष्ठ बसपा नेता सोनेराम सोलंकी, वरिष्ठ बसपा नेता विद्याराम प्रजापति, पत्रकार पवन माथुर, भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष अभिषेक अर्गल और ओवैस खरे सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा ग्राम गेपरा के सरपंच देवेंद्र त्यागी और स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से मामले की जांच कर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पुनः स्थापित कराने की मांग
घटना के बाद सबसे प्रमुख मांग प्रतिमा को पुनः स्थापित कराने की सामने आई है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि डॉ. अंबेडकर संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय व्यक्तित्व हैं और उनके प्रति देशभर में सम्मान की भावना है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रतिमा की मरम्मत अथवा नई प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके।
इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की मांग की गई।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी घटना की वास्तविक स्थिति

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के पीछे कौन लोग थे और प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के पीछे क्या कारण था, इस संबंध में अभी आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस द्वारा ग्रामीणों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ घटना से संबंधित अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच किए जाने की बात कही गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और क्षेत्र में शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी पंकज यादव ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
